अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

ऑयल सर्किट ब्रेकर (Oil Circuit Breaker)

तेल सर्किट ब्रेकर, जिसे ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) भी कहते हैं, एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है जो विद्युत चाप (electric arc) को बुझाने के लिए तेल का इस्तेमाल करता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज वाले विद्युत परिपथों में किया जाता है। जब परिपथ में कोई खराबी (जैसे शॉर्ट सर्किट) आती है, तो यह सर्किट को खोल देता है, जिससे दो संपर्कों के बीच एक चाप उत्पन्न होता है। यह तेल इस चाप को ठंडा करने और बुझाने में मदद करता है।

यह कैसे काम करता है?

​जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क तेल के अंदर खुलते हैं, तो चाप पैदा होता है। इस चाप की गर्मी से आसपास का तेल वाष्पीकृत होकर हाइड्रोजन गैस बनाता है। हाइड्रोजन गैस की उच्च तापीय चालकता इस चाप को ठंडा करती है और इसके माध्यम को गैर-आयनित (deionized) कर देती है, जिससे चाप बुझ जाता है। इस तरह, यह सर्किट को सुरक्षित रूप से तोड़ देता है और आगे होने वाले नुकसान से बचाता है।

इसके फायदे और नुकसान

फायदे

  • ​यह उच्च वोल्टेज वाले परिपथों में प्रभावी होता है।
  • ​यह एक अच्छा विद्युतरोधी (insulating) माध्यम प्रदान करता है।
  • ​यह अन्य प्रकार के सर्किट ब्रेकरों की तुलना में सस्ता हो सकता है।

नुकसान

  • ​आग लगने का खतरा रहता है क्योंकि तेल ज्वलनशील होता है।
  • ​इसके रखरखाव की लागत अधिक होती है।
  • ​तेल को समय-समय पर बदलना पड़ता है, क्योंकि चाप के कारण तेल खराब हो जाता है।


सर्किट ब्रेकर में तेल का उपयोग मुख्य रूप से दो उद्देश्यों के लिए किया जाता है:

आर्क को बुझाना और विद्युत रोधन (इंसुलेशन) प्रदान करना

​जब एक सर्किट ब्रेकर किसी फॉल्ट की स्थिति में सर्किट को खोलता है, तो उसके संपर्कों के बीच एक विद्युत चाप (electric arc) उत्पन्न होता है। यह चाप बहुत गर्म होता है और अगर इसे तुरंत न बुझाया जाए तो यह सर्किट ब्रेकर और उपकरण को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। तेल, इस चाप को बुझाने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करता है।

चाप बुझाने की प्रक्रिया

​जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क तेल के अंदर खुलते हैं, तो चाप की अत्यधिक गर्मी से आसपास का तेल तेजी से वाष्पीकृत होता है और हाइड्रोजन गैस, मीथेन, और एसिटिलीन जैसी गैसें बनाता है। इन गैसों का एक बुलबुला बनता है जो चाप को घेर लेता है।

  • शीतलन (Cooling): इन गैसों की, विशेष रूप से हाइड्रोजन गैस की, तापीय चालकता (thermal conductivity) बहुत अधिक होती है। यह चाप से गर्मी को तेजी से अवशोषित करता है, जिससे चाप ठंडा हो जाता है और इसकी प्लाज्मा अवस्था कमजोर हो जाती है।
  • दबाव (Pressure): वाष्पीकरण से उत्पन्न गैसों का दबाव चाप को संकुचित करता है, जिससे इसका प्रतिरोध बढ़ जाता है और यह अस्थिर हो जाता है।
  • विद्युत रोधन (Insulation): चाप के बुझने के बाद, तेल तुरंत दो संपर्कों के बीच के गैप को भर देता है और एक उच्च विद्युत रोधक माध्यम प्रदान करता है, जिससे सर्किट फिर से चालू नहीं हो पाता।

​इस पूरी प्रक्रिया के कारण चाप बहुत जल्दी बुझ जाता है, जिससे सर्किट सुरक्षित रूप से खुल जाता है।

विद्युत रोधन (इंसुलेशन)

​तेल एक उत्कृष्ट विद्युत रोधी माध्यम है। यह सर्किट ब्रेकर के अंदरूनी हिस्सों, जैसे संपर्कों और टैंक के बीच, इंसुलेशन प्रदान करता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उच्च वोल्टेज पर भी करंट लीक न हो।



ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) में तेल का मुख्य कार्य चाप बुझाना (arc quenching) और विद्युत रोधन (insulation) है।

चाप बुझाना

​जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क खुलते हैं, तो उनके बीच एक विद्युत चाप (electric arc) उत्पन्न होता है। यह चाप बहुत गर्म होता है और अगर इसे तुरंत न बुझाया जाए, तो यह सर्किट ब्रेकर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। तेल इस चाप को बुझाने में मदद करता है। जब चाप की गर्मी तेल पर पड़ती है, तो तेल वाष्पीकृत होकर बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन गैस बनाता है। यह हाइड्रोजन गैस चाप को ठंडा करती है और उसे बुझा देती है।

​विद्युत रोधन

​तेल एक उत्कृष्ट विद्युत रोधी (insulator) माध्यम भी है। यह सर्किट ब्रेकर के अंदरूनी हिस्सों, जैसे संपर्कों और टैंक के बीच, विद्युत रोधन प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि उच्च वोल्टेज पर भी करंट लीक न हो।



ऑयल सर्किट ब्रेकर में तेल के दो मुख्य उद्देश्य विद्युत चाप (electric arc) को बुझाना और विद्युत रोधन (insulation) प्रदान करना है।

​1. चाप को बुझाना (Arc Quenching)

​जब सर्किट ब्रेकर में कोई खराबी आती है और वह सर्किट को खोलता है, तो उसके संपर्कों के बीच एक विद्युत चाप उत्पन्न होता है। यह चाप बहुत गर्म होता है और अगर इसे तुरंत न बुझाया जाए तो यह सर्किट ब्रेकर और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकता है। तेल इस चाप को बुझाने में मदद करता है। जब चाप की गर्मी तेल पर पड़ती है, तो तेल वाष्पीकृत होकर हाइड्रोजन गैस बनाता है। यह गैस चाप को ठंडा करती है और उसे बुझा देती है।

​2. विद्युत रोधन (Insulation)

​तेल एक बहुत अच्छा विद्युत रोधी माध्यम है। यह सर्किट ब्रेकर के अंदरूनी हिस्सों, जैसे संपर्कों और टैंक के बीच, विद्युत रोधन प्रदान करता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उच्च वोल्टेज पर भी करंट लीक न हो।



ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) में शमन माध्यम के रूप में तेल का उपयोग करने के कई मुख्य लाभ हैं:

  • उच्च विद्युत रोधन क्षमता: तेल में बहुत अच्छी विद्युत रोधी गुण होते हैं। यह सर्किट ब्रेकर के संपर्कों और अन्य लाइव (सक्रिय) भागों को टैंक के ग्राउंडेड (earth) भागों से अलग रखने में मदद करता है। यह उच्च वोल्टेज वाले अनुप्रयोगों के लिए इसे बहुत प्रभावी बनाता है।
  • प्रभावी चाप बुझाना: तेल चाप बुझाने का एक उत्कृष्ट माध्यम है। जब चाप उत्पन्न होता है, तो इसकी गर्मी के कारण तेल तेजी से वाष्पीकृत हो जाता है और हाइड्रोजन गैस बनाता है। इस गैस में बहुत अधिक तापीय चालकता (thermal conductivity) होती है, जो चाप से गर्मी को तेजी से अवशोषित करती है और उसे ठंडा करके बुझा देती है।
  • उत्कृष्ट शीतलन गुण: तेल न केवल चाप को बुझाता है, बल्कि यह संपर्कों को भी ठंडा रखता है। चाप के कारण उत्पन्न होने वाली गर्मी को अवशोषित करके, यह संपर्कों को अत्यधिक गर्म होने और क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।
  • कम लागत: अन्य उच्च प्रदर्शन वाले शमन माध्यमों, जैसे SF6 गैस, की तुलना में तेल सर्किट ब्रेकर आमतौर पर अधिक किफायती होते हैं।

इन लाभों के कारण, 

तेल सर्किट ब्रेकर का उपयोग लंबे समय से उच्च वोल्टेज वाले विद्युत प्रणालियों में किया जा रहा है, हालांकि सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण अब SF6 जैसे आधुनिक विकल्पों का उपयोग बढ़ रहा है।


बल्क ऑयल सर्किट ब्रेकर (BOCB) का निर्माण एक बड़े, सीलबंद स्टील टैंक का उपयोग करके किया जाता है, जो तेल से भरा होता है। इसके अंदर मुख्य संपर्क (main contacts), आर्क संपर्क (arcing contacts) और एक चाप बुझाने वाला कक्ष (arc extinguishing chamber) होता है।

निर्माण और संरचना

  1. स्टील टैंक (Steel Tank): यह एक बड़ा, मजबूत, ग्राउंडेड (grounded) स्टील का कंटेनर होता है जो सर्किट ब्रेकर के सभी आंतरिक घटकों को रखता है। यह तेल से भरा होता है।
  2. तेल (Oil): टैंक में भरा हुआ तेल दोहरे कार्य करता है: यह चाप बुझाने वाला माध्यम है और विद्युत रोधक (insulator) भी है।
  3. स्थिर संपर्क (Fixed Contacts): ये टैंक के अंदर स्थित होते हैं और सिरेमिक या अन्य विद्युत रोधक बुशिंग (bushing) के माध्यम से बाहरी परिपथ से जुड़े होते हैं।
  4. चल संपर्क (Moving Contacts): ये संपर्क एक ऑपरेटिंग मैकेनिज्म (operating mechanism) से जुड़े होते हैं जो इन्हें स्थिर संपर्कों से दूर ले जाता है, जिससे सर्किट खुलता है।
  5. आर्क बुझाने वाला कक्ष (Arc Extinguishing Chamber): ये कक्ष स्थिर और चल संपर्कों के चारों ओर लगे होते हैं। जब संपर्क खुलते हैं, तो चाप इस कक्ष के अंदर उत्पन्न होता है। कक्ष के अंदर का दबाव और संरचना तेल को चाप की ओर निर्देशित करती है, जिससे चाप बुझने की प्रक्रिया तेज होती है।
  6. गैस वेंट (Gas Vent): चाप बुझने के दौरान उत्पन्न होने वाली गैसों को बाहर निकालने के लिए एक वेंट होता है। यह टैंक के अंदर अत्यधिक दबाव बनने से रोकता है।



तेल एक महत्वपूर्ण पदार्थ है जिसके कई फायदे हैं, जिसकी वजह से इसे पसंद किया जाता है। यहाँ कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं:

  • खाना पकाने में: तेल का उपयोग खाना पकाने में सबसे ज़्यादा होता है। यह खाने को तलने, भूनने और पकाने में मदद करता है। तेल से खाने का स्वाद बढ़ता है और वह ज़्यादा स्वादिष्ट लगता है।
  • ऊर्जा का स्रोत: तेल में बहुत ज़्यादा कैलोरी होती है, जो शरीर को ऊर्जा देती है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिन्हें ज़्यादा शारीरिक काम करना होता है।
  • पोषक तत्व: कुछ तेल, जैसे कि जैतून का तेल और नारियल का तेल, में स्वस्थ फैट और विटामिन E जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं।
  • त्वचा और बालों की देखभाल: तेल का उपयोग त्वचा और बालों को पोषण देने और उन्हें मुलायम बनाने के लिए भी किया जाता है। यह प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र का काम करता है।
  • औद्योगिक उपयोग: तेल का उपयोग सिर्फ़ खाने में ही नहीं, बल्कि साबुन, पेंट और स्नेहक (lubricants) जैसे औद्योगिक उत्पादों को बनाने में भी होता है।

​कुल मिलाकर, तेल अपने कई उपयोगों और फायदों की वजह से हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCB) एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है जो विद्युत सर्किट को चालू और बंद करने के लिए तेल का उपयोग करता है। यह मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज वाले सिस्टम में उपयोग होता है। यहाँ इसके कुछ मुख्य बिंदु दिए गए हैं:

तेल सर्किट ब्रेकर क्या है?

​तेल सर्किट ब्रेकर एक ऐसा उपकरण है जो विद्युत प्रवाह को तोड़ने और नियंत्रित करने के लिए तेल का उपयोग करता है। जब सर्किट में कोई खराबी आती है, तो यह ब्रेकर स्वचालित रूप से काम करता है और सर्किट को खोल देता है, जिससे उपकरण और सिस्टम सुरक्षित रहते हैं।

तेल सर्किट ब्रेकर में मुख्य भाग

  • स्थिर और गतिशील संपर्क (Fixed and Moving Contacts): ये ब्रेकर के मुख्य भाग हैं जो विद्युत प्रवाह को जोड़ते और तोड़ते हैं।
  • इंसुलेटिंग ऑयल (Insulating Oil): यह तेल सर्किट को तोड़ने के दौरान उत्पन्न होने वाली चिंगारी (आर्क) को बुझाता है और ब्रेकर को ठंडा रखता है।
  • चैम्बर (Chamber): यह वह जगह है जहाँ तेल और संपर्क स्थित होते हैं। यह सर्किट ब्रेकर को बंद करने और खोलने में मदद करता है।
  • ऑपरेटिंग मैकेनिज्म (Operating Mechanism): यह ब्रेकर को मैन्युअल या स्वचालित रूप से चालू और बंद करने के लिए काम करता है।

तेल सर्किट ब्रेकर के फायदे और नुकसान

फायदे:

  • ​यह उच्च वोल्टेज सर्किट में अच्छा प्रदर्शन करता है।
  • ​यह आर्क को बुझाने में बहुत प्रभावी है।
  • ​इसका डिज़ाइन काफी सरल और मजबूत होता है।

नुकसान:

  • ​तेल ज्वलनशील होता है, जिससे आग लगने का खतरा होता है।
  • ​इसे लगातार रखरखाव की जरूरत होती है।
  • ​यह पर्यावरण के लिए उतना सुरक्षित नहीं होता जितना कि अन्य प्रकार के ब्रेकर।

तेल सर्किट ब्रेकर का उपयोग कहाँ होता है?

​तेल सर्किट ब्रेकर का उपयोग मुख्य रूप से पावर स्टेशनों, सबस्टेशनों और बड़े औद्योगिक संयंत्रों में होता है, जहाँ बहुत अधिक विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है। आज कल इसके बजाय SF6 (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) और वैक्यूम सर्किट ब्रेकर का उपयोग अधिक होता है, क्योंकि वे ज्यादा सुरक्षित और रखरखाव में आसान होते हैं।

​क्या आप तेल सर्किट ब्रेकर के रखरखाव के बारे में और जानना चाहेंगे?



ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) में कार्बन जमा तब बनता है जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क (contacts) के बीच उत्पन्न होने वाली चिंगारी (arc) से तेल जलता है। इस प्रक्रिया को कार्बनाइजेशन कहा जाता है, जिससे तेल की गुणवत्ता कम हो जाती है। यह कार्बन जमा एक काला, कीचड़ जैसा पदार्थ होता है जो तेल में मिल जाता है और ब्रेकर के इंसुलेशन और कार्य क्षमता को प्रभावित करता है।

कार्बन जमा के नुकसान

  • कम डाइइलेक्ट्रिक क्षमता (Dielectric Strength): तेल की डाइइलेक्ट्रिक क्षमता कम होने से उसकी इंसुलेटिंग (अवरोधन) क्षमता घट जाती है, जिससे शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
  • घर्षण (Friction): कार्बन कण ब्रेकर के हिस्सों में घर्षण पैदा कर सकते हैं, जिससे मैकेनिकल डैमेज हो सकता है।
  • ओवरहीटिंग (Overheating): जमा हुए कार्बन के कारण प्रतिरोध (resistance) बढ़ सकता है, जिससे ब्रेकर में ज़्यादा गर्मी पैदा होती है।

सफाई प्रक्रिया

​कार्बन जमा को हटाने और ब्रेकर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव आवश्यक है। सफाई की प्रक्रिया में आमतौर पर निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  1. बिजली बंद करना: सबसे पहले, ब्रेकर को बिजली के स्रोत से पूरी तरह से अलग कर दिया जाता है ताकि काम करते समय कोई दुर्घटना न हो।
  2. तेल निकालना: ब्रेकर के टैंक से सारा पुराना और दूषित तेल निकाल दिया जाता है।
  3. सफाई: ब्रेकर के सभी आंतरिक हिस्सों, जैसे कि संपर्क (contacts), इंसुलेटर (insulators) और टैंक को सावधानीपूर्वक साफ किया जाता है। इसके लिए एक साफ और सूखे कपड़े का उपयोग किया जाता है। यदि कार्बन बहुत कठोर हो तो विशेष क्लीनिंग एजेंट्स (cleaning agents) का भी उपयोग किया जा सकता है।
  4. निरीक्षण और मरम्मत: सभी हिस्सों का ध्यानपूर्वक निरीक्षण किया जाता है।  यदि संपर्क बहुत ज़्यादा जले हुए या खराब हो चुके हों, तो उन्हें बदलना ज़रूरी होता है।
  5. नया तेल भरना: सफाई और मरम्मत के बाद, ब्रेकर को एक नए, साफ और उच्च गुणवत्ता वाले इंसुलेटिंग तेल से भरा जाता है।

​यह पूरी प्रक्रिया ब्रेकर के सुरक्षित और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करती है।


ओसीबी (तेल सर्किट ब्रेकर) के लिए अच्छे इंसुलेटिंग तेल (विद्युतरोधी तेल) में कुछ विशेष गुण होने चाहिए ताकि यह ठीक से काम कर सके और सर्किट ब्रेकर को सुरक्षित रखे। यहाँ इसके मुख्य गुण दिए गए हैं:

​1. उच्च डाइइलेक्ट्रिक शक्ति (High Dielectric Strength)

​तेल की डाइइलेक्ट्रिक शक्ति या पराविद्युत सामर्थ्य उसकी इंसुलेटिंग क्षमता को दर्शाती है। अच्छे तेल में यह क्षमता बहुत ज़्यादा होनी चाहिए ताकि वह उच्च वोल्टेज का सामना कर सके और करंट को लीक होने से रोक सके। डाइइलेक्ट्रिक शक्ति को किलोवोल्ट (kV) में मापा जाता है।

​2. कम श्यानता (Low Viscosity)

​श्यानता (गाढ़ापन) कम होने से तेल आसानी से घूम सकता है और ब्रेकर के सभी हिस्सों में पहुँच सकता है। कम श्यानता से तेल बेहतर गर्मी निकाल पाता है, जिससे ब्रेकर ठंडा रहता है।

​3. उच्च फ्लैश पॉइंट (High Flash Point)

फ्लैश पॉइंट वह न्यूनतम तापमान है जिस पर तेल वाष्प बनना शुरू हो जाता है और आग पकड़ सकता है। इंसुलेटिंग तेल का फ्लैश पॉइंट बहुत ज़्यादा होना चाहिए ताकि ब्रेकर के अंदर ज़्यादा गर्मी होने पर भी आग लगने का खतरा कम हो।

​4. नमी से मुक्त (Moisture-Free)

​तेल में नमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह इसकी डाइइलेक्ट्रिक शक्ति को बहुत कम कर देती है। नमी की वजह से तेल की इंसुलेटिंग क्षमता घट जाती है, जिससे शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

​5. रासायनिक स्थिरता (Chemical Stability)

​तेल रासायनिक रूप से स्थिर होना चाहिए। यह समय के साथ या उच्च तापमान पर भी विघटित नहीं होना चाहिए। कार्बनीकरण या ऑक्सीकरण से बचना ज़रूरी है, क्योंकि इससे तेल में कार्बन जमा हो सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है।

​ये गुण यह सुनिश्चित करते हैं कि ओसीबी में इंसुलेटिंग तेल अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाए, यानी आर्क को बुझाए और ब्रेकर को इंसुलेट करे।



ओसीबी (तेल सर्किट ब्रेकर) में प्रयुक्त तेल में नमी की थोड़ी सी मात्रा भी इसकी कार्यक्षमता पर गंभीर प्रभाव डालती है। नमी की वजह से तेल की इंसुलेटिंग (विद्युतरोधी) क्षमता बहुत कम हो जाती है, जिससे शॉर्ट-सर्किट और ब्रेकर की विफलता का खतरा बढ़ जाता है।

नमी के प्रभाव

  • डाइइलेक्ट्रिक शक्ति में कमी: तेल का सबसे महत्वपूर्ण गुण उसकी उच्च डाइइलेक्ट्रिक शक्ति है। नमी के कण इस शक्ति को कम कर देते हैं, जिससे तेल उच्च वोल्टेज का प्रतिरोध नहीं कर पाता है और बिजली का रिसाव (leakage) हो सकता है।
  • आर्किंग और फ्लैशओवर: नमी की मौजूदगी में, ब्रेकर के संपर्क (contacts) के बीच आर्क (चिंगारी) बुझ नहीं पाती है, जिससे फ्लैशओवर हो सकता है। इससे उपकरण को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
  • अम्लीयता में वृद्धि: नमी की वजह से तेल में एसिड बनने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है। यह एसिड ब्रेकर के धातुओं और इंसुलेशन को खराब कर सकता है, जिससे ब्रेकर की उम्र कम हो जाती है।
  • जंग लगना: तेल में नमी होने से धातु के हिस्सों पर जंग लग सकता है, जो ब्रेकर की यांत्रिक (mechanical) कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।
  • कार्बन जमा: नमी की उपस्थिति में, तेल का कार्बनीकरण बढ़ जाता है, जिससे कार्बन जमा होता है जो तेल की गुणवत्ता को और भी खराब कर देता है।

​ये सभी कारक मिलकर ब्रेकर को असुरक्षित बनाते हैं और इसकी कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। इसलिए, नियमित रूप से तेल में नमी की जाँच करना और उसे साफ रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

​इस वीडियो में OCD (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) के बारे में बताया गया है, जो एक मानसिक बीमारी है और इसका संबंध ओसीबी (तेल सर्किट ब्रेकर) के विषय से नहीं है।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCB) संचालन में दो सामान्य दोष निम्नलिखित हैं:

​1. तेल में कार्बन जमा होना (Carbonization of Oil)

​यह सबसे आम दोषों में से एक है। जब ब्रेकर के संपर्क (contacts) के बीच आर्क (चिंगारी) उत्पन्न होती है, तो यह तेल को जलाकर कार्बन कण पैदा करती है। ये कण तेल में मिल जाते हैं, जिससे तेल का रंग काला हो जाता है।

प्रभाव:

  • ​तेल की इंसुलेटिंग क्षमता (dielectric strength) कम हो जाती है।
  • ​ब्रेकर के अंदर गर्मी बढ़ जाती है, जिससे आग लगने का खतरा हो सकता है।
  • ​इससे ब्रेकर के संपर्क और अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

​2. नमी की उपस्थिति (Moisture in Oil)

​यह एक और गंभीर दोष है। नमी तेल की इंसुलेटिंग क्षमता को बहुत कम कर देती है। यह नमी हवा से या अनुचित रखरखाव के कारण तेल में मिल सकती है।

प्रभाव:

  • ​नमी की वजह से तेल की डाइइलेक्ट्रिक शक्ति में भारी गिरावट आती है, जिससे शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
  • ​नमी के कारण तेल में एसिड बन सकता है, जो ब्रेकर के हिस्सों को खराब कर सकता है।
  • ​नमी के कारण फ्लैशओवर (flashover) होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे उपकरण को गंभीर नुकसान हो सकता है।



सर्किट ब्रेकर में इस्तेमाल होने वाले ट्रांसफार्मर तेल की परावैद्युत शक्ति (dielectric strength) उसके विद्युत अवरोधक (insulating) गुण को दर्शाती है। यह मापता है कि तेल बिना खराब हुए या विद्युत रिसाव (electrical breakdown) के कितना उच्च वोल्टेज झेल सकता है।

परावैद्युत शक्ति का महत्व

​परावैद्युत शक्ति ट्रांसफार्मर तेल का सबसे महत्वपूर्ण गुण है क्योंकि यह दो मुख्य कार्य करता है:

  • आर्क (चिंगारी) को बुझाना: जब सर्किट ब्रेकर सर्किट को तोड़ता है, तो संपर्कों (contacts) के बीच एक आर्क उत्पन्न होती है। तेल इस आर्क को तुरंत बुझाने में मदद करता है।
  • इंसुलेशन प्रदान करना: यह ब्रेकर के अंदर के हिस्सों को एक-दूसरे से और टैंक से इंसुलेट करता है, जिससे शॉर्ट-सर्किट नहीं होता।

सामान्य मान

​नए और साफ ट्रांसफार्मर तेल के लिए, परावैद्युत शक्ति का मानक न्यूनतम मान आमतौर पर 30 किलोवोल्ट (kV) होता है। हालांकि, उच्च-वोल्टेज अनुप्रयोगों के लिए यह मान 50-70 kV/mm तक हो सकता है।

प्रभावित करने वाले कारक

​तेल की परावैद्युत शक्ति समय के साथ और कई कारकों के कारण कम हो जाती है, जिनमें शामिल हैं:

  • नमी (Moisture): तेल में नमी का प्रवेश इसकी इंसुलेटिंग क्षमता को बहुत कम कर देता है।
  • प्रदूषक (Contaminants): धूल, गंदगी और कार्बन के कण भी डाइइलेक्ट्रिक शक्ति को कम करते हैं।
  • तापमान: उच्च तापमान तेल के गुणों को प्रभावित कर सकता है।


ओसीबी (तेल सर्किट ब्रेकर) और SF6 (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) सर्किट ब्रेकर दोनों ही विद्युत सर्किट को तोड़ने और नियंत्रित करने के लिए उपयोग होते हैं, लेकिन वे अपने संचालन माध्यम, फायदे और नुकसान में बहुत अलग हैं।

संचालन माध्यम

  • OCB: इसमें एक विद्युतरोधी तेल का उपयोग आर्क (चिंगारी) बुझाने और इंसुलेशन के लिए किया जाता है। जब ब्रेकर के संपर्क अलग होते हैं, तो उत्पन्न होने वाली चिंगारी तेल को वाष्पित कर देती है, जिससे गैस का एक बुलबुला बनता है जो आर्क को ठंडा करता है और बुझाता है।
  • SF6 ब्रेकर: इसमें सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF6) गैस का उपयोग किया जाता है। यह गैस हवा की तुलना में 100 गुना अधिक प्रभावी ढंग से आर्क को बुझाती है और इसकी डाइइलेक्ट्रिक शक्ति भी बहुत अधिक होती है। यह गैस चिंगारी से निकलने वाले मुक्त इलेक्ट्रॉनों को अवशोषित कर लेती है, जिससे आर्क बुझ जाती है।

फायदे और नुकसान

आजकल, SF6 सर्किट ब्रेकर उनकी बेहतर कार्यक्षमता, कम रखरखाव और कॉम्पैक्ट डिज़ाइन के कारण OCB की जगह ले रहे हैं। हालाँकि, SF6 के पर्यावरणीय प्रभाव के कारण, इसके विकल्प जैसे कि वैक्यूम सर्किट ब्रेकर का भी उपयोग बढ़ रहा है।



ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) और एयर सर्किट ब्रेकर (एसीबी) दोनों ही विद्युत सर्किट को सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन वे अपने डिज़ाइन, संचालन और उपयोग के क्षेत्र में बहुत भिन्न होते हैं। यहाँ इन दोनों के बीच मुख्य अंतर की तुलना दी गई है:

संचालन माध्यम

  • OCB: यह ब्रेकर इंसुलेटिंग तेल का उपयोग करता है। जब ब्रेकर के संपर्क (contacts) अलग होते हैं, तो उत्पन्न होने वाली चिंगारी (arc) तेल में बुझ जाती है। तेल चिंगारी को ठंडा करने और इंसुलेशन प्रदान करने का काम करता है।

  • ACB: यह ब्रेकर वायु (हवा) को आर्क बुझाने के माध्यम के रूप में उपयोग करता है। चिंगारी को बुझाने के लिए, यह एक शक्तिशाली हवा का झोंका (air blast) या चुंबकीय बल (magnetic field) का उपयोग करता है, जो आर्क को फैलाता है और ठंडा करता है।

उपयोग का वोल्टेज स्तर

  • OCB: ऐतिहासिक रूप से, ओसीबी का उपयोग उच्च और मध्यम वोल्टेज अनुप्रयोगों (जैसे 33kV और उससे अधिक) में किया जाता था।
  • ACB: एसीबी का उपयोग मुख्य रूप से कम वोल्टेज अनुप्रयोगों (जैसे 450V से कम) में होता है, खासकर औद्योगिक और वाणिज्यिक सेटिंग्स में।

सुरक्षा और जोखिम

  • OCB: तेल ज्वलनशील होता है, जिससे आग लगने का खतरा होता है। तेल के गर्म होने या रिसाव होने पर सुरक्षा जोखिम बढ़ जाते हैं।

  • ACB: चूंकि इसमें तेल का उपयोग नहीं होता, इसलिए आग लगने का कोई खतरा नहीं होता। यह ओसीबी की तुलना में सुरक्षित माना जाता है।

रखरखाव

  • OCB: इसे नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है, जिसमें तेल की गुणवत्ता की जाँच, नमी और कार्बन जमा की सफाई, और तेल को बदलना शामिल है।
  • ACB: एसीबी में रखरखाव कम होता है। इसके पुर्जे आसानी से सुलभ होते हैं, और इसमें तेल या गैस की जाँच की आवश्यकता नहीं होती।

पर्यावरणीय प्रभाव

  • OCB: तेल का रिसाव होने पर यह पर्यावरण को प्रदूषित कर सकता है।
  • ACB: यह पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है क्योंकि इसमें तेल या किसी ग्रीनहाउस गैस का उपयोग नहीं होता।

आकार और डिज़ाइन

  • OCB: ये ब्रेकर आमतौर पर बड़े और भारी होते हैं क्योंकि उनमें तेल के लिए बड़ा टैंक होता है।
  • ACB: ये तुलनात्मक रूप से हल्के और कॉम्पैक्ट होते हैं, जिससे इन्हें पैनलों और स्विचबोर्ड में लगाना आसान होता है।

संक्षेप में,

ओसीबी एक पुरानी तकनीक है जो अपनी उच्च वोल्टेज क्षमताओं के लिए जानी जाती थी, लेकिन इसके जोखिम और रखरखाव की आवश्यकता के कारण, इसे अब मुख्य रूप से एसीबी (कम वोल्टेज के लिए) और SF6 (उच्च वोल्टेज के लिए) जैसे आधुनिक ब्रेकरों से बदला जा रहा है।



OCB (तेल सर्किट ब्रेकर) का संचालन और रखरखाव करते समय कई सुरक्षा सावधानियों का पालन करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इसमें ज्वलनशील तेल का उपयोग होता है। इन सावधानियों का उद्देश्य आग, विस्फोट और बिजली के झटके के जोखिम को कम करना है।

​यहाँ कुछ आवश्यक सुरक्षा सावधानियाँ दी गई हैं:

​1. संचालन से पहले की जाँच

  • तेल का स्तर और गुणवत्ता: सुनिश्चित करें कि ब्रेकर में तेल का स्तर सही है (न तो बहुत अधिक और न ही बहुत कम)। तेल की गुणवत्ता की नियमित रूप से जाँच करें। यदि तेल में नमी या कार्बन के कण हैं, तो इसकी डाइइलेक्ट्रिक शक्ति कम हो जाती है, जिससे चिंगारी बुझाने की क्षमता प्रभावित होती है।
  • ब्रेकर की स्थिति: ब्रेकर के बाहरी हिस्से की जाँच करें कि कहीं कोई रिसाव, क्षति या असामान्य स्थिति तो नहीं है। ढीले कनेक्शन या क्षतिग्रस्त इन्सुलेटरों को तुरंत ठीक करें।
  • ऑपरेटिंग मैकेनिज्म: सुनिश्चित करें कि ब्रेकर का ऑपरेटिंग मैकेनिज्म (जैसे स्प्रिंग-चार्ज मैकेनिज्म) ठीक से काम कर रहा है।

​2. संचालन के दौरान

  • अनुभवी व्यक्ति: ओसीबी का संचालन केवल प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
  • PPE का उपयोग: संचालन करते समय, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) जैसे इन्सुलेटेड दस्ताने, सुरक्षा चश्मे और अग्निरोधी कपड़े पहनना अनिवार्य है।
  • सुरक्षित दूरी: ब्रेकर के ऑपरेशन के दौरान एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जब ब्रेकर चालू या बंद होता है तो तेल में दबाव बढ़ सकता है, जिससे तेल या गैस के छींटे बाहर आ सकते हैं।
  • विस्फोट का जोखिम: यदि ब्रेकर में कोई खराबी है, जैसे कि गैस का अत्यधिक जमाव, तो विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में, ब्रेकर को तुरंत सेवा से बाहर कर देना चाहिए और उसकी जाँच करनी चाहिए।

​3. रखरखाव के दौरान

  • पॉवर को बंद करें (LOTO): रखरखाव या मरम्मत का कोई भी काम शुरू करने से पहले, ब्रेकर को पूरी तरह से डी-एनर्जाइज करें और उसे "लॉक आउट, टैग आउट" (LOTO) प्रक्रिया के तहत सुरक्षित करें। इसका मतलब है कि ब्रेकर को बंद करके लॉक कर दें और उस पर एक टैग लगा दें, ताकि कोई गलती से उसे चालू न कर दे।
  • तेल का निपटान: ओसीबी से निकाले गए पुराने तेल का निपटान पर्यावरणीय नियमों के अनुसार करें, क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है।
  • संपर्कों की जाँच: ब्रेकर के संपर्कों (contacts) को नियमित रूप से जाँचें और साफ करें। चिंगारी के कारण संपर्कों पर कार्बन जमा हो सकता है, जिससे वे खराब हो जाते हैं।
  • आग से बचाव: ओसीबी के पास आग बुझाने के उपकरण (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) या फोम वाले) हमेशा उपलब्ध होने चाहिए।

​इन सभी सुरक्षा सावधानियों का पालन करके, आप ओसीबी के संचालन और रखरखाव से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।



तेल सर्किट ब्रेकरों (OCB) को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम करने के लिए नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है। सही रखरखाव के बिना, ब्रेकर की कार्यक्षमता कम हो जाती है और विफल होने का खतरा बढ़ जाता है। यहाँ ओसीबी के रखरखाव की कुछ मुख्य आवश्यकताएं दी गई हैं:

​1. तेल का नियमित परीक्षण

​तेल का परीक्षण ओसीबी के रखरखाव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • डाइइलेक्ट्रिक शक्ति परीक्षण: यह जाँचने के लिए किया जाता है कि तेल की विद्युत अवरोधक क्षमता (insulating property) बरकरार है या नहीं। यदि यह क्षमता कम हो जाती है, तो तेल को बदलना या फ़िल्टर करना आवश्यक हो जाता है।
  • नमी सामग्री परीक्षण: तेल में नमी की मात्रा उसकी डाइइलेक्ट्रिक शक्ति को कम कर देती है। नमी की जाँच करके यह सुनिश्चित किया जाता है कि तेल में कोई पानी नहीं है।
  • अम्लता (Acidity) परीक्षण: तेल में एसिड की मात्रा बढ़ने से ब्रेकर के धातु के हिस्सों को नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए, समय-समय पर अम्लता की जाँच करना ज़रूरी है।

​2. संपर्कों का निरीक्षण

​जब भी ब्रेकर ट्रिप होता है, तो उसके संपर्क (contacts) पर चिंगारी (arc) से जलने के निशान बन सकते हैं, जिससे कार्बन जमा हो सकता है।

  • जाँच और सफाई: ब्रेकर के संपर्कों को खोलकर नियमित रूप से उनकी जाँच करें। यदि वे बहुत ज़्यादा जले हुए हैं या उन पर कार्बन जमा हो गया है, तो उन्हें साफ किया जाना चाहिए।
  • बदलाव: यदि संपर्क बहुत ज़्यादा खराब हो गए हैं, तो उन्हें नए संपर्कों से बदलना आवश्यक है।

​3. मैकेनिकल सिस्टम की जाँच

  • ऑपरेटिंग मैकेनिज्म: ब्रेकर के संचालन तंत्र (जैसे स्प्रिंग या हाइड्रोलिक मैकेनिज्म) का निरीक्षण करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह सुचारू रूप से काम कर रहा है।
  • घिसावट: सभी चलती हुई भागों में घिसावट की जाँच करें और यदि आवश्यक हो, तो उन्हें चिकनाई दें (lubricate)।

​4. सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण

  • प्रेशर रिलीफ वॉल्व: जाँच करें कि प्रेशर रिलीफ वॉल्व ठीक से काम कर रहा है। यह वॉल्व ब्रेकर के अंदर दबाव बहुत ज़्यादा बढ़ने पर उसे नियंत्रित करता है।
  • गैस का विश्लेषण: ब्रेकर के अंदर जमा हुई गैस का विश्लेषण करना भी ज़रूरी है, क्योंकि यह तेल के विघटन (decomposition) का संकेत दे सकता है।

​5. ब्रेकर के बाहरी हिस्से की सफाई

  • पोरसेलिन इंसुलेटर: ब्रेकर के बाहरी हिस्से पर लगे चीनी मिट्टी (पोरसेलिन) के इंसुलेटरों को धूल और गंदगी से मुक्त रखना चाहिए ताकि शॉर्ट-सर्किट का खतरा कम हो।

​इन रखरखाव आवश्यकताओं का पालन करके, एक ओसीबी की आयु को बढ़ाया जा सकता है और उसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है।



ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता की जांच करने के लिए कई तरह के परीक्षण किए जाते हैं। ये परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए होते हैं कि तेल में अभी भी उच्च डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ (विद्युतरोधी शक्ति) है और वह अपना कार्य ठीक से कर सकता है।

​प्रमुख परीक्षण

  • डाइइलेक्ट्रिक ब्रेकडाउन वोल्टेज (BDV) टेस्ट: यह सबसे महत्वपूर्ण परीक्षण है। यह तेल की विद्युतरोधी क्षमता को मापता है। यह देखने के लिए किया जाता है कि कितने वोल्टेज पर तेल विद्युत का चालन करना शुरू कर देता है। समय के साथ, तेल में नमी और कार्बन कणों के कारण यह क्षमता कम हो जाती है।
  • जल सामग्री (Water Content): तेल में नमी या पानी की मात्रा का पता लगाने के लिए यह परीक्षण किया जाता है। पानी की मौजूदगी तेल की डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ को बहुत कम कर देती है।
  • अम्लता (Acidity) या न्यूट्रलाइजेशन नंबर: यह परीक्षण तेल में मौजूद अम्लीय यौगिकों की मात्रा को निर्धारित करता है। तेल में अम्लता बढ़ने से तेल का रंग गहरा हो जाता है और यह सर्किट ब्रेकर के आंतरिक घटकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • रंग और दृश्य स्थिति (Color and Visual Condition): इस परीक्षण में तेल के रंग और स्पष्टता की जांच की जाती है। यदि तेल का रंग गहरा हो गया है या उसमें तलछट (sludge) या कार्बन कण दिखाई दे रहे हैं, तो इसका मतलब है कि तेल खराब हो रहा है।
  • पावर फैक्टर (Power Factor): यह परीक्षण तेल के विद्युत नुकसान (electrical losses) को मापता है। यदि पावर फैक्टर बढ़ जाता है, तो यह तेल के खराब होने का संकेत देता है।
  • इंटरफेशियल टेंशन (Interfacial Tension): यह परीक्षण तेल की गुणवत्ता का एक और संकेतक है। तेल में ऑक्सीकरण उत्पादों (oxidation products) के बनने से यह मान कम हो जाता है।

​ये सभी परीक्षण यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि OCB का तेल सही स्थिति में है और सर्किट ब्रेकर बिना किसी समस्या के काम कर रहा है।


आउटडोर सबस्टेशनों के लिए, SF6 (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) सर्किट ब्रेकर को ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) की तुलना में अधिक उपयुक्त माना जाता है। हालांकि OCB का उपयोग ऐतिहासिक रूप से आउटडोर सबस्टेशनों में किया गया है, SF6 ब्रेकर आधुनिक उच्च वोल्टेज प्रणालियों के लिए बेहतर विकल्प हैं।

​SF6 सर्किट ब्रेकर के फायदे:

  • बेहतर आर्क क्वेंचिंग: SF6 गैस में उत्कृष्ट विद्युतरोधी और आर्क शमन गुण होते हैं, जो इसे उच्च वोल्टेज के लिए बहुत प्रभावी बनाते हैं। यह चाप (arc) को तेजी से बुझाता है, जिससे सर्किट ब्रेकर को कम नुकसान होता है।
  • कम रखरखाव: SF6 ब्रेकर की संरचना सरल होती है और इसे कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।
  • छोटी जगह: SF6 ब्रेकर कॉम्पैक्ट होते हैं और कम जगह घेरते हैं, जो शहरी क्षेत्रों में सबस्टेशन के लिए फायदेमंद है।
  • सुरक्षा: SF6 गैस गैर-ज्वलनशील होती है, जिससे आग या विस्फोट का खतरा कम होता है।

​ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) के नुकसान:

  • रखरखाव: OCB को नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है, क्योंकि चाप के कारण तेल में कार्बन जमा हो जाता है, जिससे उसकी डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ कम हो जाती है।
  • आग का खतरा: तेल ज्वलनशील होता है, जिससे आग लगने का खतरा होता है।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: तेल का रिसाव पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है।

​संक्षेप में, 

SF6 सर्किट ब्रेकर प्रदर्शन, विश्वसनीयता और सुरक्षा के मामले में OCB से बेहतर हैं, खासकर उच्च वोल्टेज आउटडोर सबस्टेशनों में।


तेल सर्किट ब्रेकर (Oil Circuit Breaker) की विशिष्ट रेटिंग रेंज व्यापक होती है, जो उनके प्रकार और अनुप्रयोग के आधार पर भिन्न होती है। सामान्य तौर पर, उनकी रेटिंग इस प्रकार होती है:

  • रेटेड वोल्टेज (Rated Voltage): 3.3 kV से 220 kV तक। कुछ पुराने मॉडल 330 kV तक के लिए भी उपयोग किए जाते थे।
  • रेटेड करंट (Rated Current): यह 250 A से लेकर 5000 A तक या उससे भी अधिक हो सकता है। यह ब्रेकर की क्षमता और उपयोग पर निर्भर करता है।
  • ब्रेकिंग कैपेसिटी (Breaking Capacity): यह आम तौर पर 16 kA से 50 kA तक होती है, लेकिन कुछ मॉडलों के लिए यह 63 kA तक भी जा सकती है। यह वह अधिकतम शॉर्ट-सर्किट करंट है जिसे ब्रेकर सुरक्षित रूप से बाधित कर सकता है।
  • MVA रेटिंग: यह 150 MVA से 2000 MVA तक होती है, लेकिन कुछ बड़ी इकाइयों के लिए 5000 MVA तक भी हो सकती है। MVA रेटिंग, ब्रेकर की वोल्टेज और ब्रेकिंग करंट का गुणनफल होती है।

​यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि OCB का उपयोग धीरे-धीरे कम हो रहा है और उनकी जगह पर वैक्यूम (VCB) और SF6 सर्किट ब्रेकर जैसे नए और अधिक कुशल ब्रेकर आ रहे हैं, क्योंकि वे बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षा प्रदान करते हैं।


ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) का उपयोग मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज और उच्च धारा वाले विद्युत परिपथों में किया जाता है, जहाँ दोष (fault) की स्थिति में भारी चाप (arc) उत्पन्न होता है। ये ब्रेकर उस चाप को बुझाने के लिए विद्युतरोधी तेल का उपयोग करते हैं।

​इनके मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • विद्युत उपकेंद्र (Power Substations): उच्च वोल्टेज वाले ट्रांसफार्मर और बसबारों को दोष से बचाने के लिए।
  • बिजली संयंत्र (Power Plants): जनरेटर और अन्य बड़े उपकरणों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए।
  • औद्योगिक प्रतिष्ठान (Industrial Installations): भारी मशीनों और विद्युत प्रणालियों में, जहाँ उच्च धारा स्विचिंग की आवश्यकता होती है।
  • ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें: विद्युत ग्रिड में, लाइन में किसी भी दोष की स्थिति में परिपथ को तुरंत तोड़ने के लिए।

​हालांकि, 

प्रौद्योगिकी में उन्नति के कारण अब SF6 और वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (VCB) अधिक प्रचलित हो रहे हैं, क्योंकि वे बेहतर प्रदर्शन, कम रखरखाव और अधिक पर्यावरणीय सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसलिए, पुराने विद्युत प्रणालियों में ही OCB का उपयोग अधिक देखने को मिलता है।



ओसीबी (Oil Circuit Breaker) में दोष (fault) की स्थिति में उत्पन्न होने वाले विस्फोटक गैसें एक प्रमुख जोखिम हैं। जब सर्किट में कोई बड़ा दोष होता है, तो ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स के बीच एक शक्तिशाली विद्युत चाप (electric arc) बनता है। इस चाप की अत्यधिक गर्मी ब्रेकर में मौजूद विद्युतरोधी तेल को वाष्पीकृत और विघटित कर देती है।

​यह विघटन मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस (लगभग 70%), एसिटिलीन, और मीथेन जैसी ज्वलनशील गैसों का एक मिश्रण उत्पन्न करता है। इन गैसों से जुड़े जोखिम इस प्रकार हैं:

  • विस्फोट का खतरा: हाइड्रोजन गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है और हवा के साथ मिलकर विस्फोटक मिश्रण बना सकती है। यदि इन गैसों का दबाव ब्रेकर टैंक के अंदर बहुत बढ़ जाता है, या यदि एक और चाप (spark) उत्पन्न होता है, तो यह मिश्रण प्रज्वलित हो सकता है। इससे एक हिंसक विस्फोट हो सकता है, जिससे ब्रेकर क्षतिग्रस्त हो सकता है और आसपास के उपकरण और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
  • आग लगने का जोखिम: तेल स्वयं एक ज्वलनशील पदार्थ है। जब चाप के कारण उत्पन्न गैसें जलती हैं, तो वे टैंक में मौजूद तेल में आग लगा सकती हैं। इससे बड़ा आग का खतरा पैदा हो सकता है, खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों या महत्वपूर्ण विद्युत सबस्टेशनों में।

​इसी वजह से, 

आधुनिक विद्युत प्रणालियों में ओसीबी का उपयोग धीरे-धीरे कम हो गया है और उनकी जगह SF6 या वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (VCB) ने ले ली है, जिनमें ये जोखिम नहीं होते।



सर्किट ब्रेकर में तेल के उपयोग की मुख्य सीमा यह है कि यह विस्फोट और आग का खतरा पैदा करता है। जब सर्किट में कोई बड़ा दोष (fault) होता है, तो ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स के बीच एक शक्तिशाली विद्युत चाप (electric arc) बनता है। इस चाप की अत्यधिक गर्मी ब्रेकर में मौजूद तेल को विघटित कर देती है, जिससे हाइड्रोजन, एसिटिलीन और मीथेन जैसी अत्यधिक ज्वलनशील गैसें बनती हैं।

​यह प्रक्रिया निम्नलिखित मुख्य सीमाओं को जन्म देती है:

  • विस्फोट का खतरा: विघटित गैसें ब्रेकर के टैंक के अंदर अत्यधिक दबाव बनाती हैं। यदि दबाव को नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो यह गैस मिश्रण एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है, जिससे ब्रेकर और आसपास के उपकरण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
  • आग लगने का जोखिम: तेल स्वयं एक ज्वलनशील तरल पदार्थ है। चाप के कारण उत्पन्न गैसें जल सकती हैं, जिससे ब्रेकर और आस-पास के क्षेत्र में आग लग सकती है। यह आग बुझाने में मुश्किल हो सकती है और बड़े पैमाने पर नुकसान का कारण बन सकती है।
  • रखरखाव: तेल को समय-समय पर बदलना पड़ता है, क्योंकि चाप के कारण इसमें कार्बन के कण जमा हो जाते हैं, जिससे इसकी विद्युतरोधी क्षमता कम हो जाती है। इस प्रक्रिया को कार्बनकरण (carbonization) कहते हैं। यह रखरखाव प्रक्रिया महंगी और समय लेने वाली होती है।

इन सीमाओं के कारण, 

ओसीबी को धीरे-धीरे अधिक सुरक्षित और कुशल विकल्पों जैसे कि SF6 और वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (VCB) द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है।



ऑयल सर्किट ब्रेकर्स (OCBs) को SF6 या वैक्यूम ब्रेकर्स (VCBs) से बदलने के मुख्य कारण सुरक्षा, दक्षता, और रखरखाव से संबंधित हैं। इन आधुनिक ब्रेकर्स में ओसीबी की तुलना में कई फायदे हैं।

मुख्य कारण

सुरक्षा 

विस्फोट और आग का खतरा: ओसीबी में दोष (fault) की स्थिति में तेल के वाष्पीकृत और विघटित होने से हाइड्रोजन जैसी ज्वलनशील गैसें बनती हैं, जिससे विस्फोट और आग लगने का गंभीर खतरा होता है। SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स में ऐसा कोई जोखिम नहीं होता, क्योंकि वे क्रमशः SF6 गैस या वैक्यूम का उपयोग करते हैं, जो ज्वलनशील नहीं होते।

 पर्यावरणीय प्रभाव: ओसीबी में उपयोग होने वाला तेल पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है। SF6 गैस भी एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, लेकिन इसे सीलबंद प्रणालियों में उपयोग किया जाता है और इसके रिसाव को कम करने के लिए उपाय किए जाते हैं।

प्रदर्शन और दक्षता 

  • तेज चाप शमन (Arc Quenching): SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स में चाप शमन की गति बहुत तेज होती है, जिससे सर्किट को बहुत कम समय में सुरक्षित रूप से तोड़ा जा सकता है। यह विद्युत प्रणाली को क्षति से बचाता है। ओसीबी में यह प्रक्रिया धीमी होती है।
  • उच्च ब्रेकिंग क्षमता: SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स, विशेष रूप से उच्च वोल्टेज अनुप्रयोगों के लिए, ओसीबी की तुलना में अधिक ब्रेकिंग क्षमता प्रदान करते हैं।
  • जीवनकाल: इन ब्रेकर्स का जीवनकाल लंबा होता है और ये ओसीबी की तुलना में अधिक संचालन चक्र (operating cycles) को संभाल सकते हैं।

रखरखाव 

  • कम रखरखाव: SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स को बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनके कॉन्टैक्ट्स सीलबंद होते हैं और चाप शमन के दौरान उनका क्षरण (deterioration) कम होता है। ओसीबी में, तेल के कार्बनकरण (carbonization) के कारण नियमित रूप से तेल बदलने और कॉन्टैक्ट्स का निरीक्षण करने की आवश्यकता होती है, जो महंगा और श्रम-साध्य होता है।


तेल सर्किट ब्रेकर (OCBs) उच्च वोल्टेज के लिए कम उपयुक्त होते हैं क्योंकि उच्च वोल्टेज पर उनके प्रदर्शन, सुरक्षा और रखरखाव से संबंधित गंभीर सीमाएं होती हैं।

सुरक्षा जोखिम (Safety Hazards) 

​उच्च वोल्टेज पर, सर्किट ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स के बीच बनने वाला विद्युत चाप (electric arc) बहुत शक्तिशाली होता है। यह चाप ओसीबी में मौजूद तेल को वाष्पीकृत और विघटित करके भारी मात्रा में ज्वलनशील गैसें (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) बनाता है।

  • विस्फोट का खतरा: ये गैसें ब्रेकर के टैंक के अंदर अत्यधिक दबाव बनाती हैं। यदि दबाव को नियंत्रित नहीं किया जाता, तो यह गैस मिश्रण एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है। उच्च वोल्टेज के लिए आवश्यक बड़े आकार के ब्रेकर में यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।
  • आग लगने का खतरा: तेल स्वयं एक ज्वलनशील पदार्थ है। उच्च वोल्टेज चाप की गर्मी से गैसों में आग लग सकती है, जिससे बड़ा आग का खतरा पैदा हो सकता है जो बुझाने में बहुत मुश्किल होता है।

रखरखाव और लागत (Maintenance and Cost) 

  • बार-बार रखरखाव: चाप के कारण तेल में कार्बन के कण जमा हो जाते हैं, जिससे इसकी विद्युतरोधी क्षमता कम हो जाती है। इस प्रक्रिया को कार्बनकरण (carbonization) कहते हैं। उच्च वोल्टेज पर, चाप अधिक शक्तिशाली होता है, जिससे कार्बनकरण की प्रक्रिया तेज होती है। इसलिए, तेल को नियमित रूप से बदलना पड़ता है, जो महंगा और समय लेने वाला होता है।
  • आकार और वजन: उच्च वोल्टेज पर चाप को बुझाने के लिए अधिक तेल और बड़े टैंक की आवश्यकता होती है। इससे ओसीबी बहुत भारी और जगह घेरने वाले (bulky) हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, 220 kV के लिए एक ओसीबी में 50,000 किलो तेल की आवश्यकता हो सकती है।

इन सीमाओं के कारण, 

आधुनिक विद्युत प्रणालियों में, उच्च वोल्टेज अनुप्रयोगों के लिए SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स को पसंद किया जाता है क्योंकि वे सुरक्षित, अधिक कुशल और कम रखरखाव वाले होते हैं।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCBs) के कई महत्वपूर्ण नुकसान हैं, जिनके कारण उन्हें आधुनिक बिजली प्रणालियों में SF6 और वैक्यूम ब्रेकर्स से बदला जा रहा है।

​1. सुरक्षा जोखिम (Safety Hazards) 

  • विस्फोट और आग का खतरा: ओसीबी का सबसे बड़ा नुकसान विस्फोट और आग का खतरा है। जब ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स के बीच एक शक्तिशाली चाप (arc) बनता है, तो उसकी अत्यधिक गर्मी तेल को विघटित करके ज्वलनशील गैसें (जैसे हाइड्रोजन) बनाती है। ये गैसें ब्रेकर के टैंक के अंदर उच्च दबाव पैदा करती हैं और हवा के साथ मिलकर विस्फोटक मिश्रण बना सकती हैं, जिससे एक हिंसक विस्फोट और आग लग सकती है।
  • तेल का रिसाव: ओसीबी में तेल का रिसाव एक और सुरक्षा और पर्यावरणीय जोखिम है। रिसाव से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है और मिट्टी तथा पानी प्रदूषित हो सकते हैं।

​2. रखरखाव (Maintenance) 

  • नियमित रखरखाव की आवश्यकता: चाप के कारण तेल में कार्बन के कण जमा हो जाते हैं, जिससे तेल की विद्युतरोधी क्षमता कम हो जाती है। इस प्रक्रिया को कार्बनकरण (carbonization) कहते हैं। इस वजह से, तेल को नियमित रूप से फिल्टर या बदलना पड़ता है, जो एक महंगा और श्रम-साध्य काम है।
  • घिसे हुए कॉन्टैक्ट्स: बार-बार चाप उत्पन्न होने से ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स खराब हो जाते हैं, जिन्हें समय-समय पर बदलने की आवश्यकता होती है।

​3. प्रदर्शन और दक्षता (Performance and Efficiency) 

  • धीमी चाप शमन: ओसीबी में चाप शमन (arc quenching) की प्रक्रिया SF6 या वैक्यूम ब्रेकर्स की तुलना में धीमी होती है। यह धीमापन विद्युत प्रणाली में दोष की स्थिति में अधिक समय तक चाप को बनाए रखता है, जिससे उपकरणों को अधिक क्षति हो सकती है।
  • आकार और वजन: चाप शमन के लिए अधिक मात्रा में तेल की आवश्यकता होती है, जिससे ओसीबी बहुत बड़े और भारी होते हैं। इस कारण उन्हें स्थापित करने के लिए अधिक जगह की आवश्यकता होती है।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCBs) के कई फायदे हैं, जिनके कारण उनका उपयोग एक समय में व्यापक रूप से किया जाता था। हालांकि, आधुनिक ब्रेकर्स की तुलना में उनके नुकसान अधिक हैं, फिर भी उनके कुछ सकारात्मक पहलू हैं।

​1. प्रभावी चाप शमन (Effective Arc Quenching)

​तेल एक बहुत अच्छा विद्युतरोधी (insulating) और चाप शमन माध्यम है। जब ब्रेकर के कॉन्टैक्ट्स खुलते हैं, तो चाप के कारण उत्पन्न गर्मी तेल को वाष्पीकृत करती है और हाइड्रोजन गैस बनाती है। यह गैस तेल के अंदर एक बुलबुला बनाती है जो चाप को घेर लेता है। यह हाइड्रोजन गैस चाप को तेजी से ठंडा करती है और उसे बुझा देती है। तेल की उच्च विद्युतरोधी शक्ति भी चाप को फिर से प्रज्वलित होने से रोकती है।

​2. कम लागत

​SF6 या वैक्यूम ब्रेकर्स की तुलना में ओसीबी की शुरुआती लागत कम होती है, क्योंकि तेल और इसके टैंक का निर्माण अपेक्षाकृत सस्ता होता है।

​3. सरल डिजाइन

​ओसीबी का डिज़ाइन काफी सरल होता है और इसमें कम जटिल यांत्रिक भाग होते हैं, जिससे इसका निर्माण और मरम्मत करना आसान होता है। तेल की विद्युतरोधी क्षमता के कारण, जटिल संरचनाओं की आवश्यकता कम होती है।

​4. ट्रांसफार्मर के तेल का उपयोग

​ओसीबी में उपयोग होने वाला तेल ट्रांसफार्मर में उपयोग होने वाले तेल के समान ही होता है, जिससे इसकी उपलब्धता और प्रबंधन आसान होता है।

​5. भारी भार वहन क्षमता

​ओसीबी उच्च धारा (heavy currents) को तोड़ने की क्षमता रखते हैं, जिससे वे उच्च वोल्टेज वाले सबस्टेशनों और पावर प्लांटों में उपयोग के लिए उपयुक्त होते थे।



मैं सीधे तौर पर कोई आरेख नहीं बना सकता, लेकिन मैं न्यूनतम तेल परिपथ वियोजक (Minimum Oil Circuit Breaker) की संरचना और कार्यप्रणाली का वर्णन कर सकता हूँ, जिससे आप उसका आरेख आसानी से समझ सकें।

न्यूनतम तेल परिपथ वियोजक का आरेख (Diagram of Minimum Oil Circuit Breaker)

​न्यूनतम तेल परिपथ वियोजक (MOCB) का आरेख, एक जटिल संरचना को दर्शाता है जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित भाग होते हैं:

  1. पोर्सलेन आवास (Porcelain Housing): यह एक खोखला बेलनाकार इंसुलेटर है जो ब्रेकर के अंदरूनी हिस्सों को बाहरी वातावरण से बचाता है।
  2. मुख्य टैंक (Main Tank): यह ब्रेकर के सबसे निचले हिस्से में होता है और इसमें ब्रेकर के संचालन के लिए आवश्यक तेल भरा होता है।
  3. ऊपरी और निचला चैम्बर (Upper and Lower Chamber): पोर्सलेन आवास के अंदर, ऊपरी और निचले चैम्बर होते हैं। निचला चैम्बर एक स्टील का बर्तन होता है जिसमें तेल भरा होता है, जबकि ऊपरी चैम्बर चाप को बुझाने के लिए होता है।
  4. निश्चित संपर्क (Fixed Contact): यह ऊपरी चैम्बर में स्थिर रहता है और यह एक धारा ले जाने वाला हिस्सा है।
  5. चल संपर्क (Moving Contact): यह एक खोखला ट्यूब होता है जो निश्चित संपर्क के साथ जुड़ता और अलग होता है। यह एक रॉड से जुड़ा होता है जो ब्रेकर के संचालन तंत्र से नियंत्रित होता है।
  6. चाप बुझाने वाला कक्ष (Arc Quenching Chamber): यह ऊपरी चैम्बर में स्थित होता है और इसका उद्देश्य तेल के अंदर बनने वाले चाप को तेजी से बुझाना है। इसमें दबाव-निर्माण (pressure-generating) उपकरण होते हैं जो चाप के दौरान तेल को वाष्पित करते हैं और गैस का जेट बनाते हैं।

कार्यप्रणाली (Working Principle)

​न्यूनतम तेल परिपथ वियोजक का मुख्य उद्देश्य न्यूनतम मात्रा में तेल का उपयोग करके चाप को बुझाना है। यह प्रक्रिया इस प्रकार काम करती है:

  1. सामान्य स्थिति: सामान्य परिचालन के दौरान, निश्चित और चल संपर्क जुड़े होते हैं, और धारा उनके माध्यम से प्रवाहित होती है।
  2. दोष की स्थिति: जब परिपथ में कोई दोष (fault) होता है, तो ब्रेकर ट्रिपिंग कॉइल को सक्रिय करता है। यह कॉइल एक तंत्र को सक्रिय करती है जो चल संपर्क को नीचे की ओर खींचता है।
  3. चाप का निर्माण: जैसे ही चल संपर्क निश्चित संपर्क से अलग होता है, उनके बीच एक विद्युत चाप (arc) बनता है। यह चाप अत्यधिक गर्मी उत्पन्न करता है।
  4. चाप का शमन: चाप की गर्मी के कारण संपर्क के पास का तेल वाष्पीकृत होकर उच्च दबाव वाली गैसें (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) बनाता है। यह गैस एक जेट (jet) के रूप में चाप के माध्यम से प्रवाहित होती है।
  5. गैस का प्रभाव: हाइड्रोजन गैस चाप को ठंडा करती है और उसके चारों ओर के माध्यम की परावैद्युत शक्ति (dielectric strength) को बढ़ा देती है। इससे चाप बुझ जाता है।
  6. धारा का विच्छेदन: जब चाप पूरी तरह से बुझ जाता है, तो धारा का प्रवाह रुक जाता है और परिपथ सुरक्षित रूप से बाधित हो जाता है।

​MOCB पारंपरिक भारी तेल परिपथ वियोजक (Bulk Oil Circuit Breaker) की तुलना में अधिक कुशल हैं क्योंकि वे चाप बुझाने के लिए तेल की एक छोटी मात्रा का उपयोग करते हैं, जिससे आग और विस्फोट का खतरा कम हो जाता है।



बल्क ऑयल सर्किट ब्रेकर (Bulk Oil Circuit Breakers - BOCBs) की मुख्य सीमाएँ उनके बड़े आकार, सुरक्षा जोखिम, और उच्च रखरखाव आवश्यकताओं से संबंधित हैं। इन सीमाओं के कारण उन्हें आधुनिक और अधिक कुशल विकल्पों से बदला जा रहा है।

​1. सुरक्षा जोखिम (Safety Hazards) 

  • आग और विस्फोट का खतरा: यह BOCBs का सबसे बड़ा नुकसान है। जब सर्किट में कोई बड़ा दोष (fault) होता है, तो चाप (arc) से उत्पन्न गर्मी तेल को वाष्पीकृत करके अत्यधिक ज्वलनशील गैसें (जैसे हाइड्रोजन) बनाती है। ये गैसें ब्रेकर टैंक के अंदर उच्च दबाव बनाती हैं, जिससे विस्फोट और आग लगने का गंभीर खतरा होता है।
  • पर्यावरणीय प्रदूषण: ब्रेकर से तेल का रिसाव पर्यावरण को प्रदूषित कर सकता है और सुरक्षा जोखिम को बढ़ा सकता है।

​2. रखरखाव और लागत (Maintenance and Cost) 

  • उच्च रखरखाव: चाप के कारण तेल में कार्बन के कण जमा हो जाते हैं, जिससे तेल की विद्युतरोधी क्षमता कम हो जाती है। इस प्रक्रिया को कार्बनकरण (carbonization) कहते हैं। इस वजह से, तेल को नियमित रूप से बदलने या फिल्टर करने की आवश्यकता होती है, जो एक महंगा और समय लेने वाला काम है।
  • भारी और बड़े: चाप को बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में तेल की आवश्यकता होती है, जिससे BOCBs बहुत बड़े और भारी होते हैं। उन्हें स्थापित करने के लिए अधिक जगह की आवश्यकता होती है, जिससे उपकेंद्रों (substations) के लिए लागत बढ़ जाती है।

​3. प्रदर्शन (Performance) 

  • धीमी चाप शमन: BOCBs में चाप शमन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी होती है। यह धीमापन विद्युत प्रणाली में दोष की स्थिति में अधिक समय तक चाप को बनाए रखता है, जिससे उपकरणों को अधिक क्षति हो सकती है।
  • पुनः प्रज्वलन (Re-ignition): चूंकि चाप शमन के बाद गैस बुलबुले धीरे-धीरे बिखरते हैं, इसलिए चाप के फिर से प्रज्वलित होने की संभावना रहती है, खासकर उच्च वोल्टेज अनुप्रयोगों में।



थोक तेल सर्किट ब्रेकर (BOCBs) की तुलना में न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर (MOCBs) के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

​1. कम तेल की मात्रा 

  • कम जोखिम: MOCBs में BOCBs की तुलना में बहुत कम तेल की आवश्यकता होती है। इससे आग और विस्फोट का खतरा काफी कम हो जाता है, क्योंकि दोष की स्थिति में कम ज्वलनशील गैसें बनती हैं।
  • कम लागत: तेल की कम मात्रा के कारण MOCBs की लागत कम होती है।

​2. बेहतर प्रदर्शन 

  • तेज चाप शमन: MOCBs में चाप (arc) को बुझाने के लिए तेल के दबाव को नियंत्रित करने की बेहतर व्यवस्था होती है। चाप से बनी गैसें एक मजबूत जेट प्रवाह बनाती हैं जो चाप को BOCBs की तुलना में अधिक कुशलता और तेजी से बुझाती हैं।
  • कम कार्बनकरण: चाप तेल की केवल एक छोटी मात्रा को प्रभावित करता है, जिससे तेल का कार्बनकरण कम होता है। इससे तेल की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।

​3. रखरखाव और स्थापना 

  • आसान रखरखाव: तेल की मात्रा कम होने के कारण तेल को बदलने और फिल्टर करने का काम आसान और कम खर्चीला होता है।
  • हल्का और कॉम्पैक्ट: MOCBs का वजन BOCBs की तुलना में काफी कम होता है और ये कम जगह घेरते हैं। इससे इनकी स्थापना और परिवहन आसान हो जाता है।


थोक तेल सर्किट ब्रेकर और न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर के बीच मुख्य अंतर उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले तेल की मात्रा और उनके निर्माण में है। दोनों सर्किट ब्रेकर में इंसुलेटिंग तेल का उपयोग किया जाता है, लेकिन उनके कार्य और विशेषताओं में भिन्नता है।

थोक तेल सर्किट ब्रेकर (Bulk Oil Circuit Breaker)

​थोक तेल सर्किट ब्रेकर में, तेल का उपयोग आर्क बुझाने (arc quenching) और इंसुलेशन (insulation) दोनों के लिए किया जाता है।

  • तेल की मात्रा: इसमें बड़ी मात्रा में तेल होता है, जो पूरे ब्रेकर को भर देता है।
  • इंसुलेशन: ब्रेकर के जीवित हिस्सों को जमीन से अलग करने के लिए भी तेल का ही उपयोग किया जाता है।
  • आकार और वजन: तेल की अधिक मात्रा के कारण यह काफी बड़ा और भारी होता है।
  • आग का खतरा: तेल की अधिक मात्रा के कारण आग लगने का खतरा अधिक होता है।
  • रखरखाव: इसे अधिक रखरखाव की आवश्यकता होती है, क्योंकि तेल का निरीक्षण और प्रतिस्थापन नियमित रूप से करना पड़ता है।

न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर (Minimum Oil Circuit Breaker)

​न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर में, तेल का उपयोग केवल आर्क बुझाने के लिए किया जाता है, इंसुलेशन के लिए नहीं।

  • तेल की मात्रा: इसमें बहुत कम मात्रा में तेल होता है, जो केवल आर्क बुझाने वाले चेंबर में होता है।
  • इंसुलेशन: लाइव पार्ट्स और जमीन के बीच इंसुलेशन के लिए पोरसेलीन (porcelain) जैसे इंसुलेटर का उपयोग किया जाता है।
  • आकार और वजन: तेल की कम मात्रा के कारण यह छोटा और हल्का होता है।
  • आग का खतरा: तेल की कम मात्रा के कारण आग लगने का खतरा कम होता है।
  • रखरखाव: इसे कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।


न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर (Minimum Oil Circuit Breaker या MOCB) एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है जो दोष (fault) के कारण उत्पन्न होने वाले आर्क (चाप) को बुझाने के लिए बहुत कम मात्रा में इंसुलेटिंग तेल का उपयोग करता है।

​इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • कम तेल: जैसा कि नाम से पता चलता है, यह थोक तेल सर्किट ब्रेकर (Bulk Oil Circuit Breaker) की तुलना में काफी कम तेल का उपयोग करता है।
  • कार्य: इसमें तेल का उपयोग मुख्य रूप से केवल आर्क बुझाने के लिए होता है। लाइव हिस्सों को जमीन से अलग रखने के लिए तेल की जगह पोर्सिलीन इंसुलेटर (porcelain insulator) जैसे अन्य इंसुलेटिंग सामग्री का उपयोग किया जाता है।
  • फायदे: तेल की कम मात्रा के कारण यह अधिक किफायती, हल्का, और आग लगने के जोखिम को कम करता है। इसे कम रखरखाव की भी आवश्यकता होती है।


थोक तेल सर्किट ब्रेकर (Bulk Oil Circuit Breaker या BOCB) एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है जो आर्क बुझाने और इंसुलेशन दोनों कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में तेल का उपयोग करता है।

इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • तेल की मात्रा: इसमें तेल का एक बड़ा टैंक होता है जो ब्रेकर के पूरे हिस्से को भर देता है।
  • दोहरा कार्य: तेल एक साथ दो कार्य करता है:
    1. आर्क बुझाना: जब संपर्क (contacts) अलग होते हैं, तो उत्पन्न होने वाले आर्क की गर्मी से तेल वाष्पित होकर हाइड्रोजन गैस का बुलबुला बनाता है, जो आर्क को बुझाने में मदद करता है।
    2. इंसुलेशन: तेल ब्रेकर के लाइव हिस्सों और जमीन के बीच इंसुलेशन प्रदान करता है।
  • नुकसान: इसमें बड़ी मात्रा में तेल का उपयोग होता है, जिससे यह भारी, महंगा और आग लगने के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।


तेल सर्किट ब्रेकर में रुकावट के चरण इस प्रकार हैं:

  1. संपर्कों का खुलना: जब सिस्टम में कोई खराबी आती है, तो सर्किट ब्रेकर के चलते हुए और स्थिर संपर्क (fixed and moving contacts) अलग हो जाते हैं।
  2. आर्क का बनना: जैसे ही संपर्क अलग होते हैं, उनके बीच एक आर्क (arc) बनता है, क्योंकि सर्किट में धारा (current) अभी भी बह रही होती है। यह आर्क अत्यधिक गर्मी उत्पन्न करता है।
  3. तेल का अपघटन (Decomposition of oil): आर्क की गर्मी आसपास के तेल को गर्म करती है, जिससे तेल वाष्पित हो जाता है और उच्च दबाव पर गैसों, मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस, का निर्माण होता है।
  4. आर्क का बुझना:
    • ​हाइड्रोजन गैस की उच्च तापीय चालकता (high thermal conductivity) होती है, जो आर्क को ठंडा करती है।
    • ​उच्च दबाव वाली गैसें और तेल आर्क के मार्ग में तेजी से बहती हैं, जिससे आर्क का वि-आयनीकरण (de-ionisation) होता है और इसकी प्रतिरोधकता (resistivity) बढ़ जाती है।
    • ​जब एसी (AC) धारा अपने प्राकृतिक शून्य (natural zero) पर पहुँचती है, तो आर्क पूरी तरह से बुझ जाता है।

​यह पूरी प्रक्रिया बहुत कम समय में होती है ताकि सर्किट को सुरक्षित रूप से बाधित किया जा सके।


तेल में शमन (Quenching in oil) की क्रियाविधि का अर्थ है सर्किट ब्रेकर में तेल का उपयोग करके आर्क को बुझाना। यह प्रक्रिया तब होती है जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क अलग होते हैं, जिससे एक विद्युत चाप (arc) बनता है।

​यह क्रियाविधि निम्नलिखित चरणों में होती है:

  1. संपर्कों का खुलना और आर्क का निर्माण: जब सर्किट ब्रेकर में कोई खराबी आती है, तो इसके संपर्क खुल जाते हैं। इस दौरान, संपर्कों के बीच की दूरी कम होने के कारण हवा या तेल का आयनीकरण (ionisation) होता है, जिससे एक उच्च तापमान वाला आर्क (चाप) बन जाता है।
  2. तेल का वाष्पीकरण: आर्क की अत्यधिक गर्मी आसपास के तेल को गर्म करके उसे वाष्पित कर देती है। इससे तेल के अणु विघटित होकर हाइड्रोजन (H_2) और अन्य हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण बनाते हैं।
  3. गैसों का उच्च दबाव: ये गैसें तेल के टैंक के अंदर तेजी से फैलती हैं, जिससे अत्यधिक उच्च दबाव बनता है।
  4. आर्क का बुझना:
    • आर्क को ठंडा करना: हाइड्रोजन गैस की तापीय चालकता (thermal conductivity) बहुत अधिक होती है। यह आर्क से गर्मी को तेजी से अवशोषित करके उसे ठंडा कर देती है, जिससे आर्क का प्रतिरोध बढ़ जाता है।
    • आर्क का वि-आयनीकरण (De-ionisation): उच्च दबाव वाली गैसें आर्क के मार्ग में तेजी से बहती हैं और आयनित कणों (ionized particles) को हटा देती हैं, जिससे आर्क का माध्यम वि-आयनीकृत हो जाता है।
    • धारा का शून्य: जब एसी धारा अपने प्राकृतिक शून्य (natural zero) पर पहुँचती है, तो आर्क के मार्ग का प्रतिरोध इतना बढ़ जाता है कि वह फिर से नहीं बन पाता। इस तरह आर्क पूरी तरह से बुझ जाता है।

​यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही कम समय में, आमतौर पर कुछ मिलीसेकंड में, पूरी हो जाती है ताकि सर्किट सुरक्षित रूप से बाधित हो सके।



सर्किट ब्रेकर में रुकावट के दौरान, तेल दो मुख्य कार्यों को पूरा करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है:

  1. आर्क शमन (Arc Quenching): जब सर्किट में खराबी आती है और ब्रेकर के संपर्क (contacts) अलग होते हैं, तो उनके बीच एक उच्च तापमान वाला विद्युत आर्क बनता है। तेल इस आर्क को बुझाने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करता है। आर्क की गर्मी से तेल वाष्पीकृत होकर उच्च दबाव वाली हाइड्रोजन गैस बनाता है, जो आर्क को तेजी से ठंडा कर देती है। साथ ही, यह उच्च दबाव वाली गैसें आर्क को बुझाने में मदद करती हैं, जिससे सर्किट में धारा (current) बाधित हो जाती है।
  2. इंसुलेशन (Insulation): तेल, सर्किट ब्रेकर के जीवित हिस्सों को एक-दूसरे से और जमीन से अलग करके इंसुलेटिंग माध्यम के रूप में भी कार्य करता है। यह सुनिश्चित करता है कि जब सर्किट खुल जाए, तो किसी भी धारा का प्रवाह न हो।

​संक्षेप में, तेल आर्क बुझाने (arc quenching) और विद्युत रोधन (electrical insulation) दोनों के लिए आवश्यक है, जिससे सर्किट ब्रेकर सुरक्षित रूप से कार्य कर पाता है।



थोक तेल सर्किट ब्रेकर (Bulk Oil Circuit Breaker या BOCB) में गैस के बुलबुले बनने का मुख्य कारण आर्क की तीव्र गर्मी है। जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क खुलते हैं, तो उनके बीच एक उच्च तापमान वाला विद्युत आर्क (arc) बनता है। इस आर्क की गर्मी के कारण आसपास का तेल वाष्पीकृत हो जाता है, जिससे उच्च दबाव वाली गैसों के बुलबुले बनते हैं।

​यह प्रक्रिया दो मुख्य कार्यों में मदद करती है:

  • आर्क का बुझना: ये गैसें, जिनमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस होती है, आर्क से गर्मी को तेजी से दूर करके उसे ठंडा करती हैं। हाइड्रोजन की उच्च तापीय चालकता (high thermal conductivity) के कारण आर्क का प्रतिरोध (resistance) बढ़ जाता है।
  • आर्क का वि-आयनीकरण (De-ionisation): उच्च दबाव वाली गैसें आर्क के मार्ग में आयनित कणों (ionized particles) को बाहर धकेल देती हैं, जिससे आर्क का माध्यम वि-आयनीकृत हो जाता है और वह बुझ जाता है।

इस प्रकार,

तेल में गैस के बुलबुले बनने की यह प्राकृतिक प्रक्रिया सर्किट ब्रेकर के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक है।



जब ऑयल सर्किट ब्रेकर (OCB) के संपर्क अलग हो जाते हैं, तो उनके बीच एक आर्क बनता है।

​यह प्रक्रिया कुछ चरणों में होती है:

​1. आर्क का निर्माण

​जैसे ही सर्किट ब्रेकर के चलते हुए और स्थिर संपर्क अलग होते हैं, उनके बीच का माध्यम (तेल) आयनीकृत (ionized) हो जाता है। इस आयनीकरण से एक उच्च तापमान वाला विद्युत चाप (electrical arc) बनता है।

​2. गैस का बनना और दबाव

​आर्क की गर्मी तेल को वाष्पित कर देती है, जिससे हाइड्रोजन गैस सहित अन्य हाइड्रोकार्बन गैसों का एक बड़ा बुलबुला बनता है। ये गैसें तेल के टैंक के अंदर तेजी से फैलती हैं, जिससे अत्यधिक उच्च दबाव बनता है।

​3. आर्क का शमन (बुझना)

  • हाइड्रोजन की शीतलन क्रिया: हाइड्रोजन गैस की तापीय चालकता (thermal conductivity) बहुत अधिक होती है। यह आर्क से गर्मी को तेजी से अवशोषित करती है, जिससे आर्क ठंडा हो जाता है और उसका प्रतिरोध बढ़ जाता है।
  • दबाव द्वारा वि-आयनीकरण: उच्च दबाव वाली गैसें आर्क के मार्ग में मौजूद आयनित कणों को बाहर धकेल देती हैं, जिससे आर्क का माध्यम गैर-चालक (non-conducting) बन जाता है।
  • धारा का शून्य: जब एसी धारा अपने प्राकृतिक शून्य (natural zero) पर पहुँचती है, तो आर्क को बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती। इस समय, बढ़े हुए प्रतिरोध और वि-आयनीकरण के कारण आर्क पूरी तरह से बुझ जाता है, और सर्किट बाधित हो जाता है।


ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) आर्क को दो मुख्य क्रियाओं के माध्यम से बुझाता है: तेल को वाष्पीकृत करके और आर्क को ठंडा करके

आर्क को ठंडा करना

​जब सर्किट ब्रेकर के संपर्क अलग होते हैं, तो उनके बीच एक आर्क बनता है। आर्क की अत्यधिक गर्मी तेल को वाष्पीकृत करती है, जिससे गैसों (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) का बुलबुला बनता है। हाइड्रोजन गैस की तापीय चालकता (thermal conductivity) बहुत अधिक होती है, जो आर्क से गर्मी को तेजी से दूर करके उसे ठंडा करती है।

आर्क का वि-आयनीकरण (De-ionisation)

​उच्च दबाव वाली गैसों के बुलबुले आर्क के मार्ग में तेजी से फैलते हैं। यह गैसों का प्रवाह आयनित कणों को आर्क के मार्ग से हटा देता है, जिससे माध्यम गैर-चालक बन जाता है। जब एसी धारा अपने प्राकृतिक शून्य पर पहुँचती है, तो आर्क को बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती और यह पूरी तरह से बुझ जाता है।

इन दोनों क्रियाओं से, 

तेल एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करता है जो सर्किट को सुरक्षित रूप से बाधित करता है।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCB) का कार्य सिद्धांत मुख्य रूप से दो कार्यों पर आधारित है: आर्क शमन (Arc Quenching) और इंसुलेशन (Insulation)। यह दोनों कार्य सर्किट को सुरक्षित रूप से बाधित करने के लिए तेल का उपयोग करते हैं।

आर्क शमन

​जब सर्किट में कोई दोष (fault) होता है, तो ब्रेकर के संपर्क (contacts) अलग हो जाते हैं। इस दौरान, संपर्कों के बीच एक उच्च तापमान वाला विद्युत चाप (electrical arc) बनता है। यह आर्क आसपास के तेल को गर्म करता है, जिससे तेल वाष्पित होकर उच्च दबाव वाली गैसें (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) बनाता है। ये गैसें दो तरह से आर्क को बुझाने में मदद करती हैं:

  • शीतलन: हाइड्रोजन गैस में बहुत उच्च तापीय चालकता (thermal conductivity) होती है। यह आर्क से गर्मी को तेजी से अवशोषित करके उसे ठंडा करती है, जिससे आर्क का प्रतिरोध बढ़ जाता है।
  • वि-आयनीकरण: उच्च दबाव वाली गैसें आर्क के मार्ग में मौजूद आयनित कणों को हटा देती हैं, जिससे आर्क का माध्यम गैर-चालक बन जाता है।

​जब एसी धारा अपने प्राकृतिक शून्य (natural zero) पर पहुँचती है, तो आर्क को बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती और यह पूरी तरह से बुझ जाता है।

इंसुलेशन

​आर्क बुझाने के साथ-साथ, तेल सर्किट ब्रेकर के जीवित हिस्सों को एक-दूसरे से और जमीन से अलग करके इंसुलेटिंग माध्यम के रूप में भी कार्य करता है। यह सुनिश्चित करता है कि जब सर्किट खुल जाए, तो कोई भी धारा प्रवाह न हो।

संक्षेप में, 

तेल की मदद से आर्क को बुझाकर और इंसुलेशन प्रदान करके सर्किट ब्रेकर सुरक्षित रूप से कार्य करता है।



तेल सर्किट ब्रेकर (OCB) में इंटरप्टर यूनिट का मुख्य कार्य दोषपूर्ण धारा (fault current) के कारण उत्पन्न होने वाले आर्क को बुझाना है। यह ब्रेकर का वह महत्वपूर्ण हिस्सा है जहाँ संपर्कों को अलग किया जाता है और आर्क शमन की पूरी प्रक्रिया होती है।

​इंटरप्टर यूनिट के भीतर, तेल का उपयोग एक शमन (quenching) माध्यम के रूप में किया जाता है। जब संपर्क अलग होते हैं, तो आर्क की गर्मी तेल को वाष्पित करती है, जिससे उच्च दबाव वाली गैसों (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) का बुलबुला बनता है। ये गैसें और दबाव मिलकर आर्क को ठंडा करते हैं और उसके मार्ग को वि-आयनीकृत करते हैं, जिससे धारा अपने शून्य बिंदु पर बाधित हो जाती है।


OCB (Oil Circuit Breaker) में मुख्य रूप से इंसुलेटिंग ऑयल (Transformer Oil) का उपयोग इंसुलेटिंग सामग्री के रूप में किया जाता है। यह तेल दोहरी भूमिका निभाता है:

  1. आर्क बुझाने के माध्यम के रूप में: जब सर्किट में कोई खराबी आती है और कॉन्टैक्ट अलग होते हैं, तो उनके बीच एक विद्युत आर्क बनता है। तेल इस आर्क को ठंडा करके और उसकी ऊर्जा को अवशोषित करके उसे बुझाने में मदद करता है।
  2. इंसुलेशन के रूप में: यह लाइव कॉन्टैक्ट्स और अर्थ (earth) किए गए टैंक के बीच इंसुलेशन प्रदान करता है।

कुछ मामलों में, 

जैसे कि न्यूनतम तेल सर्किट ब्रेकर (Minimum Oil Circuit Breaker) में, पोर्सिलेन और अन्य ठोस इंसुलेटिंग सामग्री का भी उपयोग किया जाता है।





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