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ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई और दूरी कई कारकों पर निर्भर करती है ( Hight & Distance for Transmission Lines )

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ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई और दूरी कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि वोल्टेज स्तर, इलाके का प्रकार, और सुरक्षा के नियम। भारत में, इन मापदंडों को भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules) और भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) के दिशानिर्देशों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2025/08/blog-post_15.html ​ ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई (Height of Transmission Line) ​ट्रांसमिशन टावरों की ऊंचाई कई चीजों से तय होती है, जिसमें टावर की न्यूनतम जमीन से दूरी (minimum ground clearance), कंडक्टरों के बीच ऊर्ध्वाधर दूरी (vertical spacing between conductors) और सैग (sag) शामिल है। सैग वह अधिकतम झुकाव है जो कंडक्टरों में तापमान, हवा और बर्फ जैसी स्थितियों के कारण होता है। ​ कम और मध्यम वोल्टेज लाइनें (Low and Medium Voltage Lines): इन लाइनों के लिए न्यूनतम जमीन से दूरी 5.8 मीटर (लगभग 19 फीट) होनी चाहिए। ​ उच्च वोल्टेज लाइनें (High Voltage Lines): 11,000 वोल्ट तक की लाइनों के लिए न्यूनतम दूरी 3.7 मीटर (लगभग 12 फीट) और 33,000 वोल्ट तक की लाइनों के लिए भी...