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पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

SF}_6 सर्किट ब्रेकर (Sulfur Hexafluoride Circuit Breaker)

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एसएफ 6 सर्किट ब्रेकर क्या होता है? {SF}_6 सर्किट ब्रेकर (Sulfur Hexafluoride Circuit Breaker) एक उच्च वोल्टेज (High Voltage) स्विचिंग डिवाइस है, जिसमें सर्किट को अलग करते समय उत्पन्न होने वाले आर्क (विद्युत स्पार्क) को बुझाने और इंसुलेशन प्रदान करने के लिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड ( {SF}_6 ) गैस का उपयोग किया जाता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/10/sf6-sulfur-hexafluoride-circuit-breaker.html कार्य सिद्धांत (Working Principle) ​ संपर्कों का अलग होना: जब पावर सिस्टम में कोई फॉल्ट आता है, तो रिले सिग्नल मिलने पर ब्रेकर के मूविंग कॉन्टैक्ट (Moving Contact) फिक्स्ड कॉन्टैक्ट (Fixed Contact) से अलग हो जाते हैं। ​ आर्क का बनना: दोनों कॉन्टैक्ट्स के अलग होते ही उच्च वोल्टेज के कारण उनके बीच एक विद्युत चिंगारी (Electric Arc) उत्पन्न होती है। ​ \text{SF}_6 गैस का एक्शन: संपर्कों के अलग होने के साथ ही उच्च दबाव वाली {SF}_6 गैस को आर्क की ओर प्रवाहित (ब्लास्ट) किया जाता है। ​ इलेक्ट्रॉन कैप्चर (Arc Quenching):  {SF}_6 गैस की प्रकृति अत्यधिक इलेक्ट्रोनेगेटिव (Electronegative) ...

पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं, जिनका उपयोग नियंत्रण तर्क (control logic) बनाने के लिए किया जाता है। ये गेट्स, इनपुट सिग्नलों के आधार पर आउटपुट सिग्नलों को नियंत्रित करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में होता है।

 पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं, जिनका उपयोग नियंत्रण तर्क (control logic) बनाने के लिए किया जाता है। ये गेट्स, इनपुट सिग्नलों के आधार पर आउटपुट सिग्नलों को नियंत्रित करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में होता है। पीएलसी में लॉजिक गेट्स क्या होते हैं? लॉजिक गेट्स मूल रूप से ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होते हैं जो एक या अधिक इनपुट लेते हैं और एक ही आउटपुट उत्पन्न करते हैं। यह आउटपुट इनपुट के बीच एक निश्चित लॉजिकल संबंध पर आधारित होता है। पीएलसी में, इन लॉजिक गेट्स को सीधे वायरिंग के बजाय प्रोग्रामिंग के माध्यम से लागू किया जाता है, आमतौर पर लैडर लॉजिक (Ladder Logic) या फंक्शन ब्लॉक डायग्राम (Function Block Diagram) जैसी भाषाओं का उपयोग करके। कुछ मुख्य प्रकार के लॉजिक गेट्स और उनके काम करने का तरीका:  * AND गेट:    * काम करने का तरीका: AND गेट में, आउटपुट तभी 'हाई' (या ऑन) होता है जब उसके सभी इनपुट 'हाई' (या ऑन) हों। यदि कोई भी इनपुट 'लो' (या ऑफ) है, तो आउटपुट भी ...

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