संदेश

पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

चित्र
अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं, जिनका उपयोग नियंत्रण तर्क (control logic) बनाने के लिए किया जाता है। ये गेट्स, इनपुट सिग्नलों के आधार पर आउटपुट सिग्नलों को नियंत्रित करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में होता है।

 पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) में लॉजिक गेट्स डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं, जिनका उपयोग नियंत्रण तर्क (control logic) बनाने के लिए किया जाता है। ये गेट्स, इनपुट सिग्नलों के आधार पर आउटपुट सिग्नलों को नियंत्रित करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में होता है। पीएलसी में लॉजिक गेट्स क्या होते हैं? लॉजिक गेट्स मूल रूप से ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होते हैं जो एक या अधिक इनपुट लेते हैं और एक ही आउटपुट उत्पन्न करते हैं। यह आउटपुट इनपुट के बीच एक निश्चित लॉजिकल संबंध पर आधारित होता है। पीएलसी में, इन लॉजिक गेट्स को सीधे वायरिंग के बजाय प्रोग्रामिंग के माध्यम से लागू किया जाता है, आमतौर पर लैडर लॉजिक (Ladder Logic) या फंक्शन ब्लॉक डायग्राम (Function Block Diagram) जैसी भाषाओं का उपयोग करके। कुछ मुख्य प्रकार के लॉजिक गेट्स और उनके काम करने का तरीका:  * AND गेट:    * काम करने का तरीका: AND गेट में, आउटपुट तभी 'हाई' (या ऑन) होता है जब उसके सभी इनपुट 'हाई' (या ऑन) हों। यदि कोई भी इनपुट 'लो' (या ऑफ) है, तो आउटपुट भी ...