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विद्युत प्रणाली में विद्युत दोष के प्रकार ( Types of Electrical Fault ) Power System लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

विद्युत प्रणाली में विद्युत दोष के प्रकार ( Types of Electrical Fault ) Power System

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विद्युत प्रणालियों में, दोषों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है: https://dkrajwar.blogspot.com/2025/08/types-of-electrical-fault-in-power.html ​1. खुला परिपथ दोष (Open Circuit Fault) ​इस प्रकार का दोष तब होता है जब एक या अधिक फेज कंडक्टर टूट जाते हैं या खुल जाते हैं। इससे परिपथ में विद्युत धारा का प्रवाह रुक जाता है। यह आमतौर पर एक ही फेज में या कई फेजों में हो सकता है। यह दोष असममित दोष (unsymmetrical fault) की श्रेणी में आता है क्योंकि यह सभी फेजों को समान रूप से प्रभावित नहीं करता है। ​2. लघु परिपथ दोष (Short Circuit Fault) ​यह सबसे सामान्य और खतरनाक प्रकार का दोष है। यह तब होता है जब दो या दो से अधिक कंडक्टर आपस में या ग्राउंड के साथ संपर्क में आ जाते हैं। इससे परिपथ में धारा का मान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे उपकरण और प्रणाली को भारी नुकसान हो सकता है। लघु परिपथ दोषों को आगे दो उप-श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: ​ सममित दोष (Symmetrical Faults): इस दोष में, तीनों फेज एक ही समय पर प्रभावित होते हैं, और दोष धारा का मान सभी फेजों में समान रहता है। ...