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डीसी मोटर का कार्य सिद्धांत (Working Principle of DC Motors)

डीसी मोटर्स (DC Motors) ऐसी मशीनें हैं जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती हैं। ये मोटरें डायरेक्ट करंट (DC) पर काम करती हैं और उन जगहों पर विशेष रूप से उपयोगी होती हैं जहाँ गति नियंत्रण (speed control) की आवश्यकता होती है। डीसी मोटर का कार्य सिद्धांत (Working Principle): डीसी मोटर का कार्य सिद्धांत फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (Fleming's Left Hand Rule) पर आधारित है। जब एक विद्युत धारा प्रवाहित करने वाले चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो उस चालक पर एक यांत्रिक बल (mechanical force) उत्पन्न होता है। यह बल चालक को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाता है, जिससे यांत्रिक गति उत्पन्न होती है। एक डीसी मोटर में मुख्य रूप से निम्नलिखित घटक होते हैं:  * आर्मेचर (Armature): यह घूमने वाला भाग होता है, जिसमें कुंडलियाँ (coils) होती हैं। इन कुंडलियों में धारा प्रवाहित होती है।  * कम्यूटेटर (Commutator): यह एक स्प्लिट रिंग होता है जो आर्मेचर कुंडलियों को बाहरी परिपथ से जोड़ता है और धारा की दिशा को नियमित रूप से बदलता रहता है, जिससे आर्मेचर एक ही दिशा में घूमता रहता है। ...