ब्रशलेस डीसी (BLDC) मोटर एक प्रकार की डीसी मोटर है जिसमें पारंपरिक डीसी मोटरों की तरह ब्रश और कम्यूटेटर नहीं होते हैं। यही विशेषता इसे अधिक कुशल, विश्वसनीय और टिकाऊ बनाती है।
ब्रशलेस डीसी (BLDC) मोटर एक प्रकार की डीसी मोटर है जिसमें पारंपरिक डीसी मोटरों की तरह ब्रश और कम्यूटेटर नहीं होते हैं। यही विशेषता इसे अधिक कुशल, विश्वसनीय और टिकाऊ बनाती है। यह कैसे काम करती है? https://dkrajwar.blogspot.com/2025/06/blog-post_411.html Automatic Permalink Custom Permalink BLDC मोटर का कार्य सिद्धांत स्टेटर और रोटर के चुंबकीय क्षेत्रों के बीच की बातचीत पर आधारित है। * स्टेटर (स्थिर भाग): इसमें कुंडलियाँ (वाइंडिंग) होती हैं। इन कुंडलियों को एक विशिष्ट पैटर्न में व्यवस्थित किया जाता है। जब इन कुंडलियों में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वे विद्युत चुम्बक बन जाती हैं और एक घूमने वाला चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं। * रोटर (घूमने वाला भाग): इसमें स्थायी चुंबक लगे होते हैं। * हॉल इफ़ेक्ट सेंसर (या एनकोडर) : ये सेंसर रोटर की स्थिति का पता लगाते हैं और नियंत्रक (कंट्रोलर) को संकेत भेजते हैं। * नियंत्रक (कंट्रोलर): हॉल इफ़ेक्ट सेंसर से प्राप्त संकेतों के आधार पर, नियंत्रक मोटर की कुंडलियों में धारा के प्रवाह को समायोजित करता...