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ब्रशलेस डीसी (BLDC) मोटर एक प्रकार की डीसी मोटर है लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

ब्रशलेस डीसी (BLDC) मोटर एक प्रकार की डीसी मोटर है जिसमें पारंपरिक डीसी मोटरों की तरह ब्रश और कम्यूटेटर नहीं होते हैं। यही विशेषता इसे अधिक कुशल, विश्वसनीय और टिकाऊ बनाती है।

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  ब्रशलेस डीसी (BLDC) मोटर एक प्रकार की डीसी मोटर है जिसमें पारंपरिक डीसी मोटरों की तरह ब्रश और कम्यूटेटर नहीं होते हैं। यही विशेषता इसे अधिक कुशल, विश्वसनीय और टिकाऊ बनाती है। यह कैसे काम करती है? https://dkrajwar.blogspot.com/2025/06/blog-post_411.html Automatic Permalink Custom Permalink BLDC मोटर का कार्य सिद्धांत स्टेटर और रोटर के चुंबकीय क्षेत्रों के बीच की बातचीत पर आधारित है।  * स्टेटर (स्थिर भाग):  इसमें कुंडलियाँ (वाइंडिंग) होती हैं। इन कुंडलियों को एक विशिष्ट पैटर्न में व्यवस्थित किया जाता है। जब इन कुंडलियों में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वे विद्युत चुम्बक बन जाती हैं और एक घूमने वाला चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं।  * रोटर (घूमने वाला भाग):   इसमें स्थायी चुंबक लगे होते हैं।  * हॉल इफ़ेक्ट सेंसर (या एनकोडर) :  ये सेंसर रोटर की स्थिति का पता लगाते हैं और नियंत्रक (कंट्रोलर) को संकेत भेजते हैं।  * नियंत्रक (कंट्रोलर): हॉल इफ़ेक्ट सेंसर से प्राप्त संकेतों के आधार पर, नियंत्रक मोटर की कुंडलियों में धारा के प्रवाह को समायोजित करता...