ट्रांसफार्मर की शीतलन विधियाँ ( Cooling Methods of Transformer )
ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रांसफार्मर में होने वाले नुकसान (जैसे कि तांबे और लोहे में होने वाले नुकसान) से गर्मी पैदा होती है, जिसे हटाना ज़रूरी होता है ताकि ट्रांसफार्मर ज़्यादा गरम न हो। ट्रांसफार्मर की रेटिंग और प्रकार के आधार पर शीतलन विधि का चयन किया जाता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2025/08/cooling-methods-of-transformer.html शीतलन विधियाँ (Cooling Methods) ट्रांसफार्मर के लिए मुख्य शीतलन विधियाँ निम्नलिखित हैं: प्राकृतिक वायु शीतलन (Air-Natural/Dry-Type): यह सबसे सरल तरीका है, जहाँ ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए प्राकृतिक हवा का इस्तेमाल किया जाता है। ये ट्रांसफार्मर आमतौर पर कम क्षमता वाले होते हैं और इनमें कोई तेल या यांत्रिक पंखे नहीं होते हैं। इन्हें शुष्क-प्रकार (dry-type) ट्रांसफार्मर भी कहते हैं। तेल-निमज्जित स्व-शीतलन (Oil-Immersed Self-Cooled): इस विधि में, ट्रांसफार्मर के कोर और कॉइल को एक टैंक में रखा जाता है जो विशेष ट्रांसफार्मर तेल से भरा होता है। जब ट्रांसफार्मर काम करता है, तो तेल गर्म हो जाता है...