विद्युत सबस्टेशन डिजाइनिंग
विद्युत सबस्टेशन डिज़ाइनिंग में कई महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं, जिनका उद्देश्य बिजली के सुरक्षित और विश्वसनीय पारेषण और वितरण को सुनिश्चित करना होता है।
सबस्टेशन डिज़ाइन के प्रमुख चरण:
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साइट सर्वेक्षण और भूमि चयन (Site Survey and Land Selection):
- समतल, अच्छी जल निकासी वाली भूमि का चयन।
- उपकरणों के परिवहन के लिए आसान पहुंच।
- आवासीय क्षेत्रों से उचित दूरी।
- बसबार कॉन्फ़िगरेशन का निर्धारण (Busbar Configuration):
- सबस्टेशन की आवश्यकता और विश्वसनीयता के आधार पर बसबार की व्यवस्था (जैसे, सिंगल बस, डबल बस, रिंग बस)।
- विद्युत एकल-रेखा आरेख (Single-Line Diagram - SLD) बनाना:
- यह ट्रांसफार्मर, ब्रेकर, और लाइनों जैसे मुख्य उपकरणों और उनके माध्यम से बिजली के प्रवाह को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है।
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उपकरणों का चयन और लेआउट (Equipment Selection and Layout):
- ज़रूरत के हिसाब से पावर ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर, बसबार, लाइटनिंग अरेस्टर (तड़ित रोधक), और सीटीएस/पीटीएस (CTs/PTs) जैसे उपकरणों का चयन करना।
- सामान्य व्यवस्था (General Arrangement - GA) ड्राइंग बनाना, जो उपकरणों की स्थानिक व्यवस्था को दर्शाता है।
- ग्राउंडिंग और अर्थिंग लेआउट (Grounding and Earthing Layout):
- सुरक्षा और फॉल्ट करंट के फैलाव के लिए अर्थिंग ग्रिड की योजना बनाना, यह सुनिश्चित करता है कि स्पर्श और कदम वोल्टेज (Touch and Step Voltages) सुरक्षित सीमा के भीतर रहें।
- सिविल और संरचनात्मक डिज़ाइन (Civil and Structural Design):
- उपकरणों की नींव, खाइयाँ (Trenches), केबल नलिकाएं, नियंत्रण कक्ष और बाड़ लगाने जैसी सिविल संरचनाओं का डिज़ाइन।
- कंट्रोल और प्रोटेक्शन सिस्टम (Control and Protection Systems):
- रिले पैनलों और SCADA (पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) प्रणालियों का डिज़ाइन।
- केबलिंग और वायरिंग (Cabling and Wiring):
- बिजली और नियंत्रण केबलों के लिए उपयुक्त मार्ग और खाई की योजना।
इन चरणों का उद्देश्य एक ऐसा डिज़ाइन तैयार करना है जो सभी तकनीकी विनिर्देशों, सुरक्षा मानकों और विश्वसनीयता की आवश्यकताओं को पूरा करे।
डिज़ाइन प्रकार के अनुसार सबस्टेशन (इनडोर/आउटडोर/जीआईएस)
डिज़ाइन के प्रकार के अनुसार, सबस्टेशन को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: इनडोर, आउटडोर (एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन - AIS), और गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS)।
विशेषता
इनडोर सबस्टेशन (Indoor)
आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor या AIS)
जीआईएस सबस्टेशन (GIS)
स्थापना
एक बिल्डिंग या संलग्नक के अंदर।
खुले आसमान के नीचे (आउटडोर) स्थापित।
धातु के आवरण (मेटल एनक्लोजर) के अंदर, अक्सर इनडोर स्थापित।
वोल्टेज स्तर
आम तौर पर 66 kV तक के निचले और मध्यम वोल्टेज के लिए।
66 kV से ऊपर के उच्च और अति-उच्च वोल्टेज (HV/EHV) के लिए।
सभी वोल्टेज स्तर, लेकिन उच्च वोल्टेज (HV/EHV) के लिए आदर्श जहाँ जगह कम हो।
जगह की आवश्यकता
कम जगह, खासकर कॉम्पैक्ट डिज़ाइन में।
सबसे अधिक जगह की आवश्यकता।
सबसे कम जगह की आवश्यकता (पारंपरिक सबस्टेशन का लगभग 1/10वां हिस्सा)।
इंसुलेशन माध्यम
मुख्य रूप से वायु (Air)।
वायु (Air)।
SF₆ (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) गैस।
सुरक्षा
बाहरी प्रभावों (मौसम, प्रदूषण, जानवर) से बेहतर सुरक्षित।
मौसम, प्रदूषण और बाहरी खतरों के संपर्क में।
सबसे अधिक सुरक्षित, क्योंकि सभी लाइव पार्ट SF₆ गैस से सील होते हैं।
लागत
आउटडोर की तुलना में अधिक महंगा (इमारत निर्माण के कारण)।
सामान्यतः सबसे सस्ता।
प्रारंभिक लागत सबसे अधिक होती है।
रखरखाव
फॉल्ट ढूँढ़ना आसान, लेकिन उपकरणों को बढ़ाना (Extension) कठिन।
उपकरणों का निरीक्षण और विस्तार आसान।
कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।
1. इनडोर सबस्टेशन (Indoor Substation)
ये सबस्टेशन एक भवन या शेड के अंदर स्थापित किए जाते हैं। 11 kV या 33 kV जैसे कम वोल्टेज स्तरों पर, उपकरणों को घर के अंदर स्थापित करना आर्थिक रूप से व्यवहार्य होता है।
- लाभ: बेहतर सुरक्षा (मौसम और प्रदूषण से), कम शोर, उच्च सुरक्षा।
- उपयोग: घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र जहाँ जगह कम हो, या जहाँ वातावरण अत्यधिक प्रदूषित हो।
2. आउटडोर सबस्टेशन या AIS (Outdoor/Air Insulated Substation)
ये सबसे आम प्रकार के सबस्टेशन हैं, जहाँ सभी उपकरण खुले आसमान के नीचे स्थापित किए जाते हैं और वायु (Air) को इंसुलेशन माध्यम के रूप में उपयोग किया जाता है। उच्च वोल्टेज (जैसे 132 kV, 220 kV, 400 kV) के लिए, उपकरणों और कंडक्टरों के बीच पर्याप्त क्लीयरेंस (जगह) की आवश्यकता होती है, इसलिए इन्हें इनडोर स्थापित करना आर्थिक रूप से संभव नहीं होता।
- लाभ: कम प्रारंभिक लागत, आसान विस्तार, सभी उपकरण दिखाई देते हैं।
- उपयोग: विशाल ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्र जहाँ भूमि आसानी से उपलब्ध हो।
3. गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन या GIS (Gas Insulated Substation)
जीआईएस सबस्टेशन में, सभी प्रमुख स्विचगियर घटक एक धातु के आवरण (Metal Enclosure) के अंदर होते हैं, और इंसुलेशन के लिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF_6) गैस का उपयोग किया जाता है। SF_6 गैस में हवा की तुलना में उत्कृष्ट इंसुलेशन गुण होते हैं, जिससे उपकरणों का आकार बहुत छोटा हो जाता है।
- लाभ: बहुत कॉम्पैक्ट, उच्च विश्वसनीयता, प्रदूषण और मौसम से पूरी तरह सुरक्षित, कम रखरखाव।
- उपयोग: उच्च वोल्टेज के लिए घने शहरी क्षेत्र, भूमिगत सबस्टेशन, औद्योगिक परिसर, और जहाँ जगह की बहुत कमी हो।
1.डिजाइन के आधार पर विभिन्न प्रकार के सबस्टेशन क्या हैं?
डिज़ाइन और निर्माण की विशेषताओं के आधार पर सबस्टेशन को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: आउटडोर (AIS), इनडोर, और गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS)।
1. आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor Substation) या एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS)
यह सबसे आम प्रकार का सबस्टेशन है, जिसमें सभी उपकरण खुले आसमान के नीचे स्थापित किए जाते हैं और वायु (Air) का उपयोग इंसुलेशन (विद्युतरोधन) माध्यम के रूप में किया जाता है।
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विशेषताएँ:
- जगह: सबसे अधिक जगह की आवश्यकता होती है, क्योंकि उच्च वोल्टेज के कारण उपकरणों के बीच पर्याप्त वायु दूरी (Air Clearance) बनाए रखनी पड़ती है।
- वोल्टेज स्तर: मुख्य रूप से 66 kV से ऊपर के उच्च और अति-उच्च वोल्टेज (HV/EHV) के लिए उपयोग किया जाता है।
- लागत: प्रारंभिक निर्माण लागत इनडोर और GIS की तुलना में कम होती है।
- रखरखाव: उपकरणों तक पहुँच आसान होती है, जिससे रखरखाव और विस्तार करना सरल होता है।
2. इनडोर सबस्टेशन (Indoor Substation)
इन सबस्टेशनों में सभी स्विचगियर और अन्य उपकरण एक भवन या संलग्नक के अंदर स्थापित किए जाते हैं।
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विशेषताएँ:
- वोल्टेज स्तर: सामान्यतः 11 kV या 33 kV तक के कम और मध्यम वोल्टेज के लिए। उच्च वोल्टेज पर, भवन का आकार बहुत बड़ा और महंगा हो जाता है।
- संरक्षण: उपकरण बाहरी वातावरण (बारिश, धूल, प्रदूषण, जानवर) से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
- उपयोग: घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों या उच्च प्रदूषण वाले औद्योगिक क्षेत्रों में जहाँ जगह की कमी हो, लेकिन इन्हें अक्सर 66 { kV} से अधिक वोल्टेज के लिए GIS से बदल दिया जाता है।
3. गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas Insulated Substation - GIS)
GIS में, सभी लाइव उपकरण जैसे सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर और बसबार धातु के आवरण (Metal Enclosure) के अंदर होते हैं, और इंसुलेशन के लिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF_6) गैस का उपयोग किया जाता है।
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विशेषताएँ:
- जगह: SF_6 की उत्कृष्ट इंसुलेशन क्षमता के कारण, ये पारंपरिक आउटडोर सबस्टेशन की तुलना में लगभग 1/10वीं जगह घेरते हैं।
- वोल्टेज स्तर: सभी वोल्टेज स्तरों पर उपयोग किया जाता है, लेकिन उच्च वोल्टेज (HV/EHV) और अति-उच्च वोल्टेज (UHV) के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है।
- संरक्षण: उपकरणों को प्रदूषण, नमी और बाहरी क्षति से पूरी तरह से सुरक्षा मिलती है, जिसके कारण विश्वसनीयता बहुत उच्च होती है।
- लागत: प्रारंभिक लागत सबसे अधिक होती है, लेकिन रखरखाव की लागत कम होती है।
- उपयोग: घने शहरी क्षेत्र, भूमिगत स्थापनाएँ (Underground installations), और बिजली संयंत्रों के नज़दीक जहाँ जगह की सख्त कमी होती है।
2. इनडोर सबस्टेशन क्या है?
इनडोर सबस्टेशन (Indoor Substation) एक ऐसा विद्युत उपकेंद्र है जिसके सभी प्रमुख उपकरण, जैसे ट्रांसफार्मर, स्विचगियर (सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर), और कंट्रोल पैनल एक बिल्डिंग, शेड या संलग्नक (enclosure) के अंदर स्थापित किए जाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- वोल्टेज स्तर: ये आमतौर पर 66 kV तक के कम और मध्यम वोल्टेज स्तरों के लिए उपयोग किए जाते हैं (जैसे 11 { kV} या 33 { kV})। उच्च वोल्टेज के लिए, उपकरणों के बीच आवश्यक अधिक वायु दूरी (Air Clearance) के कारण इमारत बहुत बड़ी और महंगी हो जाएगी।
- संरक्षण: उपकरणों को बाहरी वातावरण (बारिश, धूल, नमी, प्रदूषण) और जानवरों से पूरी तरह से सुरक्षा मिलती है। इससे उपकरणों का जीवनकाल बढ़ जाता है।
- सुरक्षा: चूंकि लाइव पार्ट (Live Parts) एक बंद संरचना के अंदर होते हैं, इसलिए कर्मियों के लिए सुरक्षा बेहतर होती है।
- स्थान: ये सबस्टेशन अक्सर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं जहाँ भूमि सीमित होती है और बाहरी सबस्टेशन के लिए जगह उपलब्ध नहीं होती।
संक्षेप में,
इनडोर सबस्टेशन का डिज़ाइन मुख्य रूप से उपकरण की सुरक्षा और कम जगह की आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया जाता है, खासकर कम वोल्टेज वितरण प्रणालियों के लिए।
3. इनडोर सबस्टेशन के लिए उपयोग किया जाता है?
इनडोर सबस्टेशन का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित परिस्थितियों और उद्देश्यों के लिए किया जाता है:
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निम्न और मध्यम वोल्टेज स्तर:
- बिजली वितरण के लिए इनडोर सबस्टेशन आमतौर पर 11 kV तक के वोल्टेज के लिए पसंद किया जाता है।
- विशेष परिस्थितियों में, इन्हें 33 kV तक के वोल्टेज के लिए भी स्थापित किया जा सकता है।
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घनी आबादी वाले और महंगे क्षेत्र (शहरी/भूमिगत):
- जहाँ जमीन की लागत बहुत अधिक होती है और खुले आसमान के नीचे (आउटडोर) सबस्टेशन बनाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं होती है।
- इन सबस्टेशनों को कॉम्पैक्ट रूप में भवन के अंदर या भूमिगत (Underground) स्थापित किया जाता है।
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प्रदूषित या हानिकारक वातावरण:
- उन क्षेत्रों में जहाँ वातावरण धूल, धुएं, संक्षारक गैसों, या रसायनों जैसे अशुद्धियों से अत्यधिक दूषित होता है।
- भवन के अंदर उपकरण स्थापित करने से वे इन तत्वों से सुरक्षित रहते हैं, जिससे उपकरणों का जीवनकाल और विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
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उच्च सुरक्षा की आवश्यकता:
- इनडोर सबस्टेशन बाहरी हस्तक्षेप (जैसे, जानवर, मौसम) और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करके उच्च सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- यह सुनिश्चित करता है कि लाइव उपकरण आम जनता के संपर्क में न आएं।
- औद्योगिक और वाणिज्यिक परिसर:
- बड़े औद्योगिक संयंत्रों, बड़े शॉपिंग मॉल, या व्यावसायिक भवनों के परिसर के अंदर बिजली वितरण के लिए अक्सर इनडोर सबस्टेशन बनाए जाते हैं।
4. आउटडोर सबस्टेशन क्या है?
आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor Substation), जिसे एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) भी कहा जाता है, वह विद्युत उपकेंद्र है जिसके सभी प्रमुख उपकरण जैसे ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर और बसबार खुले आसमान के नीचे और बाहरी वातावरण में स्थापित किए जाते हैं।
ये सबस्टेशन आमतौर पर उच्च और अति-उच्च वोल्टेज (HV/EHV) स्तरों के लिए पसंद किए जाते हैं, जो कि 66 kV या 33 kV से अधिक होते हैं।
प्रमुख विशेषताएँ और कारण
- उच्च वोल्टेज के लिए चयन: उच्च वोल्टेज पर, उपकरणों के बीच और जमीन से वायु मंजूरी (Air Clearance) बहुत अधिक होनी चाहिए। इतने बड़े उपकरणों को एक इमारत के अंदर स्थापित करना अत्यधिक महंगा और अव्यवहारिक होता है। इसलिए, उन्हें बाहर स्थापित करना अधिक किफायती होता है।
- इंसुलेशन माध्यम: यहाँ वायु (Air) को मुख्य इंसुलेशन माध्यम के रूप में उपयोग किया जाता है।
- जगह की आवश्यकता: आउटडोर सबस्टेशन को इनडोर या GIS की तुलना में बहुत अधिक जगह की आवश्यकता होती है।
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निर्माण के प्रकार:
- पोल-माउंटेड सबस्टेशन: यह सबसे सस्ता आउटडोर प्रकार है, जहाँ उपकरण (आमतौर पर 11 { kV} तक) H-पोल या चार-पोल संरचनाओं पर लगाए जाते हैं।
- फाउंडेशन/बेस-माउंटेड सबस्टेशन: ये बड़े सबस्टेशन होते हैं, जिनमें उपकरण जमीन पर बने कंक्रीट के नींव पर लगाए जाते हैं, जिनका उपयोग 33 { kV} से ऊपर के वोल्टेज के लिए किया जाता है।
लाभ
- कम प्रारंभिक लागत: इनडोर सबस्टेशन की तुलना में भवन निर्माण पर खर्च नहीं आता, जिससे प्रारंभिक लागत कम होती है।
- आसान विस्तार: भविष्य में नए उपकरण या फीडर जोड़ने के लिए विस्तार करना आसान होता है क्योंकि पर्याप्त जगह उपलब्ध होती है।
- आसान रखरखाव: उपकरण खुले में होने के कारण उनका निरीक्षण और मरम्मत करना अपेक्षाकृत सरल होता है।
5. आउटडोर सबस्टेशन के लिए उपयोग किया जाता है?
आउटडोर सबस्टेशन का उपयोग मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज (High Voltage) और अति-उच्च वोल्टेज (Extra-High Voltage) बिजली प्रणालियों के लिए किया जाता है, जहाँ उपकरणों को खुले में स्थापित करना आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य होता है।
प्रमुख उपयोग क्षेत्र
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उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन और सब-ट्रांसमिशन:
- आउटडोर सबस्टेशन 66 kV और उससे अधिक, जैसे 132 { kV}, 220 { kV}, या 400 { kV} जैसे उच्च वोल्टेज स्तरों के लिए अनिवार्य रूप से उपयोग किए जाते हैं।
- इन वोल्टेज पर, एयर क्लीयरेंस (हवा में दूरी) की आवश्यकता बहुत अधिक होती है, जिसके लिए एक विशाल, और इसलिए महंगा, इनडोर शेड बनाना अव्यावहारिक हो जाता है।
- पर्याप्त भूमि की उपलब्धता:
- यह उन क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है जहाँ भूमि सस्ती और आसानी से उपलब्ध होती है, क्योंकि उच्च वोल्टेज उपकरण खुले में बहुत अधिक जगह घेरते हैं। ये अक्सर शहरी क्षेत्रों के बाहर या कम आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित होते हैं।
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छोटे स्थानीय वितरण:
- पोल-माउंटेड सबस्टेशन आउटडोर सबस्टेशन का एक सस्ता प्रकार है।
- इसका उपयोग अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और मोहल्लों में 11 { kV} या 33 { kV} जैसे वितरण वोल्टेज स्तरों को 415 { V} या 240 { V} जैसे उपयोग योग्य निम्न वोल्टेज में बदलने के लिए किया जाता है।
आउटडोर सबस्टेशन का वर्गीकरण (स्थान के आधार पर)
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पोल-माउंटेड टाइप (Pole Mounted Type):
- ये सिंगल पोल या H-पोल संरचना पर लगाए जाते हैं।
- इनका उपयोग छोटे डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन के लिए 250 { kVA} तक की क्षमता के लिए किया जाता है।
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फाउंडेशन-माउंटेड टाइप (Foundation Mounted Type):
- यह सबस्टेशन का वह प्रकार है जिसमें उपकरण कंक्रीट नींव पर लगाए जाते हैं।
- इनका उपयोग आमतौर पर 33 { kV} से ऊपर के बड़े ट्रांसमिशन और सब-ट्रांसमिशन सबस्टेशन के लिए किया जाता है।
6. जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) क्या है?
जीआईएस का मतलब गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas Insulated Substation) है। यह एक आधुनिक उच्च वोल्टेज सबस्टेशन है जिसमें सभी प्रमुख उपकरण एक धातु के आवरण (Metal Enclosure) के अंदर सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस में संलग्न होते हैं।
यह पारंपरिक एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) का एक कॉम्पैक्ट विकल्प है।
जीआईएस की प्रमुख विशेषताएँ
इंसुलेशन माध्यम:
जीआईएस में {SF}_6 (सल्फर हेक्साफ्लोराइड) गैस का उपयोग इंसुलेशन (विद्युत रोधन) और आर्क बुझाने (Arc Quenching) वाले माध्यम के रूप में किया जाता है।
- {SF}_6 गैस में वायु की तुलना में उत्कृष्ट परावैद्युत शक्ति (Dielectric Strength) होती है, जिससे उपकरणों के बीच आवश्यक दूरी (क्लियरेंस) बहुत कम हो जाती है।
- कॉम्पैक्ट डिजाइन और कम जगह:
- {SF}_6 के उच्च इंसुलेटिंग गुणों के कारण, जीआईएस को एआईएस (AIS) की तुलना में बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। यह इसे घनी आबादी वाले महानगरीय क्षेत्रों (Metropolitan Cities) और ऊंचे भवनों के लिए आदर्श बनाता है। एक जीआईएस पारंपरिक सबस्टेशन की तुलना में लगभग 10 % जगह लेता है।
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संरचना:
- सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर, अर्थिंग स्विच, ट्रांसफार्मर और बसबार जैसे सभी घटक एक गैस-टाइट (Gas-Tight) मेटल एनक्लोजर के अंदर होते हैं।
- चूंकि सभी लाइव पार्ट मेटल एनक्लोजर के अंदर सील होते हैं, इसलिए यह बाहरी वातावरण (धूल, प्रदूषण, नमी) से पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
मुख्य लाभ
- कम जगह: उच्च भूमि लागत वाले शहरी क्षेत्रों में सबसे बड़ा फायदा।
- उच्च विश्वसनीयता: सीलबंद होने के कारण बाहरी प्रदूषण और मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- कम रखरखाव: उपकरणों पर पर्यावरण का कोई असर न होने से रखरखाव की आवश्यकता और लागत कम हो जाती है।
- सुरक्षा: सभी लाइव पार्ट संलग्न होने के कारण दुर्घटना (जैसे आग या बिजली का झटका) का खतरा लगभग शून्य हो जाता है।
7. जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) के लिए मुख्य रूप से सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस का उपयोग किया जाता है।
यह गैस तीन मुख्य कार्यों के लिए इस्तेमाल की जाती है:
- इंसुलेशन (विद्युत रोधन): {SF}_6 गैस में हवा की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक डाइइलेक्ट्रिक सामर्थ्य (Dielectric Strength) होती है। इसका उपयोग लाइव कंडक्टरों और धातु के आवरण (Metal Enclosure) के बीच इंसुलेशन माध्यम के रूप में किया जाता है, जिससे सबस्टेशन का आकार बहुत छोटा हो जाता है।
- आर्क बुझाना (Arc Quenching): सर्किट ब्रेकर में, {SF}_6 गैस का उपयोग गलती (Fault) होने पर उत्पन्न होने वाली विद्युत आर्क (Arc) को तेजी से बुझाने के लिए किया जाता है।
- शीतलन (Cooling): यह उपकरणों से गर्मी को दूर करने में भी मदद करती है।
जीआईएस में प्रयुक्त अन्य उपकरण
जीआईएस में {SF}_6 गैस के अलावा, सभी पारंपरिक सबस्टेशन उपकरण एक सीलबंद, ग्राउंडेड धातु के आवरण के अंदर स्थापित किए जाते हैं:
- सर्किट ब्रेकर (Circuit Breakers): दोषों के दौरान सर्किट को तोड़ने के लिए।
- आइसोलेटर/डिस्कनेक्टर (Isolators/Disconnectors): रखरखाव के लिए सर्किट को अलग करने हेतु।
- अर्थिंग स्विच (Earthing Switches): सुरक्षा के लिए सर्किट को अर्थ (जमीन) से जोड़ने हेतु।
- बसबार (Busbars): विद्युत शक्ति को विभिन्न घटकों तक वितरित करने के लिए।
- करंट और पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (CT & PT): करंट और वोल्टेज को मापने और सुरक्षा रिले को आपूर्ति करने के लिए।
संक्षेप में,
जीआईएस तकनीक इन सभी घटकों को {SF}_6 गैस से भरे एक कॉम्पैक्ट और सीलबंद सिस्टम में समाहित करने के लिए प्रयोग की जाती है।
8. जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
इनडोर और आउटडोर सबस्टेशनों के लिए वोल्टेज रेंज मुख्य रूप से डिज़ाइन की लागत और व्यावहारिकता पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार है:
इनडोर सबस्टेशन (Indoor Substation)
इनडोर सबस्टेशन मुख्य रूप से निम्न और मध्यम वोल्टेज स्तरों के लिए उपयोग किए जाते हैं:
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वोल्टेज रेंज (Voltag Range)
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मुख्य उपयोग (Primary Use)
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11 kV तक
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सबसे आम और आर्थिक रूप से पसंदीदा रेंज।
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33 kV तक
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इसका उपयोग उन क्षेत्रों में किया जाता है जहाँ वातावरण अत्यधिक प्रदूषित होता है (जैसे धूल, धुआं, संक्षारक गैसें)।
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इनडोर सबस्टेशन को उच्च वोल्टेज के लिए उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि 33 { kV} से ऊपर के उपकरणों के लिए आवश्यक वायु मंजूरी (Air Clearance) बहुत अधिक हो जाती है, जिससे उन्हें इमारत के अंदर स्थापित करना बहुत महंगा और अव्यावहारिक हो जाता है।
आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor Substation)
आउटडोर सबस्टेशन मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज (High Voltage - HV) और अति-उच्च वोल्टेज (Extra-High Voltage - EHV) स्तरों के लिए उपयोग किए जाते हैं:
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वोल्टेज रेंज (Voltag Range)
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मुख्य उपयोग (Primary Use)
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33 kV से अधिक
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न्यूनतम वोल्टेज जिसके लिए आउटडोर स्विचगियर को वरीयता दी जाती है।
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66 kV और उससे अधिक
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66 { kV}, 132 { kV}, 220 { kV}, 400 { kV}, {और } 765 { kV} जैसे सभी ट्रांसमिशन और ग्रिड सबस्टेशनों के लिए मानक।
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पोल-माउंटेड आउटडोर सबस्टेशन छोटे वितरण कार्यों के लिए 11 { kV} या 33 { kV} तक की निचली रेंज में भी उपयोग किए जाते हैं, क्योंकि ये सबसे सस्ते होते हैं और आमतौर पर ग्रामीण या कम घनी आबादी वाले क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं।
9. जीआईएस के लिए वोल्टेज रेंज क्या है?
जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) का उपयोग मुख्य रूप से उच्च वोल्टेज (High Voltage - HV) और अति-उच्च वोल्टेज (Extra-High Voltage - EHV) अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है।
जीआईएस के लिए विशिष्ट वोल्टेज रेंज है:
- 40.5 kV से शुरू होकर 800 kV और उससे भी ऊपर तक।
यह 66 { kV}, 132 { kV}, 220 { kV}, 400 { kV}, और 765 { kV} जैसे सभी प्रमुख ट्रांसमिशन वोल्टेज स्तरों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है, खासकर उन स्थानों पर जहाँ जगह सीमित हो।
कारण:
जीआईएस उच्च वोल्टेज स्तरों पर विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि {SF}_6 गैस का उत्कृष्ट इंसुलेशन गुण उपकरणों के बीच की दूरी (क्लियरेंस) को बहुत कम कर देता है। यह उच्च वोल्टेज उपकरणों को बहुत कम जगह में कॉम्पैक्ट रूप से स्थापित करने की अनुमति देता है, जो पारंपरिक एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) के साथ संभव नहीं है।
10. शहरों में इनडोर सबस्टेशन को क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
शहरों में इनडोर सबस्टेशन (या उनके आधुनिक रूप गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन - GIS) को कई महत्वपूर्ण कारणों से प्राथमिकता दी जाती है:
1. जगह की भारी कमी और उच्च भूमि लागत
- छोटे पदचिह्न (Small Footprint): शहरों में जमीन बहुत महंगी होती है। इनडोर सबस्टेशन (विशेष रूप से GIS) को पारंपरिक आउटडोर सबस्टेशन (AIS) की तुलना में बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। यह लागत को कम करता है और सबस्टेशन को इमारतों के नीचे, तहखानों में, या बहुमंजिला संरचनाओं में स्थापित करने की अनुमति देता है।
2. पर्यावरण और सुरक्षा
- प्रदूषण से सुरक्षा: शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों का वातावरण अक्सर धूल, धुआँ, संक्षारक गैसों (Corrosive Gases) और प्रदूषण से भरा होता है। इनडोर सबस्टेशन के उपकरण (11 kV और 33 kV तक) और GIS के संलग्न उपकरण इन अशुद्धियों से सुरक्षित रहते हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता और जीवनकाल बढ़ जाता है।
- सार्वजनिक सुरक्षा: खुले में स्थापित आउटडोर सबस्टेशन जनता के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इनडोर सबस्टेशन में सभी लाइव उपकरण एक इमारत या धातु के आवरण के अंदर होते हैं, जिससे दुर्घटना और अनधिकृत पहुंच का खतरा कम हो जाता है।
- सौंदर्यशास्त्र (Aesthetics): शहरों में दृश्य प्रदूषण को कम करने के लिए इनडोर सबस्टेशन इमारतों में छिपे होते हैं, जो शहरी सौंदर्य को बनाए रखने में मदद करता है।
3. उच्च विश्वसनीयता की आवश्यकता
- लगातार बिजली आपूर्ति: शहर घनी आबादी वाले होते हैं और इनमें महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और औद्योगिक लोड होता है। इनडोर सबस्टेशन/जीआईएस बाहरी मौसम की स्थिति (जैसे भारी बारिश, बर्फ, तूफान, आदि) से प्रभावित नहीं होते हैं, जो उच्च परिचालन विश्वसनीयता और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
निष्कर्ष:
संक्षेप में,
शहरों में सीमित और महंगी जगह, प्रदूषण की उपस्थिति, और उच्च सुरक्षा एवं विश्वसनीयता की आवश्यकता के कारण इनडोर सबस्टेशन, खासकर GIS, आउटडोर सबस्टेशन की तुलना में अधिक उपयुक्त और पसंदीदा विकल्प हैं।
11. उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए आउटडोर सबस्टेशन का उपयोग क्यों किया जाता है?
उच्च वोल्टेज (High Voltage) सिस्टम के लिए आउटडोर सबस्टेशन का उपयोग करने का मुख्य कारण आर्थिक व्यवहार्यता (Economic Viability) और सुरक्षा के लिए आवश्यक बड़ी दूरी (Required Large Clearance) है।
यह 33 { kV} या 66 { kV} से अधिक के वोल्टेज स्तरों (जैसे 132 { kV}, 220 { kV}, 400 { kV} आदि) के लिए मानक अभ्यास है।
मुख्य कारण (Key Reasons)
1. आवश्यक बड़ी वायु मंजूरी (Large Air Clearance Required)
- बिजली का विसर्जन (Electrical Discharge): जैसे-जैसे वोल्टेज बढ़ता है, विद्युत विसर्जन (sparking or flashover) को रोकने के लिए लाइव कंडक्टरों, उपकरणों, और ग्राउंडेड (जमीन से जुड़े) हिस्सों के बीच अधिक दूरी (Air Clearance) बनाए रखना आवश्यक हो जाता है।
- बड़ी जगह: उच्च वोल्टेज के लिए यह आवश्यक दूरी इतनी अधिक हो जाती है कि उपकरणों को एक इमारत के अंदर (इनडोर) स्थापित करना बहुत बड़ी और महंगी संरचना की मांग करेगा। आउटडोर स्थापना में, यह दूरी खुली हवा में बनाए रखी जाती है, जिससे निर्माण लागत में भारी कमी आती है।
2. उपकरण का आकार और वजन (Size and Weight of Equipment)
- उच्च वोल्टेज के लिए उपयोग किए जाने वाले ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर और अन्य स्विचगियर उपकरण आकार में बहुत बड़े और भारी होते हैं।
- इन भारी उपकरणों को एक बड़ी खुली जगह में स्थापित करना और उनका रखरखाव (जैसे मरम्मत, तेल बदलना) करना आसान होता है, जबकि एक सीमित इनडोर स्थान में इन्हें संभालना मुश्किल होता है।
3. कूलिंग (Cooling)
- उच्च क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में गर्मी उत्पन्न करते हैं।
- आउटडोर सबस्टेशन में, प्राकृतिक वायु संचलन (Natural Air Circulation) के माध्यम से बड़े ट्रांसफार्मर को ठंडा करना आसान होता है। इनडोर सबस्टेशन को पर्याप्त कूलिंग के लिए महंगी और जटिल वेंटिलेशन (वायुसंचार) प्रणाली की आवश्यकता होगी।
संक्षेप में,
उच्च वोल्टेज के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता एक इमारत बनाने की लागत को अत्यधिक बढ़ा देती है, इसलिए आउटडोर सबस्टेशन आर्थिक रूप से अधिक किफायती होते हैं।
12. इनडोर सबस्टेशन के मुख्य घटक क्या हैं?
इनडोर सबस्टेशन के मुख्य घटक अनिवार्य रूप से किसी भी सबस्टेशन के समान होते हैं, लेकिन उनका डिज़ाइन और विन्यास इस तरह से किया जाता है कि वे एक इमारत या संलग्न बाड़े के भीतर फिट हो सकें। यह आमतौर पर 36 { kV} तक के वोल्टेज स्तरों के लिए लागू होता है, या उच्च वोल्टेज के लिए जीआईएस (GIS) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
इन घटकों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
प्राथमिक उपकरण (Primary Equipment)
ये वे उपकरण हैं जो सीधे विद्युत ऊर्जा के प्रवाह को संभालते हैं।
- पावर ट्रांसफार्मर (Power Transformer): यह सबसे महत्वपूर्ण घटक है। यह ट्रांसमिशन वोल्टेज को वितरण वोल्टेज (जैसे 33 { kV} को 11 { kV} में, या 11 { kV} को 440 { V} में) बदलने का कार्य करता है।
-
स्विचगियर (Switchgear): यह संयोजन है जिसमें सर्किट को नियंत्रित करने, संरक्षित करने और अलग करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण शामिल हैं। इनडोर सबस्टेशन में अक्सर मेटल-क्लैड (Metal-Clad) स्विचगियर या जीआईएस (GIS) का उपयोग किया जाता है।
- सर्किट ब्रेकर (Circuit Breakers): दोष (Fault) की स्थिति में सर्किट को स्वचालित रूप से खोलने के लिए।
- आइसोलेटर/डिस्कनेक्टर (Isolators/Disconnectors): रखरखाव के लिए सर्किट को पूरी तरह से अलग करने हेतु।
- बसबार (Busbars): वह सामान्य कंडक्टर पट्टी जो विभिन्न इनकमिंग और आउटगोइंग फीडरों को जोड़ती है।
- करंट ट्रांसफार्मर (CT) और पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (PT): ये इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर हैं जो उच्च वोल्टेज और करंट को सुरक्षात्मक रिले और मापने वाले उपकरणों के लिए सुरक्षित, कम मूल्यों में बदलने का कार्य करते हैं।
- अर्थिंग स्विच (Earthing Switches): मरम्मत के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सर्किट को जमीन से जोड़ने के लिए।
- लाइटनिंग अरेस्टर (Lightning Arresters): ओवरवोल्टेज (आसमान से बिजली गिरने या स्विचिंग) से उपकरणों की सुरक्षा के लिए।
द्वितीयक उपकरण (Secondary Equipment)
ये उपकरण प्राथमिक उपकरणों की निगरानी, नियंत्रण और सुरक्षा करते हैं।
- प्रोटेक्टिव रिले (Protective Relays): ये दोषों (Faults) का पता लगाते हैं और सर्किट ब्रेकर को ट्रिप (Trip) करने के लिए कमांड भेजते हैं।
- कंट्रोल पैनल (Control Panels): सबस्टेशन के उपकरणों को नियंत्रित और संचालित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले पैनल।
- मापन उपकरण (Measuring Instruments): वोल्टेज, करंट, पावर आदि को मापने के लिए मीटर।
- बैटरी बैंक (Battery Bank): यह नियंत्रण और सुरक्षा सर्किट (रिले, सर्किट ब्रेकर ऑपरेटिंग कॉइल) को डीसी (DC) बैकअप पावर प्रदान करता है।
13. आउटडोर सबस्टेशन के मुख्य घटक क्या हैं?
आउटडोर सबस्टेशन के मुख्य घटक वे उपकरण होते हैं जो उच्च वोल्टेज को संभालते हैं और सुरक्षा कारणों से खुले में स्थापित किए जाते हैं। इन घटकों को आम तौर पर प्राथमिक और द्वितीयक उपकरणों में वर्गीकृत किया जाता है।
प्राथमिक उपकरण (Primary Equipment)
ये वे घटक हैं जो सीधे विद्युत ऊर्जा के प्रवाह, नियंत्रण और संरक्षण में शामिल होते हैं:
- पावर ट्रांसफार्मर (Power Transformer): यह सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है जो ट्रांसमिशन या वितरण के लिए वोल्टेज स्तर को बदलता है (जैसे 400 { kV} को 220 { kV} में या 33 { kV} को 11 { kV} में)।
- सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker): यह स्वचालित रूप से या मैन्युअल रूप से सर्किट को खोल सकता है। यह दोष (जैसे शॉर्ट सर्किट) की स्थिति में उच्च धारा को बाधित (Interrupt) करके उपकरणों की रक्षा करता है।
- आइसोलेटर / डिस्कनेक्टर (Isolators / Disconnectors): ये नो-लोड (No-Load) स्थिति में ही सर्किट को मैन्युअल रूप से अलग करने वाले स्विच हैं। इन्हें रखरखाव के लिए उपकरण को शक्ति स्रोत से पूरी तरह अलग करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- बसबार (Busbars): ये धातु के कंडक्टर हैं जो सबस्टेशन के अंदर विभिन्न इनकमिंग और आउटगोइंग लाइनों के लिए एक सामान्य विद्युत कनेक्शन बिंदु के रूप में कार्य करते हैं।
- लाइटनिंग अरेस्टर (Lightning Arresters) / सर्ज अरेस्टर (Surge Arresters): ये अति-वोल्टेज (Over-Voltage) सर्ज (आसमान से बिजली गिरने या स्विचिंग ऑपरेशन से उत्पन्न) से महंगे उपकरणों (जैसे ट्रांसफार्मर) की रक्षा करते हैं।
- करंट ट्रांसफार्मर (CT) और पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (PT): ये इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर हैं जो उच्च करंट और वोल्टेज को माप और सुरक्षा उपकरणों (रिले) के लिए सुरक्षित, कम मूल्यों में बदलते हैं।
- वेव ट्रैपर (Wave Trapper): यह संचार उद्देश्यों के लिए पावर लाइन कैरियर कम्युनिकेशन (PLCC) सिग्नल को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जाता है और उच्च आवृत्ति संकेतों को सबस्टेशन उपकरणों में प्रवेश करने से रोकता है।
द्वितीयक उपकरण (Secondary Equipment)
ये वे सहायक उपकरण हैं जो प्राथमिक उपकरणों की निगरानी, नियंत्रण और सुरक्षा के लिए उपयोग किए जाते हैं:
- प्रोटेक्टिव रिले (Protective Relays): ये CT/PT से इनपुट लेते हैं, दोषों का पता लगाते हैं, और सर्किट ब्रेकर को ट्रिप करने के लिए कमांड भेजते हैं।
- नियंत्रण और मॉनिटरिंग सिस्टम (Control and Monitoring System): इसमें SCADA सिस्टम, कंट्रोल पैनल, मीटरिंग उपकरण और अलार्म सिस्टम शामिल होते हैं।
- बैटरी बैंक (Battery Bank): यह नियंत्रण सर्किट, रिले, और आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था के लिए DC आपूर्ति प्रदान करता है।
आउटडोर सबस्टेशन में,
ये सभी उपकरण, ट्रांसफार्मर को छोड़कर, आमतौर पर स्विचयार्ड नामक खुली जगह में स्थापित होते हैं, जिसमें टावर, इंसुलेटर और बाड़ (Fencing) भी शामिल होते हैं।
14. जीआईएस सबस्टेशन के मुख्य घटक क्या हैं?
जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) के मुख्य घटक वे प्राथमिक और द्वितीयक उपकरण होते हैं जिन्हें सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस से भरे धातु के संलग्न बाड़ों (Metal Enclosures) में रखा जाता है। यह डिज़ाइन सबस्टेशन को अत्यंत कॉम्पैक्ट और पर्यावरण प्रतिरोधी बनाता है।
जीआईएस के मुख्य घटक हैं:
1. प्राथमिक घटक (Primary Components)
ये वे घटक हैं जो सीधे विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित और सुरक्षित करते हैं:
- सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker - CB): यह सबसे महत्वपूर्ण स्विचिंग और सुरक्षा उपकरण है। यह {SF}_6 गैस के उत्कृष्ट चाप शमन (Arc Quenching) गुणों का उपयोग करके दोष (Fault) की स्थिति में उच्च धाराओं को तुरंत बाधित (Interrupt) करता है।
- आइसोलेटर / डिस्कनेक्टर (Isolators / Disconnectors - DS): ये नो-लोड स्थिति में सर्किट के हिस्सों को भौतिक रूप से अलग करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जिससे रखरखाव के दौरान कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- अर्थिंग स्विच (Earthing Switches - ES): ये रखरखाव के लिए अलग किए गए सर्किट के हिस्सों को सुरक्षित रूप से ग्राउंड (जमीन से जोड़ना) करने का काम करते हैं।
- बसबार (Busbars): ये विद्युत कंडक्टर होते हैं जो सबस्टेशन के भीतर विभिन्न सर्किटों को जोड़ने के लिए उपयोग किए जाते हैं, और ये भी {SF}_6 बाड़े के भीतर संलग्न होते हैं।
-
इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर (Instrument Transformers):
- करंट ट्रांसफार्मर (CT): उच्च करंट को मापन और रिले सुरक्षा के लिए कम मूल्य में बदलता है।
- पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (PT) / वोल्टेज ट्रांसफार्मर (VT): उच्च वोल्टेज को मापन और रिले सुरक्षा के लिए कम मूल्य में बदलता है।
- सर्ज अरेस्टर / लाइटनिंग अरेस्टर (Surge Arresters - SA): ये {SF}_6 बाड़े के भीतर रखे जाते हैं और स्विचिंग या बिजली गिरने से उत्पन्न होने वाले क्षणिक अति-वोल्टेज से उपकरणों की रक्षा करते हैं।
- गैस इन्सुलेटेड बस डक्ट्स (Gas Insulated Bus Ducts): ये विभिन्न घटकों को आपस में जोड़ते हैं और {SF}_6 गैस के दबाव को बनाए रखते हैं।
2. द्वितीयक घटक और सहायक उपकरण (Secondary Components & Auxiliaries)
- रिले और कंट्रोल सिस्टम (Relay & Control System): ये नियंत्रण कक्ष (Control Room) में स्थित होते हैं। ये CT और PT से डेटा लेते हैं, दोषों का विश्लेषण करते हैं, और सर्किट ब्रेकर तथा अन्य उपकरणों को संचालित करने के लिए आवश्यक कमांड (जैसे ट्रिप कमांड) भेजते हैं।
- गैस मॉनिटरिंग सिस्टम (Gas Monitoring System): यह {SF}_6 गैस के घनत्व (Density) और दबाव की लगातार निगरानी करता है, क्योंकि गैस का रिसाव इन्सुलेशन विफलता का कारण बन सकता है।
- ऑपरेटिंग मैकेनिज्म (Operating Mechanism): ये सर्किट ब्रेकर और आइसोलेटर को खोलने और बंद करने के लिए यांत्रिक शक्ति प्रदान करते हैं (आमतौर पर स्प्रिंग-चार्ज या हाइड्रोलिक)।
- पावर ट्रांसफार्मर (Power Transformer): यद्यपि ट्रांसफार्मर स्वयं GIS बाड़े में संलग्न नहीं होते हैं (जब तक कि यह एक बहुत छोटा पैकेज न हो), वे सबस्टेशन का एक अभिन्न अंग हैं।
15. इनडोर सबस्टेशन के क्या लाभ हैं?
इनडोर सबस्टेशन के मुख्य लाभ हैं: सुरक्षा, कम जगह की आवश्यकता, और पर्यावरण से बेहतर बचाव।
यहाँ इनडोर सबस्टेशन के प्रमुख लाभों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
सुरक्षा और विश्वसनीयता (Safety & Reliability)
- उच्च सुरक्षा (High Safety): सभी लाइव घटक (Live Components) धातु के बाड़ों (Metal Enclosures) में बंद होते हैं, जिससे कर्मियों के लिए बिजली के झटके और आकस्मिक संपर्क का खतरा न्यूनतम हो जाता है।
- पर्यावरणीय सुरक्षा (Environmental Protection): उपकरण बारिश, धूल, नमी, औद्योगिक प्रदूषण और अत्यधिक तापमान जैसे बाहरी पर्यावरणीय कारकों से सुरक्षित रहते हैं। इससे उपकरणों का जीवनकाल बढ़ता है और जंग कम लगती है।
- कम दोष दर (Reduced Fault Rate): बाहरी तत्वों से सुरक्षा के कारण इन्सुलेशन (Insulation) की विफलता की संभावना कम हो जाती है, जिससे सबस्टेशन की विश्वसनीयता (Reliability) बढ़ जाती है।
संरचनात्मक और परिचालन लाभ (Structural & Operational Benefits)
- कम जगह की आवश्यकता (Less Space Requirement): खुले आउटडोर सबस्टेशन की तुलना में इनडोर सबस्टेशन (विशेषकर जीआईएस (GIS) सबस्टेशन) के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। यह घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों या महंगी भूमि वाले स्थानों के लिए एक बड़ा लाभ है।
- आसान रखरखाव (Easier Maintenance): चूंकि उपकरण एक नियंत्रित इनडोर वातावरण में होते हैं, इसलिए उन्हें बाहरी मौसम की स्थिति की चिंता किए बिना रखरखाव करना आसान होता है।
- कम शोर (Less Noise): उपकरण संलग्न (Enclosed) होने के कारण, बाहर निकलने वाला शोर (Noise) कम हो जाता है, जिससे यह आवासीय क्षेत्रों के पास के लिए उपयुक्त हो जाता है।
- सौंदर्यशास्त्र (Aesthetics): उपकरण भवन के अंदर छिपे होते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र का दृश्य सौंदर्य (Visual Appeal) बना रहता है।
संक्षेप में,
इनडोर सबस्टेशन विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जहाँ जगह की कमी है और पर्यावरण प्रदूषण अधिक है, वहाँ पर सुरक्षा और उच्च प्रदर्शन के लिए पसंदीदा विकल्प हैं।
16. इनडोर सबस्टेशन के नुकसान?
इनडोर सबस्टेशन, विशेष रूप से उच्च वोल्टेज के लिए डिज़ाइन किए गए (जैसे GIS), कई लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन उनके कुछ महत्वपूर्ण नुकसान भी हैं:
1. उच्च लागत (High Cost)
- निर्माण लागत: इनडोर सबस्टेशन में उपकरण को रखने के लिए एक विशेष भवन (Building) का निर्माण करना पड़ता है। सिविल वर्क (Civil Work) की आवश्यकता के कारण इसकी शुरुआती पूंजी लागत (Capital Cost) आउटडोर सबस्टेशन की तुलना में काफी अधिक होती है।
- उपकरण लागत: GIS (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) जैसे कॉम्पैक्ट इनडोर उपकरणों की लागत, पारंपरिक AIS (एयर इंसुलेटेड स्विचगियर) उपकरणों की तुलना में अधिक होती है।
2. विस्तार की सीमित गुंजाइश (Limited Scope for Expansion)
- एक बार जब भवन का निर्माण हो जाता है, तो सबस्टेशन के भविष्य के विस्तार (Future Expansion) के लिए जगह बढ़ाना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि यह संरचनात्मक रूप से सीमित होता है। आउटडोर सबस्टेशन में, अतिरिक्त उपकरण स्थापित करने के लिए खुली जगह का उपयोग करना आसान होता है।
3. जटिल निर्माण और रखरखाव (Complex Construction & Maintenance)
- निर्माण में अधिक समय: बिल्डिंग और संलग्न उपकरण को स्थापित करने में, खुले सबस्टेशन की तुलना में अधिक समय लगता है।
- दोष का पता लगाना कठिन: चूंकि सभी उपकरण धातु के बाड़ों के अंदर बंद होते हैं, इसलिए दोष (Fault) की स्थिति में दोष का स्थान (Fault Location) निर्धारित करना और मरम्मत करना अधिक जटिल और समय लेने वाला हो सकता है।
- मरम्मत और प्रतिस्थापन: इनडोर उपकरणों की मरम्मत या प्रतिस्थापन के लिए अक्सर विशेष उपकरणों और तकनीकों की आवश्यकता होती है, जो आउटडोर उपकरणों की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है।
4. वोल्टेज सीमा (Voltage Limitation)
- उच्च वोल्टेज के लिए अनुपयुक्त: पारंपरिक इनडोर सबस्टेशन आमतौर पर 66 kV या उससे अधिक के बहुत उच्च वोल्टेज स्तरों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं (हालांकि GIS ने इस सीमा को काफी हद तक समाप्त कर दिया है)। उच्च वोल्टेज के लिए आवश्यक क्लियरेंस (Clearance) के कारण भवन का आकार बहुत बड़ा हो जाएगा।
- वेंटिलेशन की आवश्यकता: उपकरण के संचालन से उत्पन्न गर्मी को दूर करने के लिए भवन के भीतर उचित शीतलन और वेंटिलेशन (Cooling and Ventilation) प्रणाली की आवश्यकता होती है।
17. एआईएस और जीआईएस के बीच क्या अंतर है?
एआईएस (AIS) और जीआईएस (GIS) सबस्टेशन के बीच मुख्य अंतर उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले इंसुलेशन माध्यम (Insulation Medium) और उनके भौतिक डिज़ाइन में निहित है।
एआईएस का अर्थ है एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (Air Insulated Substation), जबकि जीआईएस का अर्थ है गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas Insulated Substation)।
यहाँ दोनों के बीच प्रमुख अंतरों को दर्शाया गया है:
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पैरामीटर (Parameter)
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एआईएस (AIS) – एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन
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जीआईएस (GIS) – गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन
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इंसुलेशन माध्यम
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वायु (Atmospheric Air) का उपयोग मुख्य इंसुलेशन के लिए किया जाता है।
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सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस का उपयोग मुख्य इंसुलेशन के लिए किया जाता है।
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डिज़ाइन/संरचना
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खुला (Open) और आउटडोर (Outdoor) डिज़ाइन। उपकरण खुले में लगे होते हैं।
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बंद (Closed) और धातु-संलग्न (Metal-Enclosed) डिज़ाइन। उपकरण {SF}_6 गैस से भरे बाड़ों में होते हैं।
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स्थान की आवश्यकता
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बहुत अधिक जगह की आवश्यकता होती है (क्योंकि वायु को प्रभावी इंसुलेशन के लिए बड़ी दूरी की आवश्यकता होती है)।
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बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है (पारंपरिक AIS की तुलना में 10% से 30% तक)।
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लागत (शुरुआत)
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कम पूंजीगत लागत (Capital Cost) और उपकरण लागत।
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उच्च पूंजीगत और उपकरण लागत (विशेष GIS उपकरण के कारण)।
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रखरखाव
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अधिक बार और उच्च रखरखाव लागत (प्रदूषण और मौसम के कारण)।
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बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता ({SF}_6 बाड़े के कारण)।
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पर्यावरण प्रभाव
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धूल, प्रदूषण, नमक और मौसम (बारिश/बिजली) से प्रभावित होता है।
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पूरी तरह से बाह्य वातावरण से सुरक्षित, जिससे उच्च विश्वसनीयता मिलती है।
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विस्तार (Expansion)
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भविष्य में विस्तार करना आसान और लचीला होता है।
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विस्तार करना जटिल और महँगा होता है (नए मॉड्यूल की आवश्यकता होती है)।
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सुरक्षा
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लाइव पार्ट्स खुले होते हैं, जिससे कर्मियों के लिए जोखिम अधिक होता है।
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लाइव पार्ट्स संलग्न होने के कारण कर्मियों के लिए जोखिम बहुत कम होता है।
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उपयोग
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ग्रामीण या उपनगरीय क्षेत्रों में जहाँ भूमि सस्ती है और प्रदूषण कम है।
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घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों, या तटीय/प्रदूषित क्षेत्रों में।
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18. मेट्रो शहरों में किस प्रकार के सबस्टेशन का उपयोग किया जाता है?
मेट्रो शहरों में मुख्य रूप से जीआईएस (GIS) और इनडोर सबस्टेशन का उपयोग किया जाता है।
जीआईएस सबस्टेशन (Gas Insulated Substation) को प्राथमिकता देने के कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जो मेट्रो शहरों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हैं:
1. कम जगह की आवश्यकता (Minimal Space Requirement)
- जीआईएस (GIS) डिज़ाइन: जीआईएस सबस्टेशन {SF}_6 गैस को इंसुलेटिंग माध्यम के रूप में उपयोग करते हैं, जिसकी परावैद्युत शक्ति (Dielectric Strength) हवा से बहुत अधिक होती है।
- अल्ट्रा-कॉम्पैक्ट: इस कारण से, जीआईएस उपकरण को धातु के बाड़ों में बंद किया जा सकता है और पारंपरिक एआईएस (AIS) सबस्टेशन की तुलना में 60% से 90% तक कम जगह घेरता है।
- शहरी समाधान: मेट्रो शहरों में भूमि बहुत महँगी होती है और जगह सीमित होती है। जीआईएस को कॉम्पैक्ट इमारतों के अंदर, छत पर, या भूमिगत (Underground) भी स्थापित किया जा सकता है, जो उन्हें शहरी वातावरण के लिए आदर्श बनाता है।
2. उच्च विश्वसनीयता और सुरक्षा (High Reliability & Safety)
- पर्यावरण से सुरक्षा: जीआईएस उपकरण पूरी तरह से सील होते हैं, जिससे वे धूल, प्रदूषण, नमक, नमी और जानवरों के संपर्क से सुरक्षित रहते हैं। यह कठोर शहरी या औद्योगिक वातावरण में उच्च विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
- उच्च सुरक्षा: चूंकि सभी लाइव पार्ट्स (Live Parts) धातु के संलग्न बाड़ों के अंदर बंद होते हैं, इसलिए कर्मियों के लिए बिजली के झटके या आकस्मिक संपर्क का खतरा लगभग नगण्य होता है।
3. कम रखरखाव (Low Maintenance)
- सीलबंद प्रणाली: जीआईएस प्रणाली सीलबंद होने के कारण बाहरी तत्वों से कम प्रभावित होती है, जिससे रखरखाव की आवश्यकता बहुत कम हो जाती है और डाउनटाइम कम होता है। यह मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे (Critical Infrastructure) के लिए अत्यंत आवश्यक है, जहाँ निर्बाध बिजली आपूर्ति ज़रूरी है।
मेट्रो शहरों में अन्य सबस्टेशन प्रकार
मेट्रो शहरों में उपयोग होने वाले अन्य सबस्टेशन प्रकारों में शामिल हैं:
- अंडरग्राउंड सबस्टेशन (Underground Substation): जहाँ बिल्कुल भी जगह नहीं होती, वहाँ मुख्य रूप से वितरण (Distribution) के लिए भूमिगत सबस्टेशन बनाए जाते हैं।
- मेट्रो रेल ट्रैक्शन सबस्टेशन: मेट्रो रेल को बिजली की आपूर्ति के लिए विशेष डीसी ट्रैक्शन सबस्टेशन (DC Traction Substation) का उपयोग किया जाता है, जो आमतौर पर 750V या 1500V डीसी पर काम करते हैं।
19. ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार के सबस्टेशन का उपयोग किया जाता है?
ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से एआईएस (AIS) सबस्टेशन और पोल-माउंटेड (Pole-Mounted) सबस्टेशन का उपयोग किया जाता है।
यह चुनाव मुख्य रूप से कम लागत, जमीन की उपलब्धता और कम लोड घनत्व के कारण होता है।
1. एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS)
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसमिशन और बड़े सब-ट्रांसमिशन स्तरों पर आमतौर पर एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) का उपयोग किया जाता है।
- डिज़ाइन: ये आउटडोर (खुले में) डिज़ाइन के होते हैं, जहाँ उपकरण खुले आसमान के नीचे लगे होते हैं और हवा को इंसुलेशन माध्यम के रूप में उपयोग किया जाता है।
- लागत: मेट्रो शहरों के जीआईएस (GIS) की तुलना में एआईएस की शुरुआती पूंजीगत लागत (Initial Capital Cost) काफी कम होती है, जो ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं के लिए इसे किफायती बनाता है।
- जमीन की उपलब्धता: ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन आमतौर पर सस्ती और आसानी से उपलब्ध होती है, जिससे एआईएस के लिए आवश्यक बड़े पदचिह्न (Large Footprint) की समस्या नहीं आती।
- रखरखाव: इसका लेआउट स्पष्ट होता है, जिससे रखरखाव करना आसान होता है और इसके लिए कम विशेष कौशल (Specialized Skills) की आवश्यकता होती है।
2. पोल-माउंटेड सबस्टेशन (Pole-Mounted Substation)
ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न वोल्टेज वितरण (Low Voltage Distribution) के लिए पोल-माउंटेड सबस्टेशन सबसे आम प्रकार हैं। इन्हें अक्सर 'डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन' कहा जाता है।
- डिज़ाइन: यह H-पोल या चार-पोल संरचना पर ओवरहेड (ऊपर) स्थापित किया जाता है। इसमें आमतौर पर ट्रांसफार्मर, कट-आउट फ्यूज, और लाइटनिंग अरेस्टर जैसे उपकरण लगे होते हैं।
- वोल्टेज स्तर: ये आमतौर पर 11 kV से 400 V या 33 kV से 11 kV तक के वोल्टेज को कम (Step-Down) करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जो सीधे अंतिम उपभोक्ताओं (घरों, खेतों आदि) को बिजली वितरित करते हैं।
- लागत और स्थापना: यह सबस्टेशन का सबसे सस्ता और स्थापित करने में सबसे तेज़ रूप है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य ध्यान किफायती तरीके से और उपलब्ध संसाधनों (खुली जगह) का उपयोग करके बिजली पहुंचाना होता है, जिसके लिए AIS और पोल-माउंटेड सबस्टेशन सबसे उपयुक्त समाधान हैं।
20. कौन सा सबस्टेशन प्रकार सबसे महंगा है और क्यों?
विभिन्न प्रकार के सबस्टेशनों में, जीआईएस (GIS - Gas Insulated Substation) सबस्टेशन आमतौर पर सबसे महंगे होते हैं।
इसका कारण मुख्य रूप से इसकी जटिल तकनीक, घटक और निर्माण आवश्यकताएँ हैं:
1. उपकरणों की उच्च लागत (High Equipment Cost)
- {SF}_6 गैस: जीआईएस सबस्टेशनों में सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) नामक एक विशेष अक्रिय गैस का उपयोग किया जाता है। यह गैस एक उत्कृष्ट इन्सुलेटर है, लेकिन यह बहुत महंगी होती है, और इसे सीलबंद, दबाव वाले धातु के बाड़ों (Sealed, Pressurized Metal Enclosures) के अंदर रखना पड़ता है।
- उच्च गुणवत्ता वाले घटक: जीआईएस उपकरण, जैसे सर्किट ब्रेकर और स्विचगियर, को उच्च दबाव वाली {SF}_6 गैस को संभालने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाता है, जिसके लिए अत्यधिक सटीक निर्माण (High Precision Manufacturing) और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की आवश्यकता होती है।
2. निर्माण और स्थापना की जटिलता (Complexity of Construction and Installation)
- सीलबंद डिजाइन: उपकरणों को पूरी तरह से सीलबंद बाड़ों में स्थापित करना और गैस के रिसाव को रोकने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतना पड़ता है।
- इंडोर या भूमिगत स्थापना: चूंकि जीआईएस का उपयोग अक्सर घनी आबादी वाले मेट्रो क्षेत्रों में इंडोर (भवन के अंदर) या भूमिगत किया जाता है, इसलिए सबस्टेशन भवन की इंजीनियरिंग और निर्माण लागत पारंपरिक ओपन-एयर सबस्टेशन (AIS) की तुलना में बहुत अधिक होती है।
मुख्य अंतर (Key Difference)
हालांकि जीआईएस की प्रारंभिक पूंजीगत लागत (Initial Capital Cost) सबसे अधिक होती है, यह मेट्रो शहरों में महंगी भूमि की आवश्यकता को बहुत कम करके और रखरखाव लागत को कम करके लंबी अवधि में आंशिक रूप से लागत की भरपाई करता है।
संक्षेप में:
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कारक
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जीआईएस (GIS)
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एआईएस (AIS)
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उपकरण लागत
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बहुत अधिक
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कम
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स्थापना लागत
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उच्च (जटिलता के कारण)
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कम (सीधे स्थापित)
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भूमि लागत
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बहुत कम (सबसे बड़ा लाभ)
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बहुत अधिक (सबसे बड़ी लागत)
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कुल लागत
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प्रारंभिक लागत सबसे अधिक
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प्रारंभिक लागत कम, लेकिन भूमि लागत जोड़कर तुलना की जाती है
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21. 33 केवी सबस्टेशन आमतौर पर इनडोर प्रकार के क्यों होते हैं?
33 केवी सबस्टेशन आमतौर पर इनडोर (Indoor) प्रकार के हो सकते हैं, खासकर शहरी या औद्योगिक क्षेत्रों में, लेकिन यह आवश्यकता (Necessity) या परिस्थिति (Circumstance) पर निर्भर करता है।
33 केवी सबस्टेशन को इनडोर रखने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. सुरक्षा और संरक्षण (Protection and Security)
- वातावरण से सुरक्षा: शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में, हवा में प्रदूषण (Pollution), धूल (Dust), नमक (समुद्र के पास) या संक्षारक गैसें (Corrosive Gases) हो सकती हैं। ये अशुद्धियाँ इंसुलेटिंग सामग्री पर जमा होकर फ्लैशओवर (Flashover) का कारण बन सकती हैं, जिससे बिजली बाधित हो सकती है। उपकरण को इमारत के अंदर रखने से इन खतरों से पूरी तरह बचा जा सकता है।
- सुरक्षा और बर्बरता (Safety and Vandalism): इमारत के अंदर उपकरण बाहरी हस्तक्षेप, जानवरों और बर्बरता से सुरक्षित रहते हैं।
2. जगह की कमी और लागत (Space Constraints and Land Cost)
- कम जगह की आवश्यकता: 33 kV तक के वोल्टेज के लिए, कंडक्टरों और उपकरणों के बीच आवश्यक हवा का क्लीयरेंस (Air Clearance) इतना अधिक नहीं होता कि उन्हें इनडोर स्थापित करना गैर-किफायती हो जाए।
- शहरी क्षेत्र: शहरी क्षेत्रों में जमीन बहुत महंगी होती है। इनडोर सबस्टेशन (जैसे कॉम्पैक्ट सबस्टेशन या जीआईएस/GIS प्रकार) को अपेक्षाकृत कम जगह में बनाया जा सकता है। 33 kV के लिए, इस लागत-बचत को इनडोर निर्माण की बढ़ी हुई लागत के मुकाबले संतुलित किया जा सकता है।
3. वोल्टेज की सीमा (Voltage Limit)
- तकनीकी रूप से, 11 kV तक के सबस्टेशन को आमतौर पर आर्थिक कारणों से इनडोर बनाया जाता है।
- 66 kV या उससे ऊपर के सबस्टेशनों के लिए, उपकरणों के बीच आवश्यक हवा का क्लीयरेंस बहुत अधिक हो जाता है, जिससे इनडोर संरचना बहुत बड़ी और अत्यधिक महँगी हो जाती है।
- 33 kV एक मध्यम वोल्टेज स्तर है। यह वह सीमा है जहाँ पर्यावरण की स्थिति (जैसे उच्च प्रदूषण) के कारण इनडोर स्थापना का चुनाव करना व्यवहारिक और अक्सर आवश्यक हो जाता है, भले ही इसकी लागत आउटडोर (AIS) की तुलना में थोड़ी अधिक हो।
22. 400 केवी सबस्टेशन आउटडोर प्रकार के क्यों होते हैं?
400 kV (किलोवोल्ट) सबस्टेशन मुख्य रूप से आउटडोर (Outdoor) प्रकार के होते हैं क्योंकि यह आर्थिक रूप से सबसे व्यवहार्य विकल्प है।
इसका कारण उच्च वोल्टेज से संबंधित इंसुलेशन (Insulation) और सुरक्षा क्लीयरेंस (Safety Clearance) आवश्यकताएँ हैं।
1. उच्च वोल्टेज के लिए बड़ा क्लीयरेंस (Large Clearance for High Voltage)
- हवा का इन्सुलेशन: 400 kV एक अति-उच्च वोल्टेज (EHV) स्तर है। इस वोल्टेज पर, दो लाइव कंडक्टरों (चालकों) या एक लाइव कंडक्टर और जमीन के बीच स्पार्किंग (आर्क/Arc) को रोकने के लिए बहुत अधिक दूरी (Clearance) की आवश्यकता होती है। यह दूरी लगभग मीटरों में मापी जाती है।
- बड़े उपकरण: 400 kV पर काम करने वाले उपकरणों (जैसे सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर, करंट ट्रांसफार्मर) का आकार भी वोल्टेज के कारण बड़ा होता है, ताकि वे पर्याप्त इन्सुलेशन प्रदान कर सकें।
2. इनडोर स्थापना की अव्यवहारिकता (Impracticality of Indoor Installation)
- यदि 400 kV के उपकरणों को किसी इमारत (इनडोर) के अंदर स्थापित किया जाए, तो सुरक्षित क्लीयरेंस बनाए रखने के लिए इमारत को अत्यंत ऊँचा और विशाल बनाना पड़ेगा।
- निर्माण लागत: इतनी बड़ी और ऊँची इमारत के निर्माण की लागत इतनी अधिक होगी कि यह आर्थिक रूप से अव्यवहार्य (Economically Unfeasible) हो जाएगी।
3. आउटडोर (AIS) की कम लागत
- आउटडोर सबस्टेशन में, उपकरण खुली हवा (Air) को अपने प्राथमिक इन्सुलेटर (Primary Insulator) के रूप में उपयोग करते हैं।
- खुली हवा में, क्लीयरेंस के लिए आवश्यक जगह महंगी इमारतों के बजाय जमीन से प्रदान की जाती है। चूंकि ये सबस्टेशन आमतौर पर शहरों से दूर ट्रांसमिशन (Transmission) लाइनों के पास स्थित होते हैं, इसलिए जमीन की लागत इमारत की लागत की तुलना में काफी कम होती है।
अपवाद: शहरी क्षेत्रों में जहाँ जमीन की लागत बहुत अधिक होती है और जगह बिल्कुल नहीं होती है, वहाँ 400 kV के लिए भी जीआईएस (GIS - Gas Insulated Substation) सबस्टेशनों का उपयोग किया जाता है। जीआईएस हवा के बजाय {SF}_6 गैस का उपयोग करता है, जिससे उपकरण का आकार 90% तक कम हो जाता है, लेकिन इसकी लागत (पूंजीगत) एक आउटडोर सबस्टेशन की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
23. हाइब्रिड सबस्टेशन क्या है?
हाइब्रिड सबस्टेशन (Hybrid Substation) एक ऐसी तकनीक है जो दो मुख्य प्रकार के सबस्टेशनों—एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) और गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS)—की विशेषताओं को मिलाकर बनाई जाती है।
इसे मिक्स्ड टेक्नोलॉजी स्विचगियर (Mixed Technology Switchgear - MTS) भी कहा जाता है।
हाइब्रिड सबस्टेशन क्या है?
हाइब्रिड सबस्टेशन में, स्विचगियर के कुछ घटक खुली हवा (Air) में होते हैं, जबकि कुछ महत्वपूर्ण घटक (जैसे सर्किट ब्रेकर और आइसोलेटर) SF6 गैस से भरे हुए मेटल एंक्लोजर (Metal Enclosure) के अंदर होते हैं।
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घटक
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AIS (एयर इंसुलेटेड)
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GIS (गैस इंसुलेटेड)
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हाइब्रिड (मिश्रित तकनीक)
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इंसुलेशन माध्यम
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हवा
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SF6 गैस
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हवा + SF6 गैस
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जगह
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बहुत ज़्यादा
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बहुत कम (कॉम्पैक्ट)
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मध्यम (AIS से कम, GIS से ज़्यादा)
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हाइब्रिड सबस्टेशन की आवश्यकता और लाभ
हाइब्रिड सबस्टेशन का उपयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ जगह की कमी होती है, लेकिन पूरी तरह से GIS सबस्टेशन स्थापित करना बहुत महंगा होता है। यह AIS और GIS के बीच एक संतुलित विकल्प प्रदान करता है:
- जगह की बचत (Space Saving): यह AIS की तुलना में काफी कम जगह लेता है, क्योंकि सर्किट ब्रेकर जैसे बड़े उपकरण GIS मॉड्यूल में कॉम्पैक्ट तरीके से होते हैं।
- लागत संतुलन (Cost Balance): यह पूरी तरह से GIS सबस्टेशन की तुलना में अधिक किफायती होता है, क्योंकि इसमें AIS के कुछ कम लागत वाले उपकरण भी शामिल होते हैं।
- आसान विस्तार और रखरखाव: AIS की तरह, इसके बाहरी (हवा में इंसुलेटेड) घटक आसानी से दिखाई देते हैं और उनका रखरखाव करना सरल होता है।
- सबस्टेशन का नवीनीकरण (Substation Refurbishment): यह मौजूदा AIS सबस्टेशनों के विस्तार (Expansion) या नवीनीकरण के लिए आदर्श है, क्योंकि यह मौजूदा बसबारों के साथ आसानी से जुड़ जाता है, और कम जगह में अधिक क्षमता जोड़ता है।
24. हाइब्रिड सबस्टेशन के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
हाइब्रिड सबस्टेशन (Hybrid Substation) में हाइब्रिड स्विचगियर का उपयोग किया जाता है।
हाइब्रिड सबस्टेशन पारंपरिक एयर-इंसुलेटेड स्विचगियर (AIS) और आधुनिक गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) प्रौद्योगिकियों का एक संयोजन होता है।
हाइब्रिड स्विचगियर की मुख्य विशेषताएं और घटक:
- संयोजन (Combination): यह सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर (Disconnector) और अर्थिंग स्विच (Earthing Switch) जैसे प्रमुख घटकों को एक सीलबंद, गैस से भरी टंकी (आमतौर पर SF₆ गैस का उपयोग करके) में संलग्न करके GIS तकनीक का उपयोग करता है।
- बसबार कनेक्शन: यह अन्य उपकरणों से जुड़ने के लिए पारंपरिक एयर-इंसुलेटेड बसबार का उपयोग करता है।
-
लाभ (Advantages):
- स्थान की बचत: GIS तत्वों के कारण यह पारंपरिक AIS सबस्टेशनों की तुलना में काफी कम जगह घेरता है।
- विश्वसनीयता: गैस-संलग्न भाग पर्यावरणीय कारकों (जैसे नमी, प्रदूषण) से सुरक्षित रहते हैं, जिससे विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
- मॉड्यूलर डिज़ाइन: इन्हें अक्सर प्लग एंड स्विच सिस्टम (PASS) जैसे कॉम्पैक्ट, फैक्ट्री-इकट्ठे मॉड्यूल के रूप में डिज़ाइन किया जाता है, जिससे स्थापना तेज़ हो जाती है।
हाइब्रिड स्विचगियर मॉड्यूल में शामिल प्रमुख घटक:
- सर्किट ब्रेकर
- आइसोलेटर (वियोजक)
- अर्थिंग स्विच
- करंट ट्रांसफार्मर (CT)
- वोल्टेज ट्रांसफार्मर (VT)
- सर्ज अरेस्टर (Surge Arrester)
25. जीआईएस के लिए पर्यावरणीय विचार क्या हैं?
जीआईएस (GIS - Gas Insulated Substation) सबस्टेशनों के लिए सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय विचार सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस का उपयोग है।
जबकि GIS सबस्टेशन अपनी कॉम्पैक्टनेस और उच्च विश्वसनीयता के कारण महत्वपूर्ण हैं, {SF}_6 गैस के रिसाव (Leakage) से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा होता है।
1. {SF}_6 गैस का वैश्विक तापन प्रभाव (Global Warming Impact of {SF}_6)
- अत्यधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस: {SF}_6 अब तक ज्ञात सबसे शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों में से एक है। इसका ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल (GWP) कार्बन डाइऑक्साइड ({CO}_2) से लगभग 23,500 गुना अधिक होता है (100 वर्ष की अवधि में)।
- लंबा वायुमंडलीय जीवन: {SF}_6 वायुमंडल में 1,000 वर्षों से अधिक समय तक बनी रहती है। इसका मतलब है कि गैस की एक छोटी सी मात्रा भी सदियों तक ग्रह को गर्म करने में योगदान करती रहेगी।
2. रिसाव (Leakage) और प्रबंधन
GIS उपकरण सीलबंद (Sealed) होते हैं, लेकिन पूरे जीवनचक्र (विनिर्माण, स्थापना, संचालन, और डीकमीशनिंग) के दौरान मामूली रिसाव हो सकता है।
- रिसाव को कम करना: GIS के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए सख्त रिसाव का पता लगाने (Leak Detection), मरम्मत, और गैस को पुनर्चक्रित (Recycling) करने के उपायों को अपनाना आवश्यक है।
- उपकरणों का सुरक्षित निपटान: जब GIS उपकरण सेवा से बाहर हो जाते हैं, तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि {SF}_6 को वायुमंडल में छोड़े बिना पूरी तरह से निकाला और रीसायकल किया जाए।
3. भविष्य के समाधान (Future Solutions)
पर्यावरणीय चिंताओं के कारण, बिजली उद्योग अब {SF}_6 के विकल्प तलाश रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- {SF}_6-मुक्त स्विचगियर: ऐसी तकनीकें विकसित की जा रही हैं जो इंसुलेशन और आर्क शमन के लिए स्वच्छ हवा (Clean Air), {CO}_2, या अन्य वैकल्पिक गैस मिश्रणों का उपयोग करती हैं, ताकि पर्यावरण पर कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा सके।
जीआईएस सबस्टेशनों की प्रमुख पर्यावरणीय चिंता {SF}_6 गैस का अत्यधिक ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल है, जिसके कारण इसके रिसाव प्रबंधन और विकल्प तलाशने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
26. इनडोर सबस्टेशनों में रखरखाव गतिविधियाँ क्या हैं?
इनडोर सबस्टेशनों (जैसे GIS या इंडोर स्विचगियर का उपयोग करने वाले) में रखरखाव गतिविधियाँ मुख्य रूप से निवारक रखरखाव (Preventive Maintenance - PM) पर केंद्रित होती हैं। बाहरी सबस्टेशनों (AIS) की तुलना में, इनडोर सबस्टेशनों को पर्यावरण से सुरक्षा के कारण कम और अलग तरह के रखरखाव की आवश्यकता होती है।
1. नियमित निरीक्षण और सफाई (Routine Inspection & Cleaning)
यह रखरखाव कार्य उपकरण को बिना डी-एनर्जाइज किए किया जाता है।
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दृश्य निरीक्षण (Visual Inspection):
- उपकरणों, दीवारों, और फर्श पर रिसाव (Leakage) (जैसे तेल या SF6 गैस), नमी, जंग या किसी भी तरह के क्षति के संकेतों की जाँच करना।
- पेंटवर्क और गैस एन्क्लोजर की बाहरी सतहों का निरीक्षण करना।
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इंडिकेटर और मीटर रीडिंग:
- GIS में {SF}_6 गैस के दबाव/घनत्व मीटर की रीडिंग नोट करना। दबाव में गिरावट रिसाव का संकेत देती है।
- ऑपरेशन काउंटरों से सर्किट ब्रेकर के संचालन की संख्या की जाँच करना।
- नियंत्रण कक्ष की जाँच:
- कंट्रोल पैनल, रिले और बैटरी सिस्टम का निरीक्षण करना।
- सफाई:
- कंट्रोल पैनल और फ्लोर की सफाई करना (GIS की एन्क्लोज्ड प्रकृति के कारण मुख्य उपकरण की सफाई की आवश्यकता बहुत कम होती है)।
2. आवधिक निवारक रखरखाव (Periodic Preventive Maintenance)
यह गतिविधियाँ आमतौर पर 5 से 10 वर्षों के अंतराल पर या ऑपरेशन काउंट के आधार पर की जाती हैं और इनमें उपकरण को डी-एनर्जाइज करना शामिल हो सकता है।
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गैस विश्लेषण और प्रबंधन (SF6 Gas Management):
- {SF}_6 गैस की शुद्धता (Purity), नमी (Moisture), और उप-उत्पादों की जाँच करना (गैस इंसुलेशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य)।
- आवश्यकतानुसार {SF}_6 गैस को टॉप-अप करना या रीसायकल करना।
- रिसाव का पता लगाने वाले उपकरणों का उपयोग करके रिसाव बिंदुओं की जाँच और मरम्मत करना।
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स्विचगियर या ब्रेकर का परीक्षण:
- इंसुलेशन प्रतिरोध परीक्षण (Insulation Resistance Testing) करना।
- सर्किट ब्रेकर के संपर्क प्रतिरोध (Contact Resistance) की जाँच करना।
- सर्किट ब्रेकर की ट्रिपिंग और क्लोजिंग टाइमिंग की जाँच करना।
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मैकेनिकल निरीक्षण और स्नेहन (Mechanical Check & Lubrication):
- डिस्कनेक्टर (Isolators) और अर्थिंग स्विच के मैकेनिकल लिंकेज और ड्राइव सिस्टम का निरीक्षण और स्नेहन (Lubrication) करना।
- सभी बोल्ट और विद्युत कनेक्शनों की टाइट-नेस की जाँच करना।
3. ओवरहाल और सुधार (Overhaul and Corrective)
यह व्यापक रखरखाव कार्य 15 से 25 वर्षों के अंतराल पर किया जाता है, या जब उपकरण किसी गंभीर खराबी का संकेत देता है।
- सर्किट ब्रेकर ओवरहाल: GIS चैंबरों को खोलना (यदि आवश्यक हो) और सर्किट ब्रेकर के चलते हुए और स्थिर संपर्कों का निरीक्षण/प्रतिस्थापन करना।
- गास्केट और एब्जॉर्बर बदलना: गैस चैंबरों के गास्केट को बदलना और गैस की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एब्जॉर्बर को बदलना।
27. आउटडोर सबस्टेशनों में रखरखाव गतिविधियाँ क्या हैं?
आउटडोर सबस्टेशनों में रखरखाव गतिविधियों में उपकरणों के नियमित निरीक्षण, सफाई, परीक्षण, और मरम्मत शामिल होती है ताकि पर्यावरणीय प्रभावों (जैसे धूल, नमी, गर्मी) के कारण होने वाली खराबी को रोका जा सके और बिजली की आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य रखरखाव गतिविधियाँ:
1. सामान्य निरीक्षण और सफाई (General Inspection and Cleaning)
- सफाई: ट्रांसफार्मर, बुशिंग, इंसुलेटर, और अन्य बाहरी सतहों से धूल, मिट्टी, कीड़े और पक्षियों के घोंसलों को नियमित रूप से साफ करना। (विशेषकर इंसुलेटर को फ्लैशओवर से बचाने के लिए)
- जंग और क्षति की जाँच: सभी धातु संरचनाओं, ट्रांसफार्मर टैंक, और रेडिएटर्स पर जंग (Corrosion), यांत्रिक क्षति (Mechanical Damage) या पेंट छिलने के संकेतों की जाँच करना।
- तेल रिसाव की जाँच: ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर और अन्य तेल से भरे उपकरणों में तेल के रिसाव (Oil Leakage) की जाँच करना और तुरंत उसका निवारण करना।
- यार्ड और सुरक्षा: सबस्टेशन यार्ड में उचित घास काटने और सफाई सुनिश्चित करना। बाड़ (Fencing) और प्रवेश द्वार की सुरक्षा की जाँच करना।
2. उपकरण-विशिष्ट जाँच और परीक्षण (Equipment-Specific Checks and Testing)
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उपकरण
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मुख्य रखरखाव गतिविधियाँ
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ट्रांसफार्मर (Transformer)
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तेल का स्तर और गुणवत्ता (BDV, अम्लता, नमी) की जाँच करना। असामान्य शोर या अत्यधिक गर्मी की जाँच करना। कूलिंग सिस्टम (पंखे/रेडिएटर) के ठीक से काम करने की जाँच करना। अर्थिंग कनेक्शन की जाँच करना।
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सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker) & आइसोलेटर (Isolator)
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SF₆ गैस के दबाव की जाँच करना (GIS ब्रेकर के लिए)। पावर और कंट्रोल वायरिंग कनेक्शन की कसावट (Tightness) की जाँच करना। आइसोलेटर के संपर्क (Contacts) को साफ करना और चिकनाई (Lubrication) देना। ब्रेकर के खुलने और बंद होने के ऑपरेशन का परीक्षण करना।
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इंसुलेटर और बुशिंग (Insulator & Bushing)
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दरारें (Cracks), टूटने या फ्लैशओवर वोल्टेज के संकेतों के लिए पोर्सिलेन या पॉलीमर की स्थिति का निरीक्षण करना।
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करंट/वोल्टेज ट्रांसफार्मर (CT/VT)
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तेल का स्तर और रिसाव जाँच करना। बुशिंग को साफ करना। इंसुलेशन प्रतिरोध (Insulation Resistance) का परीक्षण करना।
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लाइटनिंग अरेस्टर (LA)
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लीकेज करंट (Leakage Current) की रीडिंग लेना। इंसुलेटर और कनेक्शन की जाँच करना।
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बसबार और कनेक्टर (Busbar & Connectors)
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सभी कनेक्शनों पर ढीलेपन, अधिक गर्मी (Overheating) या मलिनकिरण (Discoloration) की जाँच करना और कसना।
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3. ग्राउंडिंग/अर्थिंग सिस्टम (Grounding/Earthing System)
- अर्थिंग प्रतिरोध का मापन: यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रतिरोध स्वीकार्य सीमा के भीतर है, अर्थिंग पिट्स/चैम्बरों के प्रतिरोध मानों का समय-समय पर परीक्षण करना।
- कनेक्शनों का निरीक्षण: सभी अर्थिंग कनेक्शनों पर जंग या क्षति की जाँच करना।
4. नियंत्रण और सुरक्षा उपकरण (Control and Protection Gear)
- सुरक्षा रिले: ट्रिपिंग सर्किट और सुरक्षा रिले के कार्य का समय-समय पर इंजेक्शन परीक्षण (Secondary Injection Testing) करना।
- बैटरी बैंक: डीसी नियंत्रण प्रणाली (सर्किट ब्रेकर को संचालित करने के लिए) के लिए बैटरी बैंक की स्थिति, वोल्टेज और चार्जिंग की जाँच करना।
इन गतिविधियों का उद्देश्य उपकरणों की जीवन अवधि बढ़ाना, अप्रत्याशित ब्रेकडाउन को कम करना और सबस्टेशन के सुरक्षित संचालन को बनाए रखना है।
28. सबस्टेशनों (किसी भी प्रकार) में अर्थिंग की क्या भूमिका है?
सबस्टेशनों (Substations) में अर्थिंग (Earthing) या ग्राउंडिंग की भूमिका मानव सुरक्षा और उपकरण सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होती है। यह एक जानबूझकर बनाया गया कम-प्रतिबाधा पथ (Low-Impedance Path) है जो विद्युत धाराओं को सुरक्षित रूप से पृथ्वी में प्रवाहित करने की अनुमति देता है।
अर्थिंग की प्राथमिक भूमिकाएँ
1. मानव सुरक्षा (Safety of Personnel)
यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। अर्थिंग ग्रिड यह सुनिश्चित करता है कि सबस्टेशन के अंदर या उसके आस-पास काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को खतरनाक बिजली का झटका (Electric Shock) न लगे।
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टच वोल्टेज (Touch Voltage) और स्टेप वोल्टेज (Step Voltage) को सीमित करना: दोष (Fault) की स्थिति में, अर्थिंग ग्रिड जमीन की सतह पर संभावित वृद्धि (Ground Potential Rise) को नियंत्रित करता है, जिससे सतह पर वोल्टेज का अंतर सुरक्षित सीमा के भीतर रहता है।
- टच वोल्टेज: उपकरण को छूने वाले व्यक्ति के हाथ और पैरों के बीच संभावित अंतर।
- स्टेप वोल्टेज: एक कदम (लगभग 1 मीटर) की दूरी पर खड़े व्यक्ति के दोनों पैरों के बीच संभावित अंतर।
- उपकरण के धात्विक भागों का शून्य विभव: ट्रांसफार्मर टैंक, स्विचगियर फ्रेम और अन्य सभी अ-करंट ले जाने वाले धात्विक भागों को अर्थिंग ग्रिड से जोड़ा जाता है। यदि कोई दोष होता है और फेज वायर इन भागों को छूता है, तो लीकेज करंट तुरंत जमीन में चला जाता है, जिससे इन हिस्सों का विभव शून्य के करीब बना रहता है।
2. उपकरण सुरक्षा (Equipment Protection)
अर्थिंग सिस्टम सबस्टेशन उपकरणों को बिजली के खतरनाक स्तरों से बचाता है।
- दोष धाराओं का विसर्जन (Dissipation of Fault Currents): यह अर्थ दोष (Earth Fault) की स्थिति में भारी दोष धाराओं को तेजी से और सुरक्षित रूप से पृथ्वी में प्रवाहित होने के लिए एक निम्न-प्रतिबाधा पथ प्रदान करता है, जिससे उपकरण क्षति और आग के जोखिम को रोका जा सकता है।
- सर्ज अरेस्टर के लिए निर्वहन पथ: आकाशीय बिजली (Lightning) और स्विचिंग ऑपरेशन से उत्पन्न वोल्टेज सर्ज (Voltage Surge) से उपकरणों की रक्षा के लिए उपयोग किए जाने वाले सर्ज अरेस्टर (Surge Arresters) को सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज करने के लिए एक पथ प्रदान करता है।
- वोल्टेज स्थिरता: यह बिजली प्रणाली में एक स्थिर संदर्भ विभव (Reference Potential) प्रदान करके वोल्टेज स्थितियों को स्थिर करने में मदद करता है।
3. सिस्टम अर्थिंग (System Earthing)
- न्यूट्रल ग्राउंडिंग: यह ट्रांसफार्मर वाइंडिंग के न्यूट्रल पॉइंट को पृथ्वी से जोड़ता है। यह कनेक्शन सिस्टम की सुरक्षा और परिचालन विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह दोषों को जल्दी पता लगाने और सुरक्षात्मक रिले (Protective Relays) को सही ढंग से संचालित करने में मदद करता है।
29. किस प्रकार के सबस्टेशन की विश्वसनीयता सबसे अधिक है?
किसी भी सबस्टेशन की विश्वसनीयता मुख्य रूप से उसके डिज़ाइन (Layout) और उसमें उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के प्रकार पर निर्भर करती है।
तकनीकी विन्यास (Technological Configuration) के आधार पर:
1. गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas-Insulated Substation - GIS)
GIS को आमतौर पर सबसे विश्वसनीय सबस्टेशन प्रकार माना जाता है, खासकर उच्च वोल्टेज (High Voltage) अनुप्रयोगों के लिए।
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उच्च विश्वसनीयता का कारण:
- सीलबंद वातावरण: GIS उपकरण पूरी तरह से सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF₆) गैस से भरे धातु के बाड़ों के भीतर सील होते हैं। यह उन्हें धूल, प्रदूषण, नमी, नमक और बाहरी मौसम की स्थिति (जो आउटडोर सबस्टेशनों में दोषों का प्रमुख कारण हैं) से बचाता है।
- दोषों का कम जोखिम: सील होने के कारण आंतरिक दोष (Internal Faults) की संभावना कम हो जाती है, जिससे ऑपरेशन की निरंतरता सुनिश्चित होती है।
- कम रखरखाव: बाड़ों के कारण, GIS को एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) की तुलना में बहुत कम और आसान रखरखाव की आवश्यकता होती है।
2. बसबार व्यवस्था (Busbar Arrangement) के आधार पर विश्वसनीयता
सबस्टेशन डिज़ाइन की विश्वसनीयता का निर्धारण इस बात से होता है कि एक उपकरण या लाइन में दोष आने पर आपूर्ति बाधित होती है या नहीं। निम्नलिखित डिज़ाइन क्रमानुसार सबसे अधिक विश्वसनीय हैं:
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विश्वसनीयता क्रम
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डिज़ाइन का प्रकार
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मुख्य लाभ
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सर्वाधिक विश्वसनीय
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डबल बसबार, डबल ब्रेकर (Double Busbar, Double Breaker)
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किसी भी बसबार, ब्रेकर या लाइन दोष के लिए उच्चतम लचीलापन और विश्वसनीयता। उपकरण को बंद किए बिना रखरखाव संभव।
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उच्च विश्वसनीयता
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रिंग बसबार (Ring Busbar)
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दोष की स्थिति में सभी फीडरों को आपूर्ति मिलती रहती है। किसी भी एक ब्रेकर को रखरखाव के लिए बंद किया जा सकता है।
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विश्वसनीय
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मेन और ट्रांसफर बस (Main and Transfer Bus)
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उपकरण रखरखाव के दौरान एक वैकल्पिक बस के माध्यम से आपूर्ति बनाए रखी जा सकती है।
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कम विश्वसनीयता
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सिंगल बसबार (Single Busbar)
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बसबार में दोष आने पर पूरे सबस्टेशन को बंद करना पड़ता है, जिससे विश्वसनीयता कम हो जाती है।
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निष्कर्ष:
यदि हम कॉम्पैक्टनेस और पर्यावरणीय प्रतिरोध को शामिल करें, तो डबल ब्रेकर रिंग या डबल बस/डबल ब्रेकर कॉन्फ़िगरेशन वाला गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS) समग्र रूप से सबसे अधिक विश्वसनीयता प्रदान करता है।
30. भविष्य में किस प्रकार के सबस्टेशन का विस्तार करना सबसे आसान है?
भविष्य में आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor Substation) का विस्तार करना सबसे आसान है, खासकर जब मॉड्यूलर (Modular) या प्रीफैब्रिकेटेड सबस्टेशन (Prefabricated Substation) डिज़ाइन का उपयोग किया जाता है।
विस्तार की आसानी मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करती है:
1. डिज़ाइन का प्रकार (Type of Substation Design)
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एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Air-Insulated Substation - AIS):
- AIS, जिन्हें अक्सर आउटडोर सबस्टेशन कहा जाता है, सबसे आसान विस्तार योग्य होते हैं।
- मुख्य कारण: खुले लेआउट और पर्याप्त जगह की उपलब्धता के कारण, भविष्य में एक अतिरिक्त बे (Bay) या लाइन जोड़ने के लिए आमतौर पर पहले से आरक्षित भूमि का उपयोग करके नए उपकरण स्थापित करना और बसबारों को जोड़ना सीधा होता है।
-
गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas-Insulated Substation - GIS):
- GIS बहुत कॉम्पैक्ट होते हैं, लेकिन उनका विस्तार अधिक जटिल हो सकता है।
- विस्तार के लिए नए सीलबंद मॉड्यूल को वर्तमान प्रणाली से जोड़ने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए SF₆ गैस को संभालने वाले विशेष उपकरणों और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। यदि जगह की कमी हो, तो GIS एकमात्र विकल्प हो सकता है, लेकिन इसका विस्तार तकनीकी रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।
2. निर्माण और लेआउट (Construction and Layout)
-
प्रीफैब्रिकेटेड/मॉड्यूलर सबस्टेशन (Prefabricated/Modular Substation):
- यह भविष्य के विस्तार के लिए सबसे आधुनिक और कुशल तरीका है।
- इन सबस्टेशनों को मॉड्यूलर इकाइयों (जैसे कंटेनर या छोटे डिब्बे) के रूप में डिज़ाइन और निर्मित किया जाता है। जब क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होती है, तो बस एक नई मॉड्यूलर इकाई को साइट पर लाया जाता है और मौजूदा बसबारों से जोड़ दिया जाता है।
- लाभ: ऑन-साइट निर्माण कार्य कम होता है, स्थापना जल्दी होती है, और यह काफी लागत-कुशल हो सकता है। यह मौजूदा आपूर्ति को बाधित किए बिना विस्तार की अनुमति देता है।
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बसबार कॉन्फ़िगरेशन (Busbar Configuration):
- सिंगल बसबार सबस्टेशन का विस्तार करना संरचनात्मक रूप से सरल होता है, लेकिन विस्तार के दौरान पूरी आपूर्ति को बंद करना पड़ सकता है, जिससे यह परिचालन के दृष्टिकोण से कम आकर्षक हो जाता है।
- डबल बसबार या रिंग बसबार जैसे अधिक लचीले लेआउटों में, भविष्य में एक बे जोड़ने से परिचालन में कम रुकावट आती है, जिससे वे विस्तार के लिए बेहतर विकल्प बन जाते हैं।
संक्षेप में,
यदि आपके पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तो आउटडोर AIS डिज़ाइन का भविष्य में विस्तार करना सबसे आसान और कम जटिल होता है।
31. आउटडोर सबस्टेशन (एआईएस)?
आउटडोर सबस्टेशन (Outdoor Substation) का पूरा नाम एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Air-Insulated Substation - AIS) है।
यह बिजली उपकेंद्र का सबसे पारंपरिक (Conventional) और व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला प्रकार है।
मुख्य विशेषताएँ और कार्यप्रणाली:
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इंसुलेशन माध्यम (Insulation Medium):
- AIS में, उपकरणों (जैसे बसबार, सर्किट ब्रेकर और आइसोलेटर) के बीच और चरण (Phase) से ग्राउंड तक के मुख्य इन्सुलेशन माध्यम के रूप में वायुमंडल की हवा का उपयोग किया जाता है।
- चूँकि हवा की परावैद्युत शक्ति (Dielectric Strength) कम होती है, इसलिए उच्च वोल्टेज के लिए पर्याप्त इन्सुलेशन सुनिश्चित करने हेतु उपकरणों के बीच अधिक दूरी (Clearance Distance) रखी जाती है।
-
स्थान और लेआउट (Space and Layout):
- AIS उपकरण खुले आसमान के नीचे (आउटडोर) स्थापित किए जाते हैं, जिन्हें सुरक्षा के लिए एक बाड़ (Fence) से घेरा जाता है।
- इंसुलेशन के लिए हवा का उपयोग करने के कारण, इसे बहुत अधिक भूमि क्षेत्र की आवश्यकता होती है, जो इसे ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाता है जहाँ भूमि आसानी से उपलब्ध और सस्ती होती है।
- उपयोग (Application):
- यह ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों स्तरों पर उपयोग किया जाता है, लेकिन विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां जगह की कमी नहीं है और लागत कम रखनी है।
AIS के फायदे और नुकसान:
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फायदा (Advantages)
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नुकसान (Disadvantages)
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कम प्रारंभिक लागत: GIS की तुलना में उपकरण और सिविल कार्य सस्ते होते हैं।
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अधिक जगह की आवश्यकता: इन्सुलेशन के लिए हवा के कारण बहुत बड़े क्षेत्र की जरूरत होती है।
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आसान रखरखाव: उपकरण खुले में होने के कारण उनका निरीक्षण और मरम्मत करना आसान होता है।
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पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता: यह प्रदूषण, धूल, नमक, नमी और खराब मौसम से प्रभावित होता है, जिससे दोष (Fault) और रखरखाव की आवश्यकता बढ़ जाती है।
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आसान विस्तार: भविष्य में आवश्यकतानुसार नए बे (Bay) या लाइनों को जोड़ना अपेक्षाकृत सरल होता है।
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कम विश्वसनीयता: खुले में होने के कारण, GIS की तुलना में इसकी विश्वसनीयता कम हो सकती है।
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स्थापना में सरलता: उपकरणों को स्थापित करना और उनका परीक्षण करना आसान होता है।
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सुरक्षा जोखिम: खुले बसबारों और उपकरणों के कारण सुरक्षा और कर्मियों के लिए खतरा अधिक होता है।
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32. तटीय या प्रदूषित क्षेत्रों में किस प्रकार के सबस्टेशन का उपयोग किया जाता है?
तटीय (Coastal) या अत्यधिक प्रदूषित (Heavily Polluted) क्षेत्रों में दो मुख्य प्रकार के सबस्टेशनों का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यहाँ नमक के जमाव (Salt Deposits), नमी (Humidity), और संक्षारण (Corrosion) की समस्या बहुत अधिक होती है:
1. गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas-Insulated Substation - GIS)
यह प्रदूषित क्षेत्रों के लिए सबसे पसंदीदा और उत्कृष्ट विकल्प है।
- सुरक्षा: GIS में सभी उच्च-वोल्टेज उपकरण एक धातु के आवरण (Metal Enclosure) के अंदर होते हैं, जो SF₆ गैस से भरा होता है।
- प्रदूषण से बचाव: यह डिज़ाइन उपकरणों को बाहरी वातावरण (हवा, धूल, नमी, और सबसे महत्वपूर्ण, नमक के कणों) के सीधे संपर्क से पूरी तरह से बचाता है।
- रखरखाव: चूंकि उपकरण सील होते हैं, इसलिए उन्हें आउटडोर सबस्टेशन (AIS) की तुलना में बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता होती है, जिससे परिचालन लागत कम हो जाती है।
2. एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) में सुधार (Modified AIS)
यदि GIS की उच्च लागत या जगह की कमी के कारण उसे स्थापित करना संभव नहीं है, तो पारंपरिक आउटडोर सबस्टेशन (AIS) को विशेष उपायों के साथ उपयोग किया जाता है:
- विशेष इंसुलेटर (Special Insulators): AIS में वायुमंडल के संपर्क में आने वाले चीनी मिट्टी (Porcelain) या ग्लास इंसुलेटर के बजाय, सिलिकॉन कंपोजिट इंसुलेटर (Silicon Composite Insulators) का उपयोग किया जाता है।
- इन इंसुलेटर में प्राकृतिक रूप से हाइड्रोफोबिक (पानी से दूर रखने वाला) गुण होता है, जो उनकी सतह पर नमक और प्रदूषण के कारण एक संवाहक परत (Conductive Layer) बनने से रोकता है।
- उच्च क्रीपेज दूरी (High Creepage Distance): इंसुलेटर को विशेष रूप से बड़ी क्रीपेज दूरी (Creepage Distance) के साथ डिज़ाइन किया जाता है।
- क्रीपेज दूरी वह सबसे छोटी दूरी होती है जिसे रिसाव धारा (Leakage Current) को सतह के पार ग्राउंड तक पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है। अधिक दूरी होने से प्रदूषण के कारण फ्लैशओवर (Flashover) का खतरा कम हो जाता है।
- संक्षारण प्रतिरोधी संरचना (Corrosion-Resistant Structures): तटीय क्षेत्रों में उपयोग की जाने वाली सभी धातु संरचनाओं (जैसे स्टील टॉवर और बसबार समर्थन) को संक्षारण से बचाने के लिए हॉट-डिप गैल्वनाइजेशन (Hot-Dip Galvanization) के अलावा विशेष पेंट या कोटिंग का उपयोग किया जाता है।
33. जीआईएस सबस्टेशन?
जीआईएस (GIS) सबस्टेशन का पूरा नाम गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (Gas-Insulated Substation) है।
यह एक उच्च-वोल्टेज सबस्टेशन है जिसमें सभी प्रमुख उपकरण (जैसे सर्किट ब्रेकर, डिस्कनेक्टर, बसबार, और ट्रांसफार्मर) एक धातु के आवरण (Metal Enclosure) के अंदर होते हैं, जिसे सल्फर हेक्साफ्लोराइड ({SF}_6) गैस से भरा जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
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विशेषता
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विवरण
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इंसुलेशन माध्यम
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{SF}_6 गैस का उपयोग इन्सुलेशन माध्यम के रूप में किया जाता है, जिसकी परावैद्युत शक्ति (Dielectric Strength) हवा की तुलना में लगभग 2.5 से 3 गुना अधिक होती है।
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कॉम्पैक्टनेस
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उच्च इंसुलेशन क्षमता के कारण, उपकरणों के बीच की आवश्यक दूरी (Clearance) बहुत कम हो जाती है, जिससे GIS सबस्टेशन पारंपरिक AIS सबस्टेशन की तुलना में लगभग 1/10वीं जगह घेरता है।
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स्थापना
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GIS को अक्सर इनडोर या भूमिगत (Underground) स्थापित किया जाता है, खासकर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों या उच्च भूमि लागत वाले स्थानों पर।
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संरचना
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सभी उपकरण सीलबंद होते हैं, जिससे यह बाहरी वातावरण (प्रदूषण, धूल, नमी) से पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
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GIS के फायदे
- बहुत कम जगह की आवश्यकता: शहरी क्षेत्रों, ऊंची इमारतों और सीमित स्थान वाली जगहों के लिए आदर्श।
- उच्च विश्वसनीयता: सीलबंद होने के कारण, यह बाहरी पर्यावरणीय कारकों (धूल, नमक, प्रदूषण, मौसम) से सुरक्षित रहता है, जिससे फ्लैशओवर और आउटेज का खतरा कम होता है।
- कम रखरखाव: उपकरण सुरक्षित रूप से सीलबंद होने के कारण रखरखाव की आवश्यकता और लागत बहुत कम होती है।
- बेहतर सुरक्षा: सभी उच्च-वोल्टेज घटक ग्राउंडेड धातु आवरण के अंदर होते हैं, जिससे कर्मियों के लिए बिजली के झटके का खतरा नगण्य हो जाता है।
- संक्षारण प्रतिरोध: तटीय या औद्योगिक प्रदूषित क्षेत्रों में उपयोग के लिए उत्कृष्ट है, जैसा कि आपने पिछले प्रश्न में पूछा था।
GIS के नुकसान
- उच्च प्रारंभिक लागत: GIS उपकरण और स्थापना AIS की तुलना में काफी महंगे होते हैं।
- जटिल स्थापना और मरम्मत: इसकी जटिल और मॉड्यूलर संरचना के कारण स्थापना के लिए विशेष उपकरणों और तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। मरम्मत भी अधिक जटिल होती है।
- {SF}_6 गैस का पर्यावरणीय प्रभाव: {SF}_6 गैस एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जिसका ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल ({GWP}) कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में हज़ारों गुना अधिक है। इसलिए, गैस रिसाव को रोकने के लिए सख्त नियंत्रण और निगरानी आवश्यक है।
34. सभी सबस्टेशनों के लिए कौन से सुरक्षा उपाय समान हैं?
सभी प्रकार के सबस्टेशनों (AIS, GIS, हाइब्रिड) के लिए कई सुरक्षा उपाय समान और अनिवार्य होते हैं, क्योंकि उनका प्राथमिक लक्ष्य कर्मचारियों, उपकरणों और विद्युत प्रणाली को सुरक्षित रखना होता है।
विद्युत सुरक्षा (Electrical Safety)
- अर्थिंग प्रणाली (Earthing/Grounding System): कर्मचारियों को बिजली के झटके से बचाने और दोष (Fault) की स्थिति में उपकरण को सुरक्षित रखने के लिए एक मज़बूत, कम-प्रतिरोध वाली अर्थिंग मैट (Earthing Mat) या ग्रिड होना आवश्यक है।
- प्रोटेक्टिव रिले और सर्किट ब्रेकर (Protective Relays and Circuit Breakers): सभी सबस्टेशनों में दोषों (जैसे ओवरकरंट, शॉर्ट सर्किट) को तुरंत पहचानने और स्वस्थ भाग को अलग करने के लिए विश्वसनीय सुरक्षात्मक स्विचगियर (Protective Switchgear) और रिले सिस्टम स्थापित किए जाते हैं।
- सुरक्षित क्लीयरेंस (Safe Clearance): जीवित (Energized) विद्युत भागों और संरचनाओं, बाड़ या जमीन के बीच सुरक्षित दूरी (Clearance Distance) बनाए रखना अनिवार्य है ताकि आकस्मिक संपर्क से बचा जा सके।
- बिजली अरेस्टर (Lightning Arresters): उच्च वोल्टेज वाले क्षणिक उछाल (Transient Surges) से उपकरणों की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से आकाशीय बिजली से, सभी फीडर और बसबार पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाना आवश्यक है।
परिचालन सुरक्षा (Operational Safety)
- LOTO प्रक्रियाएँ (Lockout/Tagout - LOTO Procedures): यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरम्मत या रखरखाव के दौरान किसी भी उपकरण को गलती से चालू न किया जाए, परमिट-टू-वर्क (Permit-to-Work) सिस्टम और LOTO प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
- व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (Personal Protective Equipment - PPE): सबस्टेशन क्षेत्र में काम करते समय कर्मचारियों के लिए आर्क-रेटेड कपड़े (Arc-Rated Clothing), इन्सुलेटेड दस्ताने, सुरक्षा चश्मा, हेलमेट और सुरक्षा जूते पहनना अनिवार्य है।
- डी-एनर्जाइज्ड साबित करना (Proving De-Energized): किसी भी उपकरण पर काम शुरू करने से पहले, एक प्रशिक्षित ऑपरेटर द्वारा यह जांचना आवश्यक है कि सर्किट वास्तव में डी-एनर्जाइज्ड हो गया है।
भौतिक और अग्नि सुरक्षा (Physical and Fire Safety)
- परिधि सुरक्षा (Perimeter Security): अनधिकृत प्रवेश (Unauthorized Entry) को रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक ऊँची बाड़ (Fencing) और चेतावनी संकेत लगाना आवश्यक है।
- अग्निशमन प्रणाली (Fire Fighting System): ट्रांसफार्मर और नियंत्रण कक्ष के पास आग से लड़ने के लिए उचित आग बुझाने वाले यंत्र (Fire Extinguishers) और, बड़े ट्रांसफार्मर के लिए, अग्निशमन प्रणाली स्थापित होनी चाहिए।
- प्रशिक्षण: सभी कर्मचारियों को विद्युत सुरक्षा प्रक्रियाओं, आपातकालीन निकासी मार्गों और प्राथमिक उपचार का नियमित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
सभी सबस्टेशन सुरक्षा और विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए इन मूलभूत सिद्धांतों का पालन करते हैं, भले ही उनका डिज़ाइन (AIS या GIS) अलग हो।
35. सबस्टेशन डिजाइन में भविष्य की प्रवृत्ति क्या है?
सबस्टेशन डिजाइन में भविष्य की प्रवृत्ति (Future Trends) मुख्य रूप से ग्रिड आधुनिकीकरण (Grid Modernization), अक्षय ऊर्जा एकीकरण (Renewable Energy Integration), और डिजिटलीकरण (Digitalization) पर केंद्रित है।
डिजाइन के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख रुझान निम्नलिखित हैं:
1. डिजिटल सबस्टेशन (Digital Substations)
यह सबसे बड़ी भविष्य की प्रवृत्ति है।
- IEC 61850 मानक: यह एक नया अंतर्राष्ट्रीय मानक है जो संचार प्रोटोकॉल को मानकीकृत करता है, जिससे कॉपर (तांबे) की केबलिंग की जगह फाइबर ऑप्टिक केबल का उपयोग संभव होता है।
- IEDs (Intelligent Electronic Devices): पारंपरिक रिले और मीटर की जगह बुद्धिमान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग होता है जो निगरानी, नियंत्रण और सुरक्षा कार्यों को अधिक तेज़ी और सटीकता से करते हैं।
- फायदे: वायरिंग में कमी, निर्माण में लगने वाला समय कम, बेहतर विश्वसनीयता, और वास्तविक समय (Real-Time) में डेटा निगरानी।
2. कॉम्पैक्ट और हाइब्रिड डिज़ाइन (Compact and Hybrid Designs)
- गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS) का व्यापक उपयोग: शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जगह बचाने और कठोर वातावरण (जैसे तटीय प्रदूषण) में बेहतर विश्वसनीयता के लिए GIS का उपयोग बढ़ रहा है।
- हाइब्रिड सबस्टेशन (Hybrid Substations): यह AIS (एयर-इंसुलेटेड) और GIS (गैस-इंसुलेटेड) प्रौद्योगिकियों का मिश्रण है, जो AIS की लचीलेपन और GIS की कॉम्पैक्टनेस का लाभ प्रदान करता है।
3. स्मार्ट और लचीला ग्रिड एकीकरण (Smart & Flexible Grid Integration)
- अक्षय ऊर्जा एकीकरण: सबस्टेशनों को पवन और सौर ऊर्जा जैसे वितरित और परिवर्तनशील ऊर्जा स्रोतों (Distributed and Variable Generation) को संभालने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जिससे ग्रिड स्थिरता बनाए रखी जा सके।
- ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ग्रिड को लचीलापन प्रदान करने और परिवर्तनीय नवीकरणीय ऊर्जा को अवशोषित करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) को सीधे सबस्टेशन डिजाइन में एकीकृत किया जा रहा है।
- प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस (Predictive Maintenance): इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग उपकरणों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए किया जाता है, जिससे विफलताओं का अनुमान लगाकर रखरखाव किया जा सके, न कि विफलता आने पर।
4. मॉड्यूलर और प्रीफैब्रिकेटेड सबस्टेशन (Modular and Prefabricated Substations)
- तेज़ तैनाती: उपकरणों को साइट पर भेजने से पहले नियंत्रित कारखाने सेटिंग्स में प्रीफैब्रिकेटेड (पूर्वनिर्मित) और मॉड्यूलर इकाइयों के रूप में इकट्ठा किया जाता है। इससे स्थापना का समय कम होता है और निर्माण की गुणवत्ता बढ़ती है।
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