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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

निकटता सेंसर (Proximity Sensors) के प्रकार ( Types of Proximity Sensors )

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निकटता सेंसर (Proximity Sensors) के प्रकार  निकटता सेंसर (Proximity Sensors) कई प्रकार के होते हैं, जो वस्तु का पता लगाने के लिए विभिन्न सिद्धांतों का उपयोग करते हैं।  https://dkrajwar.blogspot.com/2025/10/proximity-sensors-types-of-proximity.html मुख्य प्रकारों में शामिल हैं: ​ प्रेरक (Inductive) निकटता सेंसर:   ये केवल धातु वस्तुओं का पता लगाने के लिए एक विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र (electromagnetic field) का उपयोग करते हैं। ​ संधारित्री (Capacitive) निकटता सेंसर:   ये सेंसर धातु और गैर-धातु दोनों प्रकार की वस्तुओं (जैसे तरल पदार्थ, पाउडर, प्लास्टिक) का पता लगाने के लिए एक विद्युत क्षेत्र (electric field) में परिवर्तन का उपयोग करते हैं। ​ अल्ट्रासोनिक (Ultrasonic) निकटता सेंसर:   ये वस्तु की दूरी का पता लगाने के लिए ध्वनि तरंगों (sound waves) (मानव श्रवण सीमा से अधिक आवृत्ति) का उपयोग करते हैं। ये रंग, पारदर्शिता या सामग्री से प्रभावित नहीं होते हैं। ​ प्रकाशविद्युत (Photoelectric) निकटता सेंसर:   ये प्रकाश (अक्सर इन्फ्रारेड) के उत्सर्जन और पता लगाने...

विद्युत सबस्टेशन डिजाइनिंग ( Electrical Substation Designing )

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विद्युत सबस्टेशन डिजाइनिंग विद्युत सबस्टेशन डिज़ाइनिंग में कई महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं, जिनका उद्देश्य बिजली के सुरक्षित और विश्वसनीय पारेषण और वितरण को सुनिश्चित करना होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2025/10/electrical-substation-designing_01610248328.html ​ सबस्टेशन डिज़ाइन के प्रमुख चरण: ​ साइट सर्वेक्षण और भूमि चयन (Site Survey and Land Selection): ​समतल, अच्छी जल निकासी वाली भूमि का चयन। ​उपकरणों के परिवहन के लिए आसान पहुंच। ​आवासीय क्षेत्रों से उचित दूरी। ​ बसबार कॉन्फ़िगरेशन का निर्धारण (Busbar Configuration): ​सबस्टेशन की आवश्यकता और विश्वसनीयता के आधार पर बसबार की व्यवस्था (जैसे, सिंगल बस, डबल बस, रिंग बस)। ​ विद्युत एकल-रेखा आरेख (Single-Line Diagram - SLD) बनाना: ​यह ट्रांसफार्मर, ब्रेकर, और लाइनों जैसे मुख्य उपकरणों और उनके माध्यम से बिजली के प्रवाह को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है। ​ उपकरणों का चयन और लेआउट (Equipment Selection and Layout): ​ज़रूरत के हिसाब से पावर ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर, बसबार, लाइटनिंग अरेस्टर (तड़ित रोध...