अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन ( Electric Drill Machine )

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन Electric Drill Machine

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इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन के बारे में जानकारी यहाँ दी गई है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन (Electric Drill Machine) एक विद्युत संचालित उपकरण है जिसका उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न सामग्रियों जैसे लकड़ी, धातु, प्लास्टिक, और कंक्रीट में छेद (होल) करने के लिए किया जाता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन क्या है और यह कैसे काम करती है?

  • परिचय: इसे आमतौर पर पावर ड्रिल भी कहा जाता है। यह एक पोर्टेबल टूल है जो कुशल और तेज ड्रिलिंग को संभव बनाता है।
  • कार्य: इसका मुख्य उद्देश्य ड्रिल बिट (Drill Bit) को तेजी से घुमाना है, जिससे यह सामग्री में छेद कर सके।
  • मोटर: इसमें एक इलेक्ट्रिक मोटर लगी होती है जो गियर की मदद से चक (Chuck) को घुमाती है। चक में ड्रिल बिट लगाई जाती है।
  • दिशा नियंत्रण: अधिकांश पावर ड्रिल को उपयोगकर्ता की पसंद के आधार पर दक्षिणावर्त (Clockwise) और वामावर्त (Anti-clockwise/Reverse) दोनों दिशाओं में चलाया जा सकता है। यह सुविधा छेद करने के साथ-साथ स्क्रू को कसने (Tightening) या ढीला करने (Loosening) के लिए भी उपयोगी है।
  • स्पीड कंट्रोल: कुछ ड्रिलों में वेरिएबल स्पीड कंट्रोल होता है, जिससे गति को आवश्यकतानुसार कम या ज्यादा किया जा सकता है।
  • टॉर्क कंट्रोल: कुछ मशीनें टॉर्क (घूर्णी बल) को भी नियंत्रित करने की सुविधा प्रदान करती हैं, जो स्क्रू लगाने के दौरान महत्वपूर्ण होता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन के प्रकार

​इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीनें कई प्रकार की होती हैं, जिनमें से मुख्य प्रकार उपयोग के आधार पर निम्न हैं:

  • कॉर्डेड ड्रिल (Corded Drill): ये मशीनें सीधे बिजली के आउटलेट से जुड़ी होती हैं और लगातार बिजली मिलने के कारण अधिक पावरफुल होती हैं।
  • कॉर्डलेस ड्रिल (Cordless Drill): ये मशीनें बैटरी (आमतौर पर लिथियम आयन) से चलती हैं। ये पोर्टेबल होती हैं और कहीं भी ले जाकर आसानी से इस्तेमाल की जा सकती हैं। (जैसे 12V, 18V, 21V मॉडल)।
  • इम्पैक्ट ड्रिल/हैमर ड्रिल (Impact/Hammer Drill): ये विशेष रूप से कंक्रीट, ईंट (ब्रिक्स) या चिनाई जैसी कठोर सामग्री में छेद करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। यह ड्रिल बिट को घुमाने के साथ-साथ आगे-पीछे हथौड़े (Hammer) जैसा इम्पैक्ट भी देती है, जिससे ड्रिलिंग आसान हो जाती है।
  • रोटरी ड्रिल (Rotary Drill): ये सामान्य ड्रिलिंग (जैसे लकड़ी या धातु में) के लिए उपयोग की जाती हैं।

इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन के उपयोग

​इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है:

  1. छेद करना: विभिन्न सामग्रियों में अलग-अलग आकार और गहराई के छेद करना। (सबसे प्रमुख उपयोग)
  2. स्क्रू लगाना/निकालना: स्क्रूड्राइवर मोड का उपयोग करके स्क्रू को कसना या खोलना। (विशेष रूप से कॉर्डलेस ड्रिल में आम)
  3. पॉलिशिंग/सैंडिंग: ड्रिल में उपयुक्त अटैचमेंट लगाकर पॉलिशिंग या सैंडिंग का काम करना।
  4. होम वर्कशॉप और DIY: घर की मरम्मत, फर्नीचर असेंबली, और अन्य छोटे प्रोजेक्ट्स में।




इलेक्ट्रिक ड्रिल का कार्य सिद्धांत क्या है?

इलेक्ट्रिक ड्रिल का कार्य सिद्धांत (Working Principle) मुख्य रूप से विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा (घूर्णन गति) में बदलने पर आधारित है।

​यह प्रक्रिया निम्नलिखित मुख्य सिद्धांतों और चरणों का उपयोग करती है:

मुख्य सिद्धांत

​इलेक्ट्रिक ड्रिल में एक छोटी क्षमता वाली AC सार्वभौमिक मोटर (Universal Motor) या DC मोटर का उपयोग किया जाता है। इसका कार्य सिद्धांत मुख्य रूप से विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और फ्लेमिंग के वामहस्त नियम (Fleming's Left-Hand Rule) पर आधारित होता है:

  1. विद्युत ऊर्जा का यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तन: मोटर का मुख्य कार्य विद्युत ऊर्जा (बिजली) को चुंबकीय क्षेत्र को काटकर (magnetic field cutting) यांत्रिक घूर्णन गति में बदलना है।
    • ​जब मोटर के आर्मेचर (Rotor) में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, और यह एक स्थिर चुंबकीय क्षेत्र (Stator) में रखा होता है, तो आर्मेचर पर एक बल (Force) लगता है।
    • ​यह बल आर्मेचर को लगातार एक ही दिशा में घुमाता है, जिससे घूर्णन गति (Rotation) उत्पन्न होती है।

ड्रिलिंग प्रक्रिया के चरण

​उत्पन्न घूर्णन गति को ड्रिल बिट तक पहुंचाया जाता है:

  1. मोटर रोटेशन: मोटर का रोटर (घूमने वाला भाग) बहुत तेज़ गति से घूमना शुरू कर देता है।
  2. संचरण तंत्र (Transmission Mechanism): मोटर की इस हाई-स्पीड रोटेशन को एक गियर तंत्र (Gear Mechanism) के माध्यम से संचालित किया जाता है।
    • ​गियर, जिसे गियर ड्राइव भी कहा जाता है, मोटर की गति को कम करता है लेकिन साथ ही ड्रिल की शक्ति (टॉर्क) को बढ़ाता है
  3. ड्रिल बिट का घूर्णन: गियर तंत्र द्वारा बढ़ाई गई शक्ति ड्रिल चक (Drill Chuck) को दी जाती है, जिसमें ड्रिल बिट (Drilling Bit) लगा होता है।
  4. ड्रिलिंग: ड्रिल बिट घूर्णन करते हुए वस्तु (जैसे लकड़ी, धातु या दीवार) की सतह को खुरचता है और उसमें छेद करता है।

नोट:

  • इम्पैक्ट ड्रिल (Impact Drill) और हैमर ड्रिल (Hammer Drill) जैसे कुछ प्रकारों में, घूर्णन गति के साथ-साथ, छेद करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए एक अतिरिक्त आघात (Impact) या हथौड़ा तंत्र (Ball Bearing/Canine type impact mechanism) भी शामिल होता है, जो ड्रिल बिट को आगे-पीछे भी धकेलता है।




इलेक्ट्रिक ड्रिल के प्रकार?

 इलेक्ट्रिक ड्रिल मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, जिन्हें उनके कार्य और उपयोग के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल के मुख्य प्रकार

प्रकार (Type)

हिंदी नाम

मुख्य विशेषताएँ और उपयोग

Hand Electric Drill

हैंड इलेक्ट्रिक ड्रिल / साधारण ड्रिल

* शक्ति: सबसे कम। * उपयोग: मुख्य रूप से लकड़ी, धातु, प्लास्टिक में छेद करने और इलेक्ट्रिक स्क्रूड्राइवर के रूप में। * इसमें केवल रोटरी (घूमने) की क्रिया होती है।

Impact Drill

इम्पैक्ट ड्रिल / परकशन ड्रिल

* शक्ति: साधारण ड्रिल से अधिक। * उपयोग: ईंटों (Bricks), ब्लॉकों (Blocks), और कंक्रीट (Concrete) जैसी कठोर सतहों में छेद करने के लिए। * इसमें रोटरी के साथ-साथ एक हल्का प्रभाव (Impact) तंत्र भी होता है।

Hammer Drill (Electric Hammer)

हैमर ड्रिल / इलेक्ट्रिक हैमर

* शक्ति: सबसे अधिक। * उपयोग: कठिनतम सामग्री जैसे कंक्रीट, पत्थर, चिनाई (Masonry) में छेद करने के लिए। * इसमें पॉवरफुल रोटरी और हथौड़े जैसी मार (Hammering) की क्रिया होती है, जिसके कारण यह बहुत प्रभावी होता है।

अन्य महत्वपूर्ण वर्गीकरण

​इलेक्ट्रिक ड्रिल को उनकी बिजली आपूर्ति और विशेषताओं के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है:

  • कॉर्डेड ड्रिल (Corded Drill): ये सीधे बिजली के आउटलेट से जुड़े होते हैं और लगातार उच्च शक्ति प्रदान करते हैं, जो भारी-भरकम और लंबे समय तक चलने वाले कार्यों के लिए उपयुक्त होते हैं।
  • कॉर्डलेस ड्रिल (Cordless Drill): ये रिचार्जेबल बैटरी पर चलते हैं, जो इन्हें अत्यधिक पोर्टेबल और उन जगहों पर काम करने के लिए सुविधाजनक बनाते हैं जहाँ बिजली की पहुँच नहीं है।




इलेक्ट्रिक ड्रिल के उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल एक बहुउपयोगी (multi-purpose) उपकरण है जिसका इस्तेमाल सिर्फ़ छेद करने तक ही सीमित नहीं है। यह निर्माण, मरम्मत, गृह सुधार (DIY), और कई औद्योगिक कार्यों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल के मुख्य उपयोग

​इलेक्ट्रिक ड्रिल के सबसे आम और महत्वपूर्ण उपयोग निम्नलिखित हैं:

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

किन सामग्रियों में उपयोग (Materials Used In)

1. छेद करना (Drilling Holes)

यह इलेक्ट्रिक ड्रिल का प्राथमिक उपयोग है। विभिन्न प्रकार के ड्रिल बिट्स (drill bits) का उपयोग करके विभिन्न सामग्रियों में सटीक छेद किए जाते हैं।

लकड़ी, धातु, प्लास्टिक, कंक्रीट, ईंट, प्लास्टर, आदि।

2. स्क्रू कसना और ढीला करना (Driving Screws)

ड्रिल-ड्राइवर मोड और स्क्रूड्राइवर बिट्स का उपयोग करके, यह मशीन मिनटों में स्क्रू को कसने (टाइट करने) या ढीला (खोलने) करने का काम करती है। यह हाथ से करने वाले काम को बहुत आसान और तेज़ बना देता है।

लकड़ी के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर, TDB (इलेक्ट्रिकल बॉक्स) का काम, किसी भी पेंच को लगाने/हटाने में।

3. मिक्सिंग (Mixing)

ड्रिल चक में पैडल मिक्सर अटैचमेंट (paddle mixer attachment) लगाकर, इसका उपयोग पेंट, ग्राउट (grout), मोर्टार, या पतली सीमेंट को मिलाने के लिए किया जाता है।

पेंट, पुट्टी, मोर्टार, एढेसिव (चिपकने वाला पदार्थ) को मिलाना।

4. सफाई और पॉलिशिंग (Cleaning and Polishing)

ड्रिल पर ब्रश अटैचमेंट या पॉलिशिंग पैड लगाकर, इसका उपयोग सतहों को साफ करने, जंग हटाने, या किसी धातु या लकड़ी की वस्तु को पॉलिश करने के लिए किया जाता है।

धातु की सतहों से जंग हटाना, फर्श की सफाई, फर्नीचर पॉलिश करना।

5. सैंडिंग (Sanding)

ड्रिल पर सैंडिंग अटैचमेंट (Sandpaper pad) लगाकर, इसका उपयोग लकड़ी या धातु की सतहों को चिकना करने या पुराने पेंट को हटाने के लिए किया जा सकता है।

लकड़ी, धातु, आदि की सतहों को चिकना करना।


दैनिक जीवन में उपयोग

  • तस्वीरें/घड़ियाँ टांगना: दीवार पर कील या स्क्रू लगाने के लिए छेद करना।
  • फर्नीचर असेंबली: नए फर्नीचर को जोड़ने या पुराने को खोलने के लिए स्क्रू ड्राइवर के रूप में उपयोग।
  • पर्दे की रॉड लगाना: दीवार या खिड़की के फ्रेम में छेद करना।
  • इलेक्ट्रिकल कार्य: स्विच बोर्ड या जंक्शन बॉक्स लगाने के लिए दीवार में छेद करना।




इलेक्ट्रिक ड्रिल के भाग?

इलेक्ट्रिक हैंड ड्रिल (Electric Hand Drill) के मुख्य भाग (Parts) इस प्रकार हैं, जो मिलकर इसे काम करने की शक्ति और नियंत्रण प्रदान करते हैं:


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इलेक्ट्रिक ड्रिल के मुख्य भाग


भाग (Part)

हिंदी नाम

कार्य (Function)

1. चक (Chuck)

चक

यह ड्रिल का आगे का हिस्सा होता है जो ड्रिल बिट (Drill Bit) या स्क्रू ड्राइवर बिट को पकड़कर रखता है। यह सुनिश्चित करता है कि बिट घूमते समय अपनी जगह पर स्थिर रहे।

2. ड्रिल बिट (Drill Bit)

ड्रिल बिट

यह उपकरण का कटिंग टूल है, जो सामग्री (लकड़ी, धातु, कंक्रीट) में छेद करने या स्क्रू को कसने/ढीला करने का वास्तविक काम करता है।

3. मोटर (Motor)

मोटर

यह ड्रिल का शक्ति स्रोत है। यह बिजली को घूमने की गति (रोटरी मोशन) में बदलता है, जिससे चक और बिट घूमते हैं।

4. ट्रिगर स्विच (Trigger Switch)

ट्रिगर स्विच

यह बटन ड्रिल को चालू (ON) और बंद (OFF) करने के लिए उपयोग किया जाता है। कई ड्रिलों में, इस पर दबाव डालकर घूमने की गति (स्पीड) को नियंत्रित भी किया जाता है।

5. गति नियंत्रण/लॉक बटन (Speed Control/Lock Button)

गति नियंत्रण/लॉक बटन

यह अक्सर ट्रिगर के पास लगा होता है। यह लगातार ड्रिलिंग के लिए ट्रिगर को लॉक कर देता है (बिना दबाए रखने के लिए) और कुछ मॉडलों में गति को समायोजित करने की अनुमति देता है।

6. गियरबॉक्स (Gearbox)

गियरबॉक्स

यह मोटर की गति को टॉर्क (Torque) में बदलने का काम करता है। यह आमतौर पर ड्रिल को तेज़ गति (High Speed) या अधिक बल/टॉर्क (High Torque) पर चलाने के लिए गियर सेटिंग को बदलने की अनुमति देता है।

7. हैंडल/ग्रिप (Handle/Grip)

हैंडल/ग्रिप

यह वह भाग है जिसे उपयोगकर्ता पकड़ता है। यह ऑपरेशन के दौरान नियंत्रण और स्थिरता प्रदान करता है।

8. फ़ॉरवर्ड/रिवर्स स्विच (Fwd/Reverse Switch)

आगे/पीछे स्विच

यह ड्रिल की घूमने की दिशा को नियंत्रित करता है। छेद करने के लिए आगे (Forward) और स्क्रू निकालने या बिट को फँसने से बचाने के लिए पीछे (Reverse) किया जाता है।





चक कौन है?

​1. इलेक्ट्रिक ड्रिल के संदर्भ में 'चक' (Chuck)

​इलेक्ट्रिक ड्रिल के संदर्भ में, 'चक' उस यांत्रिक उपकरण को कहते हैं जो:

  • ड्रिल बिट (Drill Bit) या अन्य उपकरण (जैसे स्क्रूड्राइवर बिट) को कसकर पकड़ता है।
  • ​यह मोटर द्वारा उत्पन्न होने वाली घूमने की शक्ति को ड्रिल बिट तक पहुँचाता है, जिससे छेद करने या स्क्रू कसने का काम होता है।
  • ​यह ड्रिल का वह हिस्सा है जिसे आप हाथ से घुमाकर खोलते या कसते हैं ताकि बिट को डाला या निकाला जा सके।





ड्रिल बिट का उपयोग?

ड्रिल बिट (Drill Bit) इलेक्ट्रिक ड्रिल का काटने वाला औजार (Cutting Tool) है। इसका मुख्य उपयोग विभिन्न सामग्रियों में सटीक आकार के छेद (Holes) बनाना है। ड्रिल बिट का प्रकार, उसकी सामग्री और डिज़ाइन यह निर्धारित करता है कि वह किस काम के लिए उपयुक्त है।

ड्रिल बिट के मुख्य उपयोग (Main Uses of Drill Bits)

​ड्रिल बिट का उपयोग सामग्री के अनुसार बदलता है:

ड्रिल बिट का प्रकार

मुख्य सामग्री जिस पर उपयोग होता है

प्राथमिक कार्य

ट्विस्ट ड्रिल बिट (Twist Drill Bit / HSS)

धातु, लकड़ी, प्लास्टिक

इन सामग्रियों में सामान्य छेद करने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सर्पिल खांचे (helical flutes) चिप्स (मलबे) को बाहर निकालने में मदद करती हैं।

मेसनरी ड्रिल बिट (Masonry Drill Bit)

कंक्रीट, ईंट, पत्थर, टाइल

इसमें कार्बाइड की एक सख्त टिप (Tungsten Carbide Tip) होती है। इसका उपयोग हमेशा हैमर ड्रिल या इम्पैक्ट ड्रिल के साथ किया जाता है ताकि कठोर सतहों को पीसा जा सके।

वुड ड्रिल बिट (Wood Bit)

लकड़ी

ये अलग-अलग डिज़ाइन में आते हैं (जैसे: स्पेड बिट, फोरस्टनर बिट, डोवेल बिट)। * स्पेड बिट: लकड़ी में तेज़ी से बड़े, मोटे छेद बनाने के लिए। * फोरस्टनर बिट: फर्नीचर बनाने में सपाट-तल वाले, साफ छेद (Flat-bottomed holes) बनाने के लिए।

होल सॉ (Hole Saw)

लकड़ी, धातु, प्लास्टिक, प्लास्टर

यह एक पायलट ड्रिल बिट के साथ एक गोलाकार ब्लेड होता है, जिसका उपयोग बड़े व्यास के छेद (जैसे पाइप या जंक्शन बॉक्स के लिए) काटने के लिए किया जाता है।

स्टेप ड्रिल बिट (Step Drill Bit)

शीट मेटल (Sheet Metal)

यह एक ही बिट से कई अलग-अलग आकार के छेद बनाने की अनुमति देता है, जिससे पतली धातुओं में छेद करते समय किनारों को साफ रखा जा सकता है।

सेंटर ड्रिल बिट (Center Drill Bit)

धातु, अन्य कठोर सामग्री

इसका उपयोग बड़े ड्रिल बिट के लिए एक शुरुआती बिंदु (पायलट होल) बनाने के लिए किया जाता है ताकि बड़े ड्रिल बिट को फिसलने से रोका जा सके और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।


संक्षेप में, 
सही ड्रिल बिट का चयन आपके काम की सामग्री और आवश्यक छेद के व्यास पर निर्भर करता है।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में कम्यूटेटर का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में कम्यूटेटर (Commutator) एक बहुत ही महत्वपूर्ण आंतरिक भाग होता है, खासकर उन ड्रिलों में जिनमें ब्रश्ड डीसी मोटर (Brushed DC Motor) या यूनिवर्सल मोटर (Universal Motor) का उपयोग होता है।

​कम्यूटेटर को हिंदी में "दिक-परिवर्तक" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है दिशा को बदलने वाला (Direction Changer)

कम्यूटेटर का मुख्य उपयोग

​कम्यूटेटर का प्राथमिक कार्य मोटर के अंदर विद्युत धारा (Current) की दिशा को उलटना है ताकि मोटर लगातार एक ही दिशा में घूमता रहे।

मुख्य कार्य

विवरण (Details)

क्यों आवश्यक (Why it is needed)

धारा की दिशा बदलना

कम्यूटेटर, जो आर्मेचर (घूमने वाले भाग) से जुड़ा होता है, कार्बन ब्रशों (Carbon Brushes) के संपर्क में आता है और हर आधे घूर्णन (180°) पर आर्मेचर वाइंडिंग में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा की दिशा को स्वचालित रूप से उलट (Reverse) देता है।

यदि धारा की दिशा नहीं बदली जाएगी, तो चुंबकीय बल (Torque) आधे चक्कर के बाद उलट जाएगा, जिससे मोटर रुक जाएगी या विपरीत दिशा में चलने लगेगी।

एकदिशीय टॉर्क बनाए रखना

धारा को ठीक समय पर उलट कर, कम्यूटेटर यह सुनिश्चित करता है कि आर्मेचर पर काम करने वाला टॉर्क (घुमाव बल) हमेशा एक ही दिशा में लगे।

यह लगातार और सुचारू घूर्णन गति (Continuous Rotation) को बनाए रखने के लिए आवश्यक है, जो ड्रिल को छेद करने या स्क्रू कसने की शक्ति देता है।

बिजली पहुंचाना

यह ब्रश और आर्मेचर वाइंडिंग के बीच एक गतिशील विद्युत संपर्क (Sliding Electrical Contact) बनाने का भी काम करता है, जिससे मोटर को शक्ति मिलती है।

यह बाहरी स्रोत से बिजली को मोटर के घूमने वाले भाग तक पहुंचाता है।


संक्षेप में: 

कम्यूटेटर (दिक-परिवर्तक) एक स्वचालित स्विच के रूप में कार्य करता है जो मोटर को लगातार घूमते रहने में सक्षम बनाता है, जिससे इलेक्ट्रिक ड्रिल काम कर पाती है।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में कूलिंग फैन का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में कूलिंग फैन (Cooling Fan), जिसे अक्सर पंखे (Fan) या वेंटिलेशन फैन के रूप में जाना जाता है, एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है, खासकर उन ड्रिलों में जो भारी और लंबे समय तक उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

कूलिंग फैन का उपयोग (Use of the Cooling Fan)

​कूलिंग फैन का मुख्य उद्देश्य ड्रिल के मोटर (Motor) को अत्यधिक गर्म होने (Overheating) से बचाना है। यह सीधे मोटर के आर्मेचर शाफ्ट पर लगा होता है और मोटर के साथ ही घूमता है।

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

परिणाम (Result/Benefit)

1. गर्मी का अपव्यय (Heat Dissipation)

जब मोटर चलती है, तो विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) के कारण गर्मी (Heat) उत्पन्न होती है। पंखा इस गर्म हवा को मोटर के आंतरिक भागों से खींचता है और ड्रिल के आवरण (Casing) में बने वेंट्स (Vents) के माध्यम से बाहर निकाल देता है।

मोटर की सुरक्षा करता है और उसके जीवनकाल (Lifespan) को बढ़ाता है।

2. निरंतर संचालन (Continuous Operation)

गर्मी को नियंत्रित करके, यह सुनिश्चित करता है कि ड्रिल लंबे समय तक बिना किसी रुकावट या क्षति के अपनी पूरी शक्ति पर काम कर सके। यदि मोटर बहुत गर्म हो जाती है, तो वह खराब हो सकती है या उसकी शक्ति कम हो सकती है।

ड्रिल को भारी शुल्क (Heavy Duty) वाले कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है।

3. धूल और मलबे को हटाना (Clearing Debris)

घूमने वाला पंखा ड्रिल के आंतरिक भाग में थोड़ा दबाव (Pressure) बनाकर रखता है, जिससे धूल, लकड़ी के बुरादे, या धातु के चिप्स जैसी चीजें मोटर वाइंडिंग पर जमा नहीं हो पाती हैं।

आंतरिक सफाई बनाए रखता है, जिससे मोटर की कार्यक्षमता और प्रदर्शन बना रहता है।


संक्षेप में:

कूलिंग फैन एक सुरक्षात्मक उपाय है जो मोटर के अत्यधिक तापमान को नियंत्रित करके इलेक्ट्रिक ड्रिल को सुरक्षित, कुशल और लंबे समय तक चलने योग्य बनाता है। यह गर्मी को बाहर निकाल कर मोटर को "सांस लेने" में मदद करता है।




इलेक्ट्रिक ड्रिल में गियर का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में गियर (Gears) एक बहुत ही महत्वपूर्ण यांत्रिक हिस्सा होते हैं, जो मोटर की गति और शक्ति (टॉर्क) को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं। ये गियरबॉक्स (Gearbox) नामक एक भाग में व्यवस्थित होते हैं।

इलेक्ट्रिक ड्रिल में गियर का उपयोग

​इलेक्ट्रिक ड्रिल में गियर का उपयोग मुख्य रूप से दो उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है:

​1. टॉर्क (शक्ति) और गति का रूपांतरण (Torque and Speed Conversion)

​इलेक्ट्रिक मोटर बहुत तेज़ गति (High RPM) पर घूमती है, लेकिन इसमें कम टॉर्क (Low Torque) होता है। छेद करने या स्क्रू कसने जैसे कार्यों के लिए, हमें अक्सर अधिक टॉर्क की आवश्यकता होती है। गियर का काम यही रूपांतरण करना है:

  • कम गति, अधिक टॉर्क (Low Speed, High Torque): जब गियर बड़ी गति को छोटी गति में परिवर्तित करते हैं, तो आउटपुट पर टॉर्क (घुमाव बल) बढ़ जाता है।
    • उपयोग: कंक्रीट, पत्थर जैसी कठोर सामग्री में बड़े छेद करने या बड़े स्क्रू को कसने के लिए।
  • तेज़ गति, कम टॉर्क (High Speed, Low Torque): जब गियर मोटर की तेज़ गति को लगभग उसी गति पर रखते हैं, तो टॉर्क कम रहता है।
    • उपयोग: लकड़ी या धातु में छोटे, सटीक छेद करने के लिए।

​2. गति चयन (Speed Selection)

​कई आधुनिक ड्रिलों में एक गियर सिलेक्टर स्विच (Gear Selector Switch) होता है, जो उपयोगकर्ताओं को ड्रिल को विभिन्न स्पीड सेटिंग्स पर चलाने की अनुमति देता है। यह गियर के एक अलग सेट को सक्रिय करता है:

  • सेटिंग 1 (लो स्पीड): यह अधिक टॉर्क और कम RPM देता है, जो मुख्य रूप से स्क्रू ड्राइविंग (Screw Driving) या कठोर सतहों में बड़े छेद करने के लिए आदर्श है।
  • सेटिंग 2 (हाई स्पीड): यह कम टॉर्क और अधिक RPM देता है, जो मुख्य रूप से तेजी से ड्रिलिंग (Fast Drilling) के लिए उपयोग होता है, खासकर लकड़ी और धातु में छोटे छेदों के लिए।

​गियर और गियरबॉक्स का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि ड्रिल किसी भी कार्य के लिए आवश्यक शक्ति (टॉर्क) और आवश्यक गति (RPM) प्रदान कर सके। यह इलेक्ट्रिक ड्रिल को एक बहुमुखी उपकरण बनाता है।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में बियरिंग का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में बियरिंग (Bearings), जिन्हें हिंदी में बेयरिंग या धुरी सह कहा जाता है, मोटर और शाफ्ट (धुरी) के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यांत्रिक घटक हैं।

इलेक्ट्रिक ड्रिल में बियरिंग का उपयोग

​बियरिंग का प्राथमिक कार्य घर्षण (Friction) को कम करना और घूमते हुए हिस्सों को समर्थन (Support) देना है।


मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

परिणाम (Result/Benefit)

1. घर्षण कम करना (Reducing Friction)

बियरिंग, विशेष रूप से बॉल बियरिंग (Ball Bearings), मोटर के शाफ्ट और आर्मेचर को उसके आवास (Housing) के अंदर चिकनाई से घूमने में मदद करते हैं। यह घूमने वाली सतहों के बीच स्लाइडिंग घर्षण को रोलिंग घर्षण में बदलकर घर्षण को कम करता है।

मोटर की दक्षता (Efficiency) बढ़ाता है, जिससे मोटर कम ऊर्जा खपत करती है और ज़्यादा शक्ति प्रदान करती है।

2. घूमते हुए हिस्सों को समर्थन देना

यह मोटर के रोटर/आर्मेचर शाफ्ट और आउटपुट शाफ्ट को सही स्थिति में रखता है। यह सुनिश्चित करता है कि शाफ्ट बिना किसी हिलने-डुलने (Wobbling) के, अपने केंद्र अक्ष (Center Axis) पर बिल्कुल सीधा घूमे।

ड्रिलिंग में सटीकता (Accuracy) सुनिश्चित करता है और घूमने वाले हिस्सों को एक-दूसरे से टकराने या रगड़ने से बचाता है।

3. भार सहन करना (Handling Load)

बियरिंग ड्रिलिंग के दौरान उत्पन्न होने वाले रेडियल भार (Radial Load) (शाफ्ट पर लंबवत बल) और अक्षीय भार (Axial Load) (शाफ्ट की दिशा में बल, जैसे ड्रिलिंग करते समय धक्का देना) को सहन करता है।

भारी-भरकम और कठोर सामग्री में ड्रिलिंग करते समय ड्रिल की मजबूती (Durability) और जीवनकाल सुनिश्चित करता है।

4. गर्मी को कम करना

घर्षण कम होने से गर्मी (Heat) कम उत्पन्न होती है, जिससे मोटर को ठंडा रखने में मदद मिलती है।

मोटर को ओवरहीटिंग से बचाता है और उसके प्रदर्शन को स्थिर रखता है।


संक्षेप में: 

बियरिंग के बिना, मोटर शाफ्ट सीधे आवास के अंदर घूमता, जिससे अत्यधिक घर्षण, तेज़ी से घिसाव और अंततः मोटर की विफलता हो जाती। बियरिंग ड्रिल को तेज, सुचारू और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक हैं।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में केबल क्लैंप का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में केबल क्लैंप (Cable Clamp) एक छोटा लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण सुरक्षा और यांत्रिक घटक है, जिसका मुख्य उपयोग ड्रिल की बिजली आपूर्ति के तार (Power Cord) को सुरक्षित करना होता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल में केबल क्लैंप का उपयोग

​केबल क्लैंप का प्राथमिक कार्य केबल को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखना है, खासकर जहाँ वह ड्रिल के आवरण (Casing) में प्रवेश करता है।

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

क्यों आवश्यक (Safety Reason)

1. तनाव से राहत (Strain Relief)

यह सुनिश्चित करता है कि यदि उपयोगकर्ता गलती से पावर केबल को खींचता या झटका देता है, तो खिंचाव सीधे मोटर के टर्मिनल (Motor Terminals) पर न पड़े। इसके बजाय, खिंचाव क्लैंप पर पड़ता है।

यह केबल को अंदरूनी कनेक्शन से टूटने या अलग होने से बचाता है। यदि कनेक्शन टूट जाए, तो ड्रिल काम करना बंद कर देगी।

2. सुरक्षा (Electrical Safety)

यह केबल को ड्रिल के अंदर घूमने या तेज किनारों से रगड़कर उसके इंसुलेशन (Insulation) को क्षतिग्रस्त होने से रोकता है।

केबल का इंसुलेशन क्षतिग्रस्त होने पर शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) या उपयोगकर्ता को बिजली का झटका लगने का गंभीर खतरा हो सकता है। केबल क्लैंप इस जोखिम को रोकता है।

3. स्थिति निर्धारण (Securing Position)

यह केबल को ठीक उसी जगह पर स्थिर करता है जहाँ उसे ड्रिल के आवरण से बाहर निकलना होता है।

यह सुनिश्चित करता है कि ड्रिल के आंतरिक भाग में केबल अपनी जगह पर रहे और अन्य घूमने वाले हिस्सों (जैसे मोटर या पंखे) से टकराए नहीं।


संक्षेप में: 

केबल क्लैंप इलेक्ट्रिक ड्रिल की सुरक्षा (Safety) और टिकाऊपन (Durability) के लिए एक अनिवार्य घटक है। यह सुनिश्चित करता है कि बिजली का तार खींचने या मुड़ने पर भी सुरक्षित रूप से जुड़ा रहे।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में ट्रिगर स्विच का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में ट्रिगर स्विच (Trigger Switch) वह मुख्य नियंत्रण घटक है जिसका उपयोग ड्रिल को चालू (ON) और बंद (OFF) करने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर ड्रिल के हैंडल (Grip) पर, उंगली की पहुँच में स्थित होता है।

ट्रिगर स्विच का उपयोग (Use of the Trigger Switch)

​ट्रिगर स्विच के दो प्राथमिक कार्य होते हैं:

​1. ड्रिल को चालू/बंद करना (ON/OFF Control)

  • ​यह सबसे सीधा कार्य है। ट्रिगर को दबाने (Squeeze) पर, यह मोटर में बिजली के प्रवाह को शुरू करता है, जिससे ड्रिल चालू हो जाती है।
  • ​ट्रिगर को छोड़ने (Release) पर, बिजली का प्रवाह कट जाता है, और ड्रिल बंद हो जाती है।

​2. गति नियंत्रण (Speed Control / Variable Speed)

​आधुनिक इलेक्ट्रिक ड्रिलों में, ट्रिगर स्विच अक्सर परिवर्तनीय गति नियंत्रण (Variable Speed Control) प्रदान करता है।

कार्य (Function)

विवरण (Description)

लाभ (Benefit)

गति समायोजन (Speed Adjustment)

ट्रिगर को हल्का दबाने पर, मोटर धीरे घूमती है, और पूरी तरह दबाने पर, मोटर अपनी अधिकतम गति (Maximum RPM) पर घूमती है।

यह उपयोगकर्ता को काम की सामग्री और प्रकृति के अनुसार ड्रिल की गति को ठीक से नियंत्रित करने की अनुमति देता है (उदाहरण के लिए, स्क्रू लगाते समय धीमी गति और लकड़ी में छेद करते समय तेज़ गति)।

सटीक शुरुआत (Precise Start)

धीमी गति से शुरुआत करने की क्षमता (Soft Start) ड्रिल बिट को वांछित स्थान पर फिसलने से रोकती है, जिससे छेद की शुरुआत अधिक सटीक होती है।

यह कठोर सतहों पर ड्रिलिंग शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण है।


सहायक कार्य (Additional Functions on or near the Trigger)

​ट्रिगर स्विच के पास कुछ अन्य बटन भी होते हैं जो इसके कार्य में सहायक होते हैं:

  • लॉक बटन (Lock-On Button): यदि आपको लंबे समय तक ड्रिल को लगातार चलाना है (जैसे मिक्सिंग या लगातार ड्रिलिंग), तो इस बटन को दबाकर ट्रिगर को लॉक कर दिया जाता है। इससे आपको लगातार ट्रिगर दबाए रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
  • फॉरवर्ड/रिवर्स स्विच (Forward/Reverse Switch): यह अक्सर ट्रिगर के ऊपर स्थित होता है और ड्रिल के घूमने की दिशा को बदलता है (आगे की ओर छेद करने के लिए, पीछे की ओर स्क्रू निकालने के लिए)।




इलेक्ट्रिक ड्रिल में लॉक ऑन स्विच का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में लॉक-ऑन स्विच (Lock-On Switch) या लॉक बटन एक सुरक्षात्मक और सुविधा प्रदान करने वाला बटन होता है, जो आमतौर पर ट्रिगर स्विच (Trigger Switch) के पास ही स्थित होता है।

लॉक-ऑन स्विच का उपयोग (Use of the Lock-On Switch)

​लॉक-ऑन स्विच का मुख्य कार्य ड्रिल को लगातार चालू स्थिति में लॉक कर देना है, जिससे उपयोगकर्ता को लंबे समय तक ट्रिगर को दबाए रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

लाभ (Benefit)

1. निरंतर ऑपरेशन (Continuous Operation)

जब ड्रिल चल रही हो (ट्रिगर दबाया गया हो), तो इस बटन को दबाकर लॉक करने से ट्रिगर स्विच अपनी जगह पर स्थिर हो जाता है। इससे मोटर को लगातार पावर मिलती रहती है।

यह लंबे समय तक चलने वाले या भारी शुल्क वाले कार्यों के लिए हाथ की थकान (Hand Fatigue) को कम करता है।

2. मिक्सिंग/पॉलिशिंग (Mixing/Polishing)

ड्रिल का उपयोग जब मिक्सिंग पैडल के साथ पेंट या मोर्टार मिलाने के लिए, या पॉलिशिंग अटैचमेंट के साथ पॉलिश करने के लिए किया जाता है, तब यह स्विच बहुत उपयोगी होता है। इन कार्यों में मशीन को कई मिनट तक लगातार चलाना पड़ता है।

उपयोगकर्ता को दोनों हाथों से ड्रिल को पकड़ने और मार्गदर्शन करने की अनुमति देता है, जिससे नियंत्रण और सटीकता बढ़ती है।

3. फिक्स्ड स्टैंड उपयोग (Drill Stand Use)

जब ड्रिल को ड्रिल स्टैंड या किसी फिक्स्चर (Fixture) में कस दिया जाता है, तो ड्रिल को बिना हाथ लगाए चालू रखने के लिए यह बटन उपयोगी होता है।

ड्रिल स्टैंड के साथ उच्च परिशुद्धता (High Precision) वाले कार्य करने में मदद करता है।


उपयोग करने का तरीका:

  1. ​ड्रिल को चालू करने के लिए ट्रिगर दबाएँ
  2. ​जब ड्रिल वांछित गति पर चल रही हो, तब लॉक-ऑन बटन दबाएँ
  3. ​अब आप ट्रिगर से अपनी उंगली हटा सकते हैं, और ड्रिल चलती रहेगी।
  4. ​ड्रिल को बंद करने के लिए, ट्रिगर को फिर से पूरी तरह से दबाएँ और तुरंत छोड़ दें। ऐसा करने से लॉक रिलीज़ हो जाता है।

संक्षेप में: 

लॉक-ऑन स्विच एक सुविधा और थकान कम करने वाली विशेषता है जो ड्रिल को बिना किसी मानवीय प्रयास के लगातार चलाने की अनुमति देती है।





इलेक्ट्रिक ड्रिल में मोटर का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में मोटर (Motor) को ड्रिल का हृदय (Heart) कहा जाता है। यह वह घटक है जो बिजली को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में परिवर्तित करता है, जिससे ड्रिल को घूमने की शक्ति मिलती है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल में मोटर का उपयोग (Use of Motor in Electric Drill)

​मोटर का उपयोग इलेक्ट्रिक ड्रिल के प्राथमिक कार्य, यानी घूर्णन (Rotation), को उत्पन्न करना है।

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

परिणाम (Result/Benefit)

1. शक्ति का स्रोत (Power Source)

मोटर विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) को अंदर लेती है और इसे यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में बदल देती है। यह ऊर्जा घूमने वाली धुरी (Shaft) को गति प्रदान करती है।

यह ड्रिल को वह शक्ति देता है जिससे वह ड्रिल बिट को घुमा सके।

2. घूर्णन (Rotation) उत्पन्न करना

मोटर के अंदर, चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) और विद्युत धारा की परस्पर क्रिया टॉर्क (Torque - घुमाव बल) उत्पन्न करती है, जिससे मोटर का घूमने वाला भाग (Armature/Rotor) घूमता है।

यह घूर्णन क्रिया ही छेद करने और स्क्रू कसने/खोलने के लिए आवश्यक है।

3. गति नियंत्रण का आधार

मोटर की गति को ही ट्रिगर स्विच के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। मोटर जितनी तेज़ी से घूमती है, ड्रिल बिट उतनी ही तेज़ी से घूमता है।

यह उपयोगकर्ता को विभिन्न सामग्रियों के लिए आवश्यक गति चुनने की अनुमति देता है।


इलेक्ट्रिक ड्रिल में मोटर के प्रकार

​इलेक्ट्रिक ड्रिल में मुख्य रूप से दो प्रकार की मोटर का उपयोग किया जाता है:

ब्रश्ड मोटर (Brushed Motor): यह सबसे आम प्रकार है, खासकर कॉर्डेड और कम लागत वाले कॉर्डलेस ड्रिलों में। इसमें कार्बन ब्रश का उपयोग होता है जो कम्यूटेटर के साथ संपर्क बनाकर मोटर को चालू रखता है।

ब्रशलेस मोटर (Brushless Motor / BLDC): यह अधिक आधुनिक और कुशल मोटर है, जिसका उपयोग प्रीमियम और उच्च प्रदर्शन वाले कॉर्डलेस ड्रिलों में होता है। इसमें ब्रश नहीं होते, जिससे यह कम घिसाव, अधिक दक्षता और लंबा जीवनकाल प्रदान करती है।

संक्षेप में: 

मोटर वह शक्ति केंद्र है जो ड्रिल को चलाता है और ड्रिलिंग तथा स्क्रू ड्राइविंग के कार्यों को संभव बनाता है।




इलेक्ट्रिक ड्रिल में चक का उपयोग?

इलेक्ट्रिक ड्रिल में चक (Chuck) सबसे बाहरी और सबसे महत्वपूर्ण यांत्रिक घटकों में से एक है। यह वह हिस्सा है जो सीधे तौर पर ड्रिल बिट या अन्य अटैचमेंट को पकड़कर रखता है।

इलेक्ट्रिक ड्रिल में चक का उपयोग (Use of Chuck in Electric Drill)

​चक का मुख्य उपयोग ड्रिल के घूर्णन बल (रोटरी मोशन) को ड्रिल बिट तक पहुँचाना है, ताकि छेद करने या स्क्रू कसने का कार्य किया जा सके।

मुख्य कार्य (Main Function)

विवरण (Description)

क्यों महत्वपूर्ण (Significance)

1. ड्रिल बिट को पकड़ना

चक में जॉज़ (Jaws) होते हैं जो खुलने और बंद होने का काम करते हैं। यह इन जॉज़ का उपयोग करके ड्रिल बिट या स्क्रू ड्राइवर बिट को कसकर पकड़ता है।

यह सुनिश्चित करता है कि ड्रिलिंग के दौरान उच्च गति और बल के बावजूद बिट फिसले नहीं।

2. शक्ति का संचार

चक ड्रिल के मोटर शाफ्ट से जुड़ा होता है। जब मोटर घूमती है, तो चक भी घूमता है, और इस प्रकार वह शक्ति सीधे पकड़े गए ड्रिल बिट तक पहुँचती है।

यह मोटर के टॉर्क (घुमाव बल) को कार्य बिंदु (Point of Work) तक स्थानांतरित करता है।

3. विभिन्न प्रकार के बिट्स का उपयोग

चक का डिज़ाइन ऐसा होता है कि यह विभिन्न आकृतियों और आकारों (जैसे - गोल या हेक्सागोनल शैंक) के ड्रिल बिट्स, होल सॉज़, मिक्सिंग पैडल, या पॉलिशिंग अटैचमेंट को समायोजित कर सकता है।

यह ड्रिल को एक बहुउद्देशीय उपकरण (Multi-purpose tool) बनाता है।


चक के प्रकार (Types of Chucks)

​इलेक्ट्रिक ड्रिल में मुख्य रूप से दो प्रकार के चक का उपयोग होता है:

  1. कीड चक (Keyed Chuck): इसे कसने और खोलने के लिए एक चाबी (Key) की आवश्यकता होती है। यह बहुत कसकर पकड़ता है और उच्च-टॉर्क वाले कार्यों के लिए बेहतर होता है।
  2. कीलेस चक (Keyless Chuck): इसे बिना किसी उपकरण के, हाथ से कसकर या खोलकर इस्तेमाल किया जाता है। यह बिट्स को जल्दी और आसानी से बदलने की सुविधा देता है और आधुनिक ड्रिलों में सबसे अधिक प्रचलित है।

संक्षेप में: चक वह इंटरफ़ेस है जो मोटर की शक्ति और ड्रिल बिट की काटने की क्षमता को एक साथ लाता है।






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