अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

एनजीआर के भाग ( Parts of NGR )

एनजीआर के भाग ( Parts of NGR )

'एनजीआर' (NGR) का पूरा नाम न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टेंस (Neutral Grounding Resistance) होता है।

​यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें ट्रांसफार्मर या जनरेटर के न्यूट्रल पॉइंट को अर्थ/ग्राउंड के साथ जोड़ा जाता है, लेकिन सीधे नहीं, बल्कि एक रेजिस्टर (प्रतिरोध) के माध्यम से।

इस प्रणाली के मुख्य भाग (या घटक) ये हैं:

  1. रेजिस्टर (Resistor / प्रतिरोध): यह सबसे मुख्य भाग है, जो न्यूट्रल और अर्थ के बीच लगाया जाता है। इसका काम अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) की स्थिति में फॉल्ट करंट (Fault Current) के उच्च मान को सीमित करना है।
  2. एनक्लोजर/पैनल (Enclosure/Panel): यह एक बॉक्स या कंपार्टमेंट होता है जिसके अंदर रेजिस्टर लगा होता है, ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके और बाहरी वातावरण से बचाया जा सके।
  3. करंट ट्रांसफार्मर (Current Transformer - CT): कभी-कभी न्यूट्रल की सीरीज में एक CT भी लगा होता है। इसका उपयोग अर्थ फॉल्ट करंट को मापने और सिस्टम में प्रोटेक्शन रिले (Protection Relay) को ट्रिप सिग्नल देने के लिए किया जाता है।

संक्षेप में

NGR सिस्टम के तीन प्रमुख तत्व (जिसके नाम से यह बना है) हैं:

  • न्यूट्रल (Neutral): सिस्टम का न्यूट्रल पॉइंट।
  • ग्राउंडिंग (Grounding/अर्थिंग): अर्थ या जमीन से कनेक्शन।
  • रेजिस्टेंस (Resistance): न्यूट्रल और ग्राउंडिंग के बीच लगा हुआ रेजिस्टर।




एनजीआर क्या है?

एनजीआर (NGR) का मतलब है न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर (Neutral Grounding Resistor)। यह एक महत्वपूर्ण विद्युत उपकरण है जिसका उपयोग मुख्य रूप से स्टार-कनेक्टेड ट्रांसफार्मर और जनरेटर जैसे विद्युत प्रणालियों को अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) से बचाने के लिए किया जाता है।

NGR क्या है?

​NGR को सिस्टम के न्यूट्रल बिंदु और ग्राउंड (अर्थ) के बीच जोड़ा जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य और कार्य:

  1. फॉल्ट करंट को सीमित करना (Fault Current Limitation): जब सिस्टम में कोई अर्थ फॉल्ट होता है, तो यह फॉल्ट करंट को एक सुरक्षित, पूर्व-निर्धारित स्तर तक सीमित कर देता है। उच्च फॉल्ट करंट उपकरणों को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है और NGR इसे रोकता है।
  2. उपकरणों की सुरक्षा (Equipment Protection): फॉल्ट करंट को सीमित करके, यह कॉपर वाइंडिंग में थर्मल और यांत्रिक तनाव को कम करता है, जिससे ट्रांसफार्मर और जनरेटर सुरक्षित रहते हैं।
  3. क्षणिक ओवरवोल्टेज को कम करना (Transient Overvoltage Reduction): यह अर्थ फॉल्ट के कारण उत्पन्न होने वाले खतरनाक क्षणिक (Transient) ओवरवोल्टेज को भी कम करने में मदद करता है।
  4. तेज़ ट्रिपिंग सुनिश्चित करना (Faster Tripping): सीमित फॉल्ट करंट की मदद से, प्रोटेक्शन रिले (Protection Relay) फॉल्ट को जल्दी पहचान लेती हैं और सिस्टम को बंद कर देती हैं, जिससे नुकसान को कम किया जा सके।

सरल शब्दों में, 

यह एक सुरक्षा उपकरण है जो फॉल्ट की स्थिति में करंट को नियंत्रित करता है, ठीक वैसे ही जैसे एक फ्यूज अधिक करंट को सिस्टम में जाने से रोकता है, लेकिन यह जलने के बजाय करंट के प्रवाह को नियंत्रित करता है।





एनजीआर क्यों महत्वपूर्ण है?

एनजीआर (Neutral Grounding Resistor) विद्युत प्रणालियों में अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उपकरणों की सुरक्षा करता है और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, खासकर अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) की स्थिति में।

​यह महत्वपूर्ण क्यों है, इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

​1. फॉल्ट करंट को सीमित करना (Limiting Fault Current)

​यह NGR का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।

  • सुरक्षा: जब सिस्टम में अर्थ फॉल्ट होता है, तो न्यूट्रल पॉइंट से जमीन तक बहुत अधिक करंट (किलोएम्पीयर में) प्रवाहित हो सकता है। NGR में लगा रेजिस्टर इस फॉल्ट करंट के मान को एक सुरक्षित स्तर तक सीमित कर देता है।
  • क्षति से बचाव: यदि करंट को सीमित नहीं किया गया, तो यह उच्च करंट जनरेटर या ट्रांसफार्मर की कॉपर वाइंडिंग को जला सकता है या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है।

​2. उपकरणों की सुरक्षा (Equipment Protection)

​NGR सिस्टम में जुड़े महंगे उपकरणों को बचाता है।

  • थर्मल और यांत्रिक तनाव में कमी: सीमित फॉल्ट करंट के कारण, वाइंडिंग पर अत्यधिक गर्मी (Thermal Stress) और अचानक लगने वाले यांत्रिक बल (Mechanical Stress) का प्रभाव कम हो जाता है, जिससे उनकी जीवन अवधि बढ़ जाती है।
  • ओवरवोल्टेज नियंत्रण: NGR फॉल्ट के दौरान उत्पन्न होने वाले खतरनाक क्षणिक ओवरवोल्टेज (Transient Overvoltages) को भी नियंत्रित करता है। ये ओवरवोल्टेज इंसुलेशन को पंचर कर सकते हैं, जिससे उपकरण फेल हो सकते हैं।

​3. सुरक्षा रिले का उचित संचालन (Proper Operation of Protection Relays)

​NGR प्रोटेक्शन सिस्टम को प्रभावी बनाता है।

  • पहचान: NGR सुनिश्चित करता है कि फॉल्ट करंट एक निश्चित, मापने योग्य मान (जैसे 400A या 1000A) पर सीमित रहे। यह रिले (Relays) को इस करंट को तेज़ी से पहचान कर सर्किट ब्रेकर को ट्रिप करने का समय देता है।
  • चयनशील क्लियरेंस: सीमित करंट से, रिले फॉल्ट वाले सर्किट को चयनशील रूप से (Selectively) ट्रिप कर सकती हैं, जबकि बाकी स्वस्थ सिस्टम चालू रहता है।

​4. कर्मचारियों की सुरक्षा (Personnel Safety)

​यह अप्रत्यक्ष रूप से कर्मियों की सुरक्षा में योगदान देता है।

  • टच पोटेंशियल में कमी: भले ही NGR का प्राथमिक कार्य उपकरण सुरक्षा है, लेकिन यह अर्थ फॉल्ट के कारण आसपास की जमीन पर बनने वाले खतरनाक टच और स्टेप पोटेंशियल (Touch and Step Potentials) के मान को भी कम करने में मदद करता है।

संक्षेप में, 

NGR के बिना, एक साधारण अर्थ फॉल्ट एक बड़े उपकरण के फेल होने और सिस्टम को व्यापक नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकता है, इसलिए यह विद्युत प्रणालियों के विश्वसनीय और सुरक्षित संचालन के लिए एक अनिवार्य घटक है।






एनजीआर के प्रमुख लाभ?

एनजीआर (Neutral Grounding Resistor) के उपयोग से विद्युत प्रणालियों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं, जो सिस्टम की विश्वसनीयता, सुरक्षा, और जीवनकाल को बढ़ाते हैं।

​प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

​1. फॉल्ट करंट का नियंत्रण (Control of Fault Current)

​यह NGR का सबसे बड़ा लाभ है।

  • सुरक्षित सीमा: NGR अर्थ फॉल्ट की स्थिति में फॉल्ट करंट को किलोएम्पीयर से घटाकर कुछ सौ एम्पीयर (जैसे 400A या 1000A) तक सीमित कर देता है।
  • नुकसान से बचाव: यदि करंट को सीमित न किया जाए, तो यह उच्च करंट वाइंडिंग और केबलों में गंभीर थर्मल (गर्मी) और यांत्रिक क्षति पहुंचा सकता है।

​2. उपकरणों की सुरक्षा और जीवनकाल में वृद्धि (Protection and Increased Lifespan of Equipment)

​महंगे उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • वाइंडिंग की सुरक्षा: यह जनरेटर और ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग को अत्यधिक गर्मी और डायनेमिक बलों (Dynamic Forces) से बचाता है, जिससे उनकी मरम्मत की लागत कम होती है और जीवनकाल बढ़ता है।
  • क्षणिक ओवरवोल्टेज में कमी: NGR फॉल्ट के कारण होने वाले क्षणिक ओवरवोल्टेज (Transient Overvoltages), जैसे कि आर्किंग ग्राउंड फॉल्ट (Arking Ground Fault) के प्रभाव को काफी हद तक कम करता है, जो उपकरण के इंसुलेशन को खराब कर सकते हैं।

​3. बेहतर सुरक्षा रिले संचालन (Improved Operation of Protection Relays)

​यह प्रोटेक्शन सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाता है।

  • तेज पहचान और ट्रिपिंग: सीमित फॉल्ट करंट के कारण, अर्थ फॉल्ट रिले फॉल्ट को जल्दी और सटीकता से पहचान लेती हैं, जिससे सर्किट ब्रेकर को तेजी से ट्रिप करने और फॉल्ट को क्लियर करने में मदद मिलती है।
  • चयनशीलता (Selectivity): NGR यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि केवल फॉल्ट वाला हिस्सा ही ट्रिप हो, बाकी स्वस्थ सिस्टम अप्रभावित रहे।

​4. कर्मचारियों की सुरक्षा में योगदान (Contribution to Personnel Safety)

​कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण बनाता है।

  • टच पोटेंशियल को कम करना: फॉल्ट के दौरान, उपकरण के बाड़े (Enclosure) और आसपास की जमीन पर खतरनाक टच पोटेंशियल (Touch Potential) उत्पन्न हो सकता है। NGR इसे सुरक्षित स्तर तक कम करने में मदद करता है, जिससे व्यक्तियों को बिजली के झटके का खतरा कम होता है।




एनजीआर कहां लागू होते हैं?

एनजीआर (NGR) यानी न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर मुख्य रूप से उन विद्युत प्रणालियों में लागू होते हैं जहाँ उच्च क्षमता के उपकरण लगे होते हैं और अर्थ फॉल्ट करंट को नियंत्रित करना आवश्यक होता है।

​यह विशेष रूप से उन सिस्टम्स में उपयोग किया जाता है जिनका न्यूट्रल पॉइंट उपलब्ध होता है, यानी स्टार-कनेक्टेड (Star-Connected) सिस्टम में।

एनजीआर के मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्र (Main Application Areas of NGR)

​एनजीआर का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थानों और उपकरणों की सुरक्षा के लिए किया जाता है:

​1. पावर प्लांट और जनरेटिंग स्टेशन (Power Plants and Generating Stations)

  • अल्टरनेटर/जनरेटर: उच्च क्षमता के जनरेटरों (जैसे 11kV या 33kV) को अर्थ फॉल्ट के विनाशकारी प्रभावों से बचाने के लिए NGR सीधे उनके न्यूट्रल पॉइंट पर लगाया जाता है।

​2. उच्च और मध्यम वोल्टेज सबस्टेशन (High and Medium Voltage Substations)

  • पावर ट्रांसफार्मर: सबस्टेशनों में लगे बड़े पावर ट्रांसफार्मरों (जैसे डेल्टा-स्टार कनेक्टेड ट्रांसफार्मर) के स्टार वाइंडिंग के न्यूट्रल पॉइंट पर NGR लगाया जाता है। यह अक्सर हाई कैपेसिटी वाले ट्रांसफार्मरों में इस्तेमाल होता है जहाँ फॉल्ट करंट का मान बहुत अधिक होता है।

​3. भारी उद्योग (Heavy Industries)

  • औद्योगिक पावर सिस्टम: बड़े कारखानों, खनन (Mining) परिचालन, या स्टील मिलों में, जहाँ बड़े मोटर और ड्राइव सिस्टम लगे होते हैं, NGR का उपयोग सिस्टम को अर्थ फॉल्ट से बचाने और उत्पादन में रुकावट को कम करने के लिए किया जाता है।

​4. को-जनरेशन और कैप्टिव पावर प्लांट (Co-generation and Captive Power Plants)

  • ​जहां कई जनरेटर या ट्रांसफार्मर कॉमन बस (Common Bus) पर समानांतर में चल रहे होते हैं, NGR का उपयोग ग्राउंडिंग सिस्टम को संतुलित करने और फॉल्ट को प्रभावी ढंग से साफ़ करने के लिए किया जाता है।

 मुख्य शर्तें और कारण

  • स्टार कनेक्शन (Star Connection): NGR को हमेशा स्टार-कनेक्टेड वाइंडिंग के न्यूट्रल पर लगाया जाता है, क्योंकि डेल्टा कनेक्शन में कोई न्यूट्रल बिंदु उपलब्ध नहीं होता है।
  • उच्च क्षमता: NGR का उपयोग आमतौर पर 6.6 kV से 33 kV या उससे अधिक के वोल्टेज स्तर वाले सिस्टम में अधिक आम है, क्योंकि इन प्रणालियों में अर्थ फॉल्ट करंट का मान सबसे खतरनाक होता है।




एनजीआर का क्या लेना-देना है?

एनजीआर (NGR) का लेना-देना विद्युत प्रणालियों में सुरक्षा और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से है, खासकर अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) की स्थिति में।

​यह सिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक है जिसे न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर (Neutral Grounding Resistor) कहा जाता है।

एनजीआर का मुख्य कार्य

​एनजीआर को ट्रांसफार्मर या जनरेटर के न्यूट्रल पॉइंट और ग्राउंड के बीच जोड़ा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है:

​1. फॉल्ट करंट को सीमित करना (Limit Fault Current)

  • ​जब किसी कारणवश सिस्टम में फेज कंडक्टर जमीन को छूता है (अर्थ फॉल्ट), तो करंट का मान बहुत अधिक (किलोएम्पीयर में) हो जाता है।
  • ​NGR में लगा रेजिस्टर इस उच्च फॉल्ट करंट के रास्ते में प्रतिरोध (Resistance) पैदा करता है, जिससे इसका मान एक सुरक्षित और नियंत्रित स्तर तक (आमतौर पर 50A से 1000A) सीमित हो जाता है।

​2. उपकरणों की सुरक्षा (Equipment Protection)

  • ​फॉल्ट करंट को सीमित करके, यह ट्रांसफार्मर और जनरेटर की वाइंडिंग को अत्यधिक गर्मी और अचानक उत्पन्न होने वाले यांत्रिक तनाव से बचाता है, जो उपकरणों को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है।
  • ​यह क्षणिक ओवरवोल्टेज (Transient Overvoltages) को भी नियंत्रित करता है, जिससे इन्सुलेशन फेल होने का खतरा कम होता है।

​3. प्रोटेक्शन को सक्षम बनाना (Enable Protection)

  • ​सीमित और नियंत्रित फॉल्ट करंट से, सुरक्षा रिले (Protection Relays) फॉल्ट को तेजी से और विश्वसनीय ढंग से पहचान पाती हैं।
  • ​यह सुनिश्चित करता है कि फॉल्ट होने पर सर्किट ब्रेकर समय पर ट्रिप हो जाए और नुकसान को कम किया जा सके।

संक्षेप में, 

NGR का लेना-देना उच्च-क्षमता वाले विद्युत उपकरणों (जैसे 11kV या उससे ऊपर) को अर्थ फॉल्ट के विनाशकारी प्रभावों से बचाने और सिस्टम के सुरक्षित संचालन को बनाए रखने से है।


एनजीआर के लाभ?

आपने पहले भी यह प्रश्न पूछा है। एनजीआर (NGR) के उपयोग से विद्युत प्रणालियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ (Advantages) निम्नलिखित हैं:

उपकरण सुरक्षा और जीवनकाल में वृद्धि (Equipment Protection & Extended Life)

  • फॉल्ट करंट को सीमित करना (Fault Current Limitation): यह सबसे बड़ा लाभ है। NGR अर्थ फॉल्ट की स्थिति में उत्पन्न होने वाले अत्यधिक उच्च फॉल्ट करंट को एक सुरक्षित, नियंत्रित सीमा तक सीमित कर देता है।
  • क्षति से बचाव: सीमित करंट के कारण, ट्रांसफार्मर, जनरेटर और अन्य महंगे उपकरणों की वाइंडिंग (Windings) को उच्च ऊष्मा (Thermal Stress) और अचानक लगने वाले यांत्रिक बल (Mechanical Stress) से होने वाली क्षति से बचाया जाता है।
  • ओवरवोल्टेज नियंत्रण: यह आर्किंग ग्राउंड फॉल्ट के कारण उत्पन्न होने वाले खतरनाक क्षणिक ओवरवोल्टेज (Transient Overvoltages) को कम करता है, जिससे उपकरणों का इंसुलेशन सुरक्षित रहता है।

बेहतर सिस्टम ऑपरेशन और विश्वसनीयता (System Operation & Reliability)

  • सुरक्षा रिले का प्रभावी संचालन: NGR एक मापने योग्य फॉल्ट करंट प्रदान करता है, जिससे अर्थ फॉल्ट रिले फॉल्ट को जल्दी और सटीक रूप से पहचान लेती हैं।
  • तेज़ फॉल्ट क्लीयरेंस: तेज़ पहचान से सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker) को समय पर ट्रिप करने और फॉल्ट को तुरंत साफ़ करने में मदद मिलती है, जिससे सिस्टम का डाउनटाइम (Downtime) कम हो जाता है।
  • चयनशीलता (Selectivity): यह सुनिश्चित करता है कि फॉल्ट केवल प्रभावित हिस्से तक ही सीमित रहे और स्वस्थ सिस्टम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

कार्मिक सुरक्षा (Personnel Safety)

  • टच पोटेंशियल में कमी: फॉल्ट की स्थिति में उपकरण के आसपास जमीन पर बनने वाले खतरनाक टच और स्टेप पोटेंशियल (Touch and Step Potentials) के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे व्यक्तियों को बिजली के झटके का खतरा कम होता है।
  • आर्क फ्लैश जोखिम में कमी: फॉल्ट करंट को सीमित करके, यह आर्क फ्लैश (Arc Flash) की संभावना और गंभीरता को कम करता है।



एनजीआर के नुकसान?

एनजीआर (NGR) यानी न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर एक अत्यंत लाभकारी सुरक्षा उपकरण है, लेकिन इसके उपयोग में कुछ सीमाएँ (Limitations) और संभावित नुकसान (Disadvantages) जुड़े हुए हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है:

एनजीआर के प्रमुख नुकसान/सीमाएँ

​1. उपकरण की विफलता का जोखिम (Risk of Resistor Failure)

  • असुरक्षित स्थिति: यदि NGR खुद (रेजिस्टर एलिमेंट) किसी कारण से ओपन-सर्किट हो जाता है (जैसे थर्मल ओवरलोड, जंग, या यांत्रिक क्षति), तो सिस्टम बिना ग्राउंडिंग के हो जाता है।
  • परिणाम: एक ओपन NGR के कारण, यदि कोई अर्थ फॉल्ट होता है, तो सिस्टम में खतरनाक क्षणिक ओवरवोल्टेज (Transient Overvoltages) उत्पन्न हो सकते हैं, जो उपकरणों के इंसुलेशन को पंचर कर सकते हैं और व्यापक क्षति पहुंचा सकते हैं।

​2. उच्च लागत (High Cost)

  • ​NGR को डिजाइन, खरीदना और स्थापित करना ठोस ग्राउंडिंग (Solid Grounding) की तुलना में अधिक महंगा होता है।
  • ​रेजिस्टर खुद एक महंगा घटक है, और इसके लिए एक विशिष्ट एनक्लोजर (Enclosure) और अतिरिक्त ग्राउंड फॉल्ट रिले (Ground Fault Relays) की आवश्यकता होती है, जिससे समग्र सिस्टम लागत बढ़ जाती है।

​3. लाइन-टू-न्यूट्रल लोड की समस्या (Issue with Line-to-Neutral Loads)

  • ​प्रतिरोध (NGR) की उपस्थिति के कारण, इस प्रकार की ग्राउंडिंग प्रणाली उन भारों (Loads) को सीधे सेवा नहीं दे सकती है जिन्हें लाइन-टू-न्यूट्रल कनेक्शन की आवश्यकता होती है।
  • ​यदि ऐसे लोड को जोड़ना हो, तो अक्सर एक अलग आइसोलेशन ट्रांसफार्मर (Isolation Transformer) लगाने की आवश्यकता होती है, जो जटिलता और लागत को और बढ़ाता है।

​4. जटिल सुरक्षा समन्वय (Complex Protection Coordination)

  • ​क्योंकि NGR फॉल्ट करंट को जानबूझकर सीमित करता है, सुरक्षा रिले को एक छोटे करंट को पहचानने के लिए अधिक संवेदनशील बनाने की आवश्यकता होती है।
  • ​रिले की सेटिंग्स और समन्वय (Coordination) ठोस ग्राउंडिंग सिस्टम की तुलना में अधिक जटिल हो जाता है।
  • ​NGR से बचने वाली एक छोटी उच्च प्रतिरोध फॉल्ट (High Resistance Fault) को पहचानने के लिए अधिक उन्नत निगरानी उपकरणों (NGR Monitors) की आवश्यकता होती है।

महत्वपूर्ण बिंदु

​NGR के नुकसानों के बावजूद, इसके लाभ (उपकरणों की सुरक्षा और फॉल्ट करंट को सीमित करना) आम तौर पर इन सीमाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, खासकर मध्यम और उच्च वोल्टेज औद्योगिक प्रणालियों में। इसीलिए, NGR को अक्सर एक मॉनिटरिंग सिस्टम (NGRM) के साथ जोड़ा जाता है ताकि इसकी विफलता की स्थिति में तुरंत चेतावनी मिल सके।



एनजीएस का निर्माण?

एनजीआर (NGR) यानी न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर का निर्माण मुख्य रूप से तीन प्रमुख घटकों को मिलाकर किया जाता है, जिन्हें एक सुरक्षात्मक बाड़े (Enclosure) के भीतर रखा जाता है।

एनजीआर के निर्माण के प्रमुख घटक

​1. प्रतिरोधक तत्व (Resistive Elements)

​यह NGR का हृदय है और फॉल्ट करंट को सीमित करने का मुख्य काम यही करता है।

  • सामग्री: ये तत्व आमतौर पर विशेष मिश्र धातुओं (Special Alloys) जैसे स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel), फेक्राल (FeCrAl), या निकल-क्रोम (Ni-Cr) के बने होते हैं। इन सामग्रियों को चुना जाता है क्योंकि इनका प्रतिरोध गुणांक (Temperature Coefficient of Resistance) तापमान की एक विस्तृत श्रृंखला पर स्थिर रहता है।
  • संरचना: इन्हें आमतौर पर पंच्ड शीट मेटल (Punched Sheet Metal) या वायर-वाउंड (Wire-Wound) कॉइल के रूप में डिज़ाइन किया जाता है। इन्हें एक बैंक या स्टैक के रूप में व्यवस्थित किया जाता है ताकि उच्च शक्ति (High Power) को संभाल सकें और उत्पन्न होने वाली गर्मी को प्रभावी ढंग से निकाला जा सके।

​2. एनक्लोजर/बाड़ा (Enclosure/Cabinet)

​यह बाहरी सुरक्षा प्रदान करता है।

  • सामग्री: यह अक्सर गैल्वेनाइज्ड स्टील (Galvanized Steel) या स्टेनलेस स्टील का बना होता है।
  • सुरक्षा: इसका डिज़ाइन मौसम प्रतिरोधी (Weather-Proof) होता है, जैसे NEMA 3R या IP56 रेटिंग वाला, ताकि इसे बाहरी वातावरण में भी स्थापित किया जा सके।
  • वेंटिलेशन: इसमें पर्याप्त वेंटिलेशन (Ventilation) स्लॉट्स या ओपनिंग होती हैं, ताकि फॉल्ट के दौरान रेजिस्टर से उत्पन्न होने वाली भारी मात्रा में गर्मी (Heat) बाहर निकल सके।

​3. इंसुलेटर और टर्मिनल (Insulators and Terminals)

​सिस्टम को बाहरी कनेक्शन के लिए आवश्यक।

  • बुशिंग्स (Bushings): उच्च वोल्टेज वाले पोरसेलीन (Porcelain) या अन्य इंसुलेटिंग सामग्री से बने बुशिंग्स का उपयोग न्यूट्रल कंडक्टर और ग्राउंड कंडक्टर को रेजिस्टर से जोड़ने के लिए किया जाता है। ये बुशिंग्स रेजिस्टर तत्वों को एनक्लोजर से विद्युत रूप से अलग (Electrically Isolate) रखते हैं।
  • सहायक संरचना (Support Structure): रेजिस्टर तत्वों को एक मजबूत फ्रेम पर सपोर्ट दिया जाता है जो कंपार्टमेंट के अंदर स्थिर रहता है।

​4. वैकल्पिक सहायक उपकरण (Optional Accessories)

​सिस्टम की निगरानी और नियंत्रण के लिए।

  • करंट ट्रांसफार्मर (CT): फॉल्ट करंट को मापने और प्रोटेक्शन रिले को सिग्नल भेजने के लिए रेजिस्टर की सीरीज में लगाया जाता है।
  • एनजीआर मॉनिटरिंग रिले: रेजिस्टर की निरंतरता (Continuity) और ग्राउंड फॉल्ट की स्थिति की निगरानी के लिए।
  • आइसोलेटर स्विच: रखरखाव (Maintenance) के दौरान NGR को सिस्टम से अलग करने के लिए।

​एनजीआर का निर्माण यह सुनिश्चित करता है कि यह एक विशिष्ट अवधि (जैसे 10, 30 या 60 सेकंड) के लिए डिज़ाइन किए गए फॉल्ट करंट को संभाल सके, जब तक कि सुरक्षा रिले फॉल्ट को क्लियर न कर दें।



एनजीआर का उपयोग?

एनजीआर (न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर) का उपयोग मुख्य रूप से विद्युत प्रणालियों में सुरक्षा और उपकरणों की अखंडता बनाए रखने के लिए किया जाता है।

​इसके उपयोग का मुख्य उद्देश्य अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) की स्थिति में करंट को नियंत्रित करना है।

एनजीआर के उपयोग के क्षेत्र और उद्देश्य

​एनजीआर का उपयोग स्टार-कनेक्टेड (Star-Connected) मध्यम और उच्च वोल्टेज (जैसे 6.6\text{ kV} से 33\text{ kV}) प्रणालियों में किया जाता है। इसके प्रमुख उपयोग इस प्रकार हैं:

​1. फॉल्ट करंट को सीमित करना (Fault Current Limitation)

  • उद्देश्य: किसी भी अर्थ फॉल्ट की स्थिति में, फॉल्ट करंट के उच्च मान को एक सुरक्षित और पूर्व-निर्धारित स्तर तक (जैसे 400A से 1000A) सीमित करना।
  • महत्व: यदि करंट को सीमित न किया जाए, तो वह इतना अधिक हो सकता है कि वह ट्रांसफार्मर या जनरेटर की वाइंडिंग को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दे।

​2. उपकरणों की सुरक्षा (Equipment Protection)

  • उद्देश्य: जनरेटर और पावर ट्रांसफार्मर जैसे महंगे उपकरणों को फॉल्ट करंट के कारण उत्पन्न होने वाले थर्मल (अत्यधिक गर्मी) और यांत्रिक तनाव से बचाना।
  • लाभ: सीमित करंट से उपकरणों का जीवनकाल बढ़ता है और मरम्मत की लागत कम होती है।

​3. क्षणिक ओवरवोल्टेज को नियंत्रित करना (Controlling Transient Overvoltages)

  • उद्देश्य: आर्किंग ग्राउंड फॉल्ट जैसी घटनाओं के कारण उत्पन्न होने वाले खतरनाक क्षणिक ओवरवोल्टेज को दबाना।
  • महत्व: यह ओवरवोल्टेज इंसुलेशन को खराब कर सकते हैं, जिससे उपकरण फेल हो सकता है। NGR इसे रोककर इंसुलेशन की अखंडता बनाए रखता है।

​4. सुरक्षा रिले का उचित संचालन (Proper Relay Operation)

  • उद्देश्य: सुरक्षा रिले को एक नियंत्रित और मापने योग्य करंट प्रदान करना, ताकि वे अर्थ फॉल्ट को तेजी से और सटीक रूप से पहचान सकें।
  • लाभ: इससे सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker) को चयनशील तरीके से ट्रिप करने में मदद मिलती है, जिससे केवल फॉल्ट वाला हिस्सा ही बंद होता है और बाकी सिस्टम चलता रहता है।

संक्षेप में, 

NGR का उपयोग विद्युत प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और नियंत्रित बनाने के लिए किया जाता है, खासकर जब अर्थ फॉल्ट की स्थिति उत्पन्न होती है।




एनजीआर के अनुप्रयोग?

एनजीआर (न्यूट्रल ग्राउंडिंग रेजिस्टर) के अनुप्रयोग (Applications) मुख्य रूप से उन विद्युत प्रणालियों में होते हैं जहाँ उच्च क्षमता और स्टार-कनेक्टेड उपकरण उपयोग किए जाते हैं, और जहाँ अर्थ फॉल्ट करंट को नियंत्रित करना सुरक्षा के लिए अनिवार्य होता है।

एनजीआर के प्रमुख अनुप्रयोग क्षेत्र

​एनजीआर का उपयोग मुख्य रूप से मीडियम और हाई वोल्टेज (6.6\text{ kV} से 33\text{ kV} या उससे अधिक) प्रणालियों में किया जाता है, जहाँ फॉल्ट करंट बहुत अधिक हो सकता है।

​1. पावर जनरेशन स्टेशन (Power Generation Stations)

  • जनरेटर/अल्टरनेटर की सुरक्षा: NGR को सीधे पावर जनरेटरों के न्यूट्रल पॉइंट पर लगाया जाता है। यह सबसे महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है, क्योंकि जनरेटर सबसे महंगे और महत्वपूर्ण उपकरण होते हैं। NGR इन्हें अर्थ फॉल्ट करंट और संबंधित ओवरवोल्टेज से बचाता है।

​2. ट्रांसमिशन और वितरण सबस्टेशन (Substations)

  • पावर ट्रांसफार्मर: सबस्टेशनों में लगे बड़े पावर ट्रांसफार्मरों (विशेष रूप से डेल्टा-स्टार कनेक्टेड) के स्टार-वाइंडिंग के न्यूट्रल पर NGR का उपयोग किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि फॉल्ट करंट एक नियंत्रित स्तर पर रहे, जिससे ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग को थर्मल क्षति से बचाया जा सके।

​3. भारी उद्योग (Heavy Industries)

  • औद्योगिक पावर सिस्टम: बड़ी निर्माण इकाइयाँ, खनन (Mining) परिचालन, पेट्रोकेमिकल संयंत्र और स्टील मिलें, जहाँ उच्च क्षमता के मोटर्स और स्विचगियर लगे होते हैं। NGR इन प्रणालियों में विश्वसनीय अर्थ फॉल्ट सुरक्षा प्रदान करता है और उत्पादन में होने वाले डाउनटाइम को कम करता है।

​4. को-जनरेशन और कैप्टिव पावर प्लांट (Captive Power Plants)

  • ​ऐसे प्लांट जहाँ कई जनरेटर या ट्रांसफार्मर समानांतर में काम करते हैं, वहाँ ग्राउंडिंग सिस्टम को संतुलित करने और फॉल्ट को प्रभावी ढंग से साफ़ करने के लिए NGR का उपयोग किया जाता है।

उपयोग का मुख्य कारण

​NGR का प्राथमिक अनुप्रयोग ऐसी प्रणालियों में है जहाँ सॉलिड ग्राउंडिंग (सीधे अर्थिंग) का उपयोग करने से फॉल्ट करंट इतना अधिक हो जाएगा कि वह उपकरण को नुकसान पहुंचाए। 

NGR इन प्रणालियों को प्रतिबंधित (Resistive) ग्राउंडिंग की सुविधा प्रदान करता है, जो उपकरण सुरक्षा और फॉल्ट क्लीयरेंस में संतुलन स्थापित करता है।





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