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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर ( Difference between Earthing and Neutral )

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अर्थिंग और न्यूट्रल के बीच अंतर अक्सर लोग न्यूट्रल (Neutral) और अर्थिंग (Earthing) को एक ही समझ लेते हैं क्योंकि दोनों ही तार अंततः जमीन से जुड़े होते हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में इन दोनों का काम बिल्कुल अलग होता है। https://dkrajwar.blogspot.com/2026/01/difference-between-earthing-and-neutral.html ​इसे आसान भाषा में समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें: ​1. न्यूट्रल (Neutral Wire) - "वापसी का रास्ता" ​न्यूट्रल तार का मुख्य काम बिजली के सर्किट को पूरा करना है। ​ कार्य: बिजली 'फेज' (Phase) तार से आती है और अपना काम करने के बाद 'न्यूट्रल' के जरिए वापस लौटती है। ​ स्रोत: यह मुख्य रूप से बिजली के ट्रांसफार्मर से आता है। ​ महत्व: बिना न्यूट्रल के आपका कोई भी उपकरण (जैसे बल्ब या पंखा) चालू नहीं होगा क्योंकि सर्किट अधूरा रहेगा। ​ रंग: आमतौर पर इसे काले (Black) रंग के तार से पहचाना जाता है। ​2. अर्थिंग (Earthing) - "सुरक्षा कवच" ​अर्थिंग का काम बिजली के उपकरणों को चलाना नहीं, बल्कि आपको करंट लगने से बचाना है। ​ कार्य: यदि किसी खराब...

SCADA (स्काडा) सॉफ्टवेयर, जिसका पूरा नाम सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (Supervisory Control and Data Acquisition) है, एक नियंत्रण प्रणाली वास्तुकला है जिसमें औद्योगिक प्रक्रियाओं और मशीनों की उच्च-स्तरीय निगरानी, नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण के लिए कंप्यूटर, नेटवर्क डेटा संचार और ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (HMI) शामिल होते हैं।

 SCADA (स्काडा) सॉफ्टवेयर, जिसका पूरा नाम सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (Supervisory Control and Data Acquisition) है, एक नियंत्रण प्रणाली वास्तुकला है जिसमें औद्योगिक प्रक्रियाओं और मशीनों की उच्च-स्तरीय निगरानी, नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण के लिए कंप्यूटर, नेटवर्क डेटा संचार और ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (HMI) शामिल होते हैं। संक्षेप में, स्काडा सॉफ्टवेयर आपको दूरस्थ स्थानों या किसी भी स्थान पर स्थित उपकरणों और प्रक्रियाओं को मॉनिटर और नियंत्रित करने की सुविधा देता है। स्काडा सॉफ्टवेयर की मुख्य विशेषताएं और कार्य:  * निगरानी (Supervisory Control): यह ऑपरेटरों को औद्योगिक प्रक्रियाओं की निगरानी करने और उनमें हस्तक्षेप करने की अनुमति देता है।  * डेटा अधिग्रहण (Data Acquisition): यह सेंसर, वाल्व, पंप, मोटर जैसे विभिन्न उपकरणों से वास्तविक समय (real-time) डेटा एकत्र करता है और उसे रिकॉर्ड करता है।  * डेटा प्रोसेसिंग और विश्लेषण: एकत्र किए गए डेटा को प्रोसेस करता है और ऑपरेटरों को रुझानों का विश्लेषण करने, प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद कर...

HMI और SCADA औद्योगिक स्वचालन (industrial automation) में दो महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं जो एक साथ काम करती हैं लेकिन उनके अलग-अलग उद्देश्य होते हैं।

 HMI और SCADA औद्योगिक स्वचालन (industrial automation) में दो महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं जो एक साथ काम करती हैं लेकिन उनके अलग-अलग उद्देश्य होते हैं। HMI (Human-Machine Interface - मानव-मशीन इंटरफ़ेस)  * क्या है? HMI एक यूजर इंटरफेस है जो ऑपरेटरों को मशीनों और प्रक्रियाओं के साथ बातचीत करने की अनुमति देता है। यह एक ग्राफिकल डिस्प्ले (जैसे टचस्क्रीन) या भौतिक नियंत्रण पैनल (बटन, लीवर) हो सकता है।  * उद्देश्य: HMI का मुख्य उद्देश्य ऑपरेटरों को मशीन की स्थिति, प्रक्रिया डेटा (जैसे तापमान, दबाव, गति) को वास्तविक समय में देखने और मशीन सेटिंग्स को समायोजित करने के लिए एक सहज और दृश्यमान तरीका प्रदान करना है। यह एक "माइक्रो" स्तर पर काम करता है, अक्सर किसी विशिष्ट मशीन या उपकरण से जुड़ा होता है।  * उदाहरण: एक बॉटलिंग प्लांट में, एक ऑपरेटर HMI का उपयोग करके कन्वेयर बेल्ट की गति को समायोजित कर सकता है या फिलिंग मशीन के प्रदर्शन की निगरानी कर सकता है। SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition - पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण)  * क्या है? SCADA एक बड़े पैमाने पर ...

सीढ़ी प्रोग्रामिंग (Ladder Programming) निर्देश सेट, जिसे सीढ़ी तर्क (Ladder Logic) भी कहा जाता है, प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को प्रोग्राम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक ग्राफिकल प्रोग्रामिंग भाषा है। यह रिले तर्क (relay logic) आरेख पर आधारित है, जो इसे इलेक्ट्रिकल और कंट्रोल इंजीनियरों के लिए समझने में आसान बनाता है।

 सीढ़ी प्रोग्रामिंग (Ladder Programming) निर्देश सेट, जिसे सीढ़ी तर्क (Ladder Logic) भी कहा जाता है, प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को प्रोग्राम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक ग्राफिकल प्रोग्रामिंग भाषा है। यह रिले तर्क (relay logic) आरेख पर आधारित है, जो इसे इलेक्ट्रिकल और कंट्रोल इंजीनियरों के लिए समझने में आसान बनाता है। मुख्य तत्व और निर्देश  सीढ़ी प्रोग्रामिंग निर्देश सेट में कुछ मुख्य तत्व और निर्देश शामिल होते हैं, जो औद्योगिक स्वचालन में नियंत्रण तर्क बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। 1. रंग्स (Rungs) प्रत्येक रंग एक नियंत्रण समीकरण (control equation) का प्रतिनिधित्व करता है और एक विद्युत सीढ़ी के एक कदम के समान होता है। यह बाएं से दाएं चलता है। 2. इनपुट (Inputs)  इनपुट विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं और आमतौर पर सामान्य रूप से खुले (Normally Open - NO) या सामान्य रूप से बंद (Normally Closed - NC) संपर्कों के रूप में दर्शाए जाते हैं:  * संपर्क (Contacts):    * सामान्य रूप से खुला (NO) संपर्क (---‖---): यह तब तक खुला रहता है जब तक इसे सक्रिय नह...

सीढ़ी प्रोग्रामिंग कूद" (Ladder Programming Jump) का अर्थ है सीढ़ी तर्क प्रोग्रामिंग (Ladder Logic Programming) में जंप (Jump) निर्देश का उपयोग करना। यह एक नियंत्रण निर्देश है जो प्रोग्राम के सामान्य अनुक्रम प्रवाह को बदल देता है।

 "सीढ़ी प्रोग्रामिंग कूद" (Ladder Programming Jump) का अर्थ है सीढ़ी तर्क प्रोग्रामिंग (Ladder Logic Programming) में जंप (Jump) निर्देश का उपयोग करना। यह एक नियंत्रण निर्देश है जो प्रोग्राम के सामान्य अनुक्रम प्रवाह को बदल देता है। सीढ़ी तर्क प्रोग्रामिंग में कूद (Jump in Ladder Logic Programming) सीढ़ी तर्क प्रोग्रामिंग, जिसे अक्सर पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) प्रोग्रामिंग में उपयोग किया जाता है, एक ग्राफिकल प्रोग्रामिंग भाषा है जो विद्युत रिले नियंत्रण सर्किट के आरेख जैसा दिखता है। इसमें, कूद (Jump) निर्देश का उपयोग एक विशिष्ट स्थिति (condition) के आधार पर प्रोग्राम के एक हिस्से को छोड़ने या निष्पादन को किसी अन्य बिंदु पर ले जाने के लिए किया जाता है। कैसे काम करता है? जब जंप निर्देश सक्रिय होता है (यानी, इसकी इनपुट स्थिति सही होती है), तो पीएलसी प्रोसेसर प्रोग्राम के उस हिस्से को छोड़ देता है जो जंप निर्देश और उसके निर्दिष्ट लक्ष्य (target) के बीच होता है। यह सीधे लक्ष्य लेबल पर चला जाता है और वहां से प्रोग्राम को निष्पादित करना जारी रखता है। उपयोग के मामले...

सीढ़ी प्रोग्रामिंग में, लूप्स (Loops) एक या एक से अधिक निर्देशों के ब्लॉक (Block) को बार-बार (Repeatedly) निष्पादित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं जब तक कि एक विशिष्ट शर्त (Condition) पूरी नहीं हो जाती है। यह उन स्थितियों में बहुत उपयोगी होते हैं जहाँ आपको एक ही ऑपरेशन को कई बार दोहराना होता है, जिससे प्रोग्राम कोड को अधिक कुशल और संक्षिप्त बनाया जा सकता है।

 सीढ़ी प्रोग्रामिंग में, लूप्स (Loops) एक या एक से अधिक निर्देशों के ब्लॉक (Block) को बार-बार (Repeatedly) निष्पादित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं जब तक कि एक विशिष्ट शर्त (Condition) पूरी नहीं हो जाती है। यह उन स्थितियों में बहुत उपयोगी होते हैं जहाँ आपको एक ही ऑपरेशन को कई बार दोहराना होता है, जिससे प्रोग्राम कोड को अधिक कुशल और संक्षिप्त बनाया जा सकता है।  सीढ़ी प्रोग्रामिंग में लूप्स के प्रकार सीढ़ी प्रोग्रामिंग में लूप्स के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, हालांकि वे पारंपरिक टेक्स्ट-आधारित प्रोग्रामिंग भाषाओं में पाए जाने वाले जटिल लूप संरचनाओं (जैसे for लूप या while लूप) के समान नहीं होते हैं। सीढ़ी तर्क में, लूपिंग व्यवहार को आमतौर पर इन तरीकों से प्राप्त किया जाता है: 1. सेल्फ-होल्डिंग लूप (Self-Holding Loop) / लैचिंग (Latching) यह एक सामान्य तकनीक है जहाँ एक आउटपुट (Output) अपने इनपुट (Input) को तब तक चालू (On) रखता है जब तक कि उसे किसी अन्य इनपुट द्वारा बंद (Off) नहीं कर दिया जाता। तकनीकी रूप से यह एक "लूप" नहीं है जो निर्देशों को बार-बार निष्पादित करता है, बल्कि यह एक...

सीढ़ी प्रोग्रामिंग (Ladder Programming) में, "काउंटर" (Counter) एक महत्वपूर्ण फंक्शन ब्लॉक है जिसका उपयोग किसी घटना की संख्या को गिनने के लिए किया जाता है। यह पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) प्रोग्रामिंग में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है ताकि सिस्टम में होने वाली घटनाओं, वस्तुओं की गिनती, या किसी प्रक्रिया के चरणों को ट्रैक किया जा सके।

 सीढ़ी प्रोग्रामिंग (Ladder Programming) में, "काउंटर" (Counter) एक महत्वपूर्ण फंक्शन ब्लॉक है जिसका उपयोग किसी घटना की संख्या को गिनने के लिए किया जाता है। यह पीएलसी (PLC - Programmable Logic Controller) प्रोग्रामिंग में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है ताकि सिस्टम में होने वाली घटनाओं, वस्तुओं की गिनती, या किसी प्रक्रिया के चरणों को ट्रैक किया जा सके।  काउंटर के प्रकार (Types of Counters) मुख्यतः सीढ़ी प्रोग्रामिंग में दो प्रकार के काउंटर उपयोग किए जाते हैं:  * अप काउंटर (Up Counter - CTU): यह काउंटर इनपुट पल्स मिलने पर अपनी गणना बढ़ाता है। जब इनपुट पल्स प्राप्त होती है, तो काउंटर का वर्तमान मान (Current Value) एक से बढ़ जाता है। यह तब तक बढ़ता रहता है जब तक यह अपने प्रीसेट मान (Preset Value) तक नहीं पहुंच जाता। प्रीसेट मान पर पहुंचने पर, काउंटर का आउटपुट सक्रिय (ON) हो जाता है।   * डाउन काउंटर (Down Counter - CTD): यह काउंटर इनपुट पल्स मिलने पर अपनी गणना घटाता है। यह अपने प्रीसेट मान से गिनना शुरू करता है और प्रत्येक इनपुट पल्स के साथ मान एक से घटता जाता है। जब...

Ladder Logic Controller Ladder Logic Controller सीढ़ी प्रोग्रामिंग टाइमर के बारे में कुछ जानकारी मिली है

 मुझे सीढ़ी प्रोग्रामिंग टाइमर के बारे में कुछ जानकारी मिली है:  * हैवेल्स सीढ़ी लाइट टाइम स्विच (0.5-20 मिनट)  * Leyden 230VAC 15A डिजिटल   प्रोग्रामेबल इलेक्ट्रॉनिक टाइमर स्विच.  * एसी 220-240V मैकेनिकल होम उपकरण सीढ़ी इलेक्ट्रॉनिक रिले टाइम स्विच कॉरिडोर टाइमर. क्या आप कुछ और जानना चाहेंगे?